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Galaxy इंगोट प्लांट में फर्नेस ब्लास्ट के बाद फूटा ग्रामीणों का गुस्सा कंपनी गेट जाम कर किया प्रदर्शन

On: June 18, 2026 5:39 PM
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सरायकेला: खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र स्थित भुईंयाडीह में संचालित Galaxy एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (इंगोट प्लांट) में हुए फर्नेस ब्लास्ट के बाद आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण कंपनी के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करते हुए करीब एक घंटे तक कंपनी गेट को जाम कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।

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ग्रामीणों का आरोप है कि घनी आबादी के बीच संचालित इस औद्योगिक इकाई से लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और हालिया विस्फोट ने उनकी आशंकाओं को और गहरा कर दिया है।

तकनीकी गड़बड़ी से हुआ फर्नेस ब्लास्ट

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को प्लांट के फर्नेस में तकनीकी खराबी आने के कारण अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि खौलते हुए लोहे के छींटे काफी दूर तक फैल गए, जिससे पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना के दौरान प्लांट में कार्यरत दो कर्मचारी घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया, जबकि हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कंपनी प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विस्फोट और अधिक बड़ा होता तो आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की जान-माल को भारी नुकसान पहुंच सकता था।

लोगों का आरोप है कि उद्योग परिसर में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जाता, जिससे इस प्रकार की घटनाओं की संभावना बनी रहती है। ग्रामीणों ने कहा कि कंपनी को सुरक्षा के प्रति अधिक जिम्मेदार रवैया अपनाने की आवश्यकता है।

कंपनी गेट पर जुटे ग्रामीण, किया जोरदार प्रदर्शन

बुधवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण कंपनी के मुख्य गेट पर एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गेट को जाम कर दिया, जिससे कुछ समय तक आवागमन प्रभावित रहा।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि वे लंबे समय से उद्योग से होने वाले प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी समस्याओं को लेकर चिंतित हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। हालिया ब्लास्ट ने लोगों के आक्रोश को और बढ़ा दिया।

प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे

घटना और प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। सरायकेला-चांडिल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तथा चांडिल थाना प्रभारी ने कंपनी परिसर का निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने फर्नेस ब्लास्ट के कारणों की जानकारी ली और सुरक्षा उपकरणों, मशीनों तथा अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और मांगों को भी सुना।

ग्रामीणों ने रखीं कई महत्वपूर्ण मांगें

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं। उन्होंने कंपनी से सटी सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने की मांग की ताकि धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके।

इसके अलावा सड़क किनारे पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और घनी आबादी के बीच संचालित फर्नेस यूनिट को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग भी उठाई गई। ग्रामीणों का कहना था कि औद्योगिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ रहा है।

सुरक्षा और पर्यावरण को लेकर जताई चिंता

ग्रामीणों ने कहा कि उद्योग के संचालन से आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा हमेशा खतरे में बनी रहती है। उनका मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों को मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।

लोगों ने प्रशासन से मांग की कि उद्योगों की नियमित सुरक्षा जांच कराई जाए और पर्यावरणीय मानकों का भी सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

भविष्य में बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और सुरक्षा संबंधी आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना था कि किसी भी उद्योग से पहले स्थानीय लोगों की सुरक्षा और जीवन सबसे महत्वपूर्ण है। यदि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा

प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि फर्नेस ब्लास्ट के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा और सुरक्षा मानकों के पालन की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

इसके साथ ही अधिकारियों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने लगभग एक घंटे बाद गेट जाम समाप्त कर दिया और स्थिति सामान्य हो गई।

औद्योगिक सुरक्षा को लेकर फिर उठी बहस

इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और दुर्घटना प्रबंधन व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी उद्योगों में आधुनिक सुरक्षा उपकरण, नियमित तकनीकी जांच और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

साथ ही, घनी आबादी के समीप संचालित औद्योगिक इकाइयों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाना भी जरूरी है ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जनहानि और नुकसान को रोका जा सके।

भुईंयाडीह स्थित Galaxy इंगोट प्लांट में हुए फर्नेस ब्लास्ट के बाद ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन स्थानीय लोगों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को स्पष्ट रूप से सामने लाता है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की बात कही गई है। अब लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट और कंपनी प्रबंधन द्वारा उठाए जाने वाले ठोस कदमों पर टिकी हैं। औद्योगिक विकास के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और प्रभावी दुर्घटना प्रबंधन सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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