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Brain Tumor अब नहीं रहा लाइलाज: समय पर पहचान और आधुनिक उपचार से बढ़ी मरीजों की उम्मीद

On: June 8, 2026 1:36 PM
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सेहत समाचार: “Brain Tumor” नाम सुनते ही अधिकांश लोगों के मन में भय और अनिश्चितता पैदा हो जाती है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान में पिछले दो दशकों के दौरान हुई क्रांतिकारी प्रगति ने इस गंभीर बीमारी के उपचार और प्रबंधन की तस्वीर बदल दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आज समय पर पहचान, आधुनिक सर्जरी तकनीकों और उन्नत उपचार विकल्पों की बदौलत ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित मरीजों के ठीक होने की संभावना पहले की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गई है।

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टाटा मेन हॉस्पिटल के हेड कंसल्टेंट एवं एचओडी (इनडोर सर्विसेज) डॉ. जीवेश मल्लिक के अनुसार, ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क या उसकी झिल्लियों में असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि के कारण विकसित होता है। यह ट्यूमर बेनाइन (गैर-कैंसरकारी) या मैलिग्नेंट (कैंसरकारी) दोनों प्रकार का हो सकता है।

हर साल सामने आते हैं हजारों मामले

विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेन ट्यूमर अन्य प्रमुख कैंसरों की तुलना में कम पाया जाता है, लेकिन यह अब भी एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। विश्व स्तर पर प्रति एक लाख आबादी में लगभग 10 से 15 लोगों में हर वर्ष ब्रेन ट्यूमर का निदान होता है।

भारत में भी हर साल हजारों नए मरीज सामने आते हैं। एमआरआई और अन्य आधुनिक जांच सुविधाओं की बढ़ती उपलब्धता के कारण अब बीमारी का पता पहले की तुलना में अधिक जल्दी लगाया जा रहा है, जिससे उपचार के बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।

Brain Tumor: क्या हैं इसके कारण?

डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मामलों में ब्रेन ट्यूमर के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाता। हालांकि कुछ मामलों में यह आनुवंशिक कारणों या लंबे समय पहले उच्च स्तर के रेडिएशन के संपर्क से जुड़ा हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मरीजों में कोई स्पष्ट जोखिम कारक नहीं मिलता, इसलिए जागरूकता और लक्षणों की समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण उसके आकार, स्थान और बढ़ने की गति पर निर्भर करते हैं।

प्रमुख चेतावनी संकेत

  • लगातार या बढ़ता हुआ सिरदर्द
  • सुबह के समय उल्टी होना
  • अचानक दौरे पड़ना
  • हाथ या पैर में कमजोरी
  • बोलने में कठिनाई
  • चलने के दौरान संतुलन बिगड़ना
  • दोहरा दिखाई देना
  • याददाश्त कमजोर होना
  • व्यवहार या व्यक्तित्व में बदलाव
  • अत्यधिक नींद आना

बच्चों में सिर का आकार असामान्य रूप से बढ़ना, विकास में देरी और बार-बार उल्टी होना भी गंभीर संकेत माने जाते हैं।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर के कारण नहीं होते, लेकिन कुछ परिस्थितियों में तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक हो जाता है।

तुरंत जांच की जरूरत कब?

  • पहली बार दौरा पड़ने पर
  • शरीर के किसी हिस्से में लगातार कमजोरी महसूस होने पर
  • अचानक बोलने या देखने में समस्या होने पर
  • बिना कारण संतुलन बिगड़ने पर
  • लगातार बढ़ते सिरदर्द की स्थिति में

डॉ. मल्लिक के अनुसार समय पर जांच और निदान कई गंभीर जटिलताओं को रोक सकता है।

आधुनिक तकनीकों ने बदली इलाज की तस्वीर

विशेषज्ञ बताते हैं कि ब्रेन ट्यूमर का उपचार उसके प्रकार, स्थान और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

कई मामलों में सर्जरी प्रमुख उपचार होती है। आधुनिक न्यूरोसर्जरी तकनीकों जैसे ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप और इमेज-गाइडेड सर्जरी की मदद से अब ट्यूमर को अधिक सुरक्षित और सटीक तरीके से हटाया जा सकता है।

टाटा मेन हॉस्पिटल में वयस्कों और बच्चों दोनों के लिए ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप की सहायता से ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी नियमित रूप से की जा रही है, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार और बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।

गामा नाइफ और नई तकनीकों से बढ़ी उम्मीद

ब्रेन ट्यूमर के उपचार में रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

हाल के वर्षों में गामा नाइफ रेडियोसर्जरी जैसी उन्नत तकनीकों ने उपचार को और प्रभावी बनाया है। इस तकनीक में बिना किसी चीरे के अत्यधिक केंद्रित रेडिएशन के माध्यम से चयनित ट्यूमर का उपचार किया जाता है।

इसके अलावा मॉलिक्यूलर जांच की सहायता से अब प्रत्येक मरीज के लिए व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जा रही है, जिससे उपचार की सफलता दर बढ़ रही है।

भविष्य के उपचारों पर शोध जारी

दुनियाभर के वैज्ञानिक और शोधकर्ता ब्रेन ट्यूमर के लिए नई उपचार तकनीकों पर काम कर रहे हैं।

इनमें शामिल हैं:

  • जीन थेरेपी
  • इम्यूनोथेरेपी
  • ट्यूमर वैक्सीन
  • टारगेटेड थेरेपी

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ये तकनीकें ब्रेन ट्यूमर के उपचार में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।

Brain Tumor: समय पर पहचान ही सबसे बड़ा हथियार

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेन ट्यूमर से लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका समय पर पहचान और विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श की है।

डॉ. जीवेश मल्लिक के अनुसार यदि न्यूरोलॉजिकल लक्षण लगातार बने रहते हैं तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, उन्नत सर्जरी तकनीकों और नए उपचार विकल्पों की बदौलत आज ब्रेन ट्यूमर के मरीजों के लिए पहले की तुलना में कहीं अधिक उम्मीद और बेहतर भविष्य उपलब्ध है।

ब्रेन ट्यूमर एक गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन अब यह पहले की तरह निराशा का पर्याय नहीं रह गया है। समय पर जांच, सही उपचार और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के सहयोग से हजारों मरीज सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और शुरुआती पहचान ही इस बीमारी से सफलतापूर्वक लड़ने की सबसे बड़ी कुंजी है।

लेखक: डॉ. जीवेश मल्लिक हेड कंसल्टेंट एंड एचओडी (इनडोर सर्विसेज), टाटा मेन हॉस्पिटल

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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