
रांची। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बुधवार को राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में यूट्यूबर्स और अनधिकृत मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया। उन्होंने कहा कि कई यूट्यूबर व मीडिया कर्मी अस्पतालों की छवि को बदनाम कर रहे हैं, जिससे आम जनता और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच भ्रम और असंतोष की स्थिति पैदा हो रही है।

डॉ. अंसारी ने कहा कि
“राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। जब तक संस्थानों को सशक्त नहीं किया जाएगा, तब तक स्वास्थ्य व्यवस्था मज़बूत नहीं हो सकती,” ।
🛑 यूट्यूबर और मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर रोक क्यों?
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कई यूट्यूबर अस्पताल परिसरों में अनधिकृत रूप से घुसकर वीडियो बनाते हैं और सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों की छवि खराब होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आगे से किसी भी अस्पताल में इस तरह की गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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📌 स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर लिए गए मुख्य फैसले
स्वास्थ्य मंत्री नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान के सभागार में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों की गहन समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
🏥 सरकारी अस्पतालों को बनाया जाएगा “वन स्टॉप सॉल्यूशन”
मंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक सरकारी अस्पताल को इस प्रकार सुसज्जित किया जाएगा कि मरीजों को इलाज, जांच और दवा की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकें। इसके लिए आधुनिक तकनीक और संसाधनों का समुचित उपयोग किया जाएगा।
💡 अस्पताल परिसरों में सुधार के निर्देश
- सभी सरकारी अस्पतालों में रंग-रोगन और मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू करने का निर्देश।
- अस्पताल परिसरों में रात्रिकालीन रोशनी के लिए हाई मास्ट और सोलर लाइट की व्यवस्था अनिवार्य।
- अस्पतालों में स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद, संचालन और रख-रखाव के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति होगी।
- निविदा प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और एकीकृत करने पर बल।
🧪 रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और डायलिसिस सेवाएं मजबूत होंगी
- सभी अस्पतालों में स्वयं की रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और डायलिसिस यूनिट स्थापित करने का निर्देश।
- बिचौलियों द्वारा मरीजों से अवैध वसूली पर सख्ती से रोक लगाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आदेश।
- एजेंसियों के भुगतान से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच अनिवार्य की गई।
👨⚕️ रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति
स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य, जिला और प्रखंड स्तर पर रिक्त पदों की जानकारी ली और कहा कि:
- विशेषज्ञ चिकित्सक, मेडिकल ऑफिसर, एएनएम, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, सीएचओ और प्रबंधन से जुड़े सभी खाली पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए।
🔗 रेडियोलॉजी सेवाओं का एकीकरण
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने निर्देश दिया कि रेडियोलॉजी जांच सेवाओं को एकीकृत प्रणाली से जोड़ा जाए, जिससे सभी जिलों में समान गुणवत्ता वाली सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
👥 बैठक में शामिल वरिष्ठ अधिकारी
इस अहम समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक अबु इमरान, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. चंद्र किशोर शाही, प्रशासी पदाधिकारी लक्ष्मी नारायण किशोर सहित सभी प्रमुख कार्यक्रमों के प्रभारी व परामर्शदाता उपस्थित थे।
📌 विशेष बिंदु
- “तेजी का मतलब लापरवाही नहीं है, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में जिम्मेदारी के साथ तेज़ी से काम करना है।”
- “हमारी कोशिश है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को इतना मजबूत बनाया जाए कि आम जनता को प्राइवेट अस्पतालों की ओर न देखना पड़े।”
स्वास्थ्य मंत्री द्वारा उठाया गया यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यूट्यूबर्स और अनधिकृत मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर रोक, अस्पताल परिसरों में सुधार, सेवाओं का एकीकरण और रिक्त पदों पर नियुक्ति जैसे फैसले राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नई दिशा दे सकते हैं।











































