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इलाज के दौरान महिला की मौत, आक्रोशित परिजनों ने रांची–दुमका मुख्य मार्ग किया जाम

On: January 8, 2026 10:04 PM
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  • मुआवजे की मांग को लेकर घंटों ठप रहा यातायात, प्रशासन ने हटवाया जाम

गिरिडीह | संतोष कुमार तर्वे, जिला संवाददाता

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गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बागोडीह चौक स्थित एक निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान 55 वर्षीय महिला की मौत के बाद इलाके में तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया। मृतका की पहचान चौबे गांव निवासी अंजनी देवी (55 वर्ष) के रूप में की गई है।

इलाज के दौरान मौत का आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार अंजनी देवी को सर्दी-खांसी की शिकायत थी, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें बागोडीह चौक स्थित उमा पोली क्लिनिक एंड डायग्नोस्टिक में इलाज के लिए भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान गलत दवा दिए जाने के कारण महिला की तबीयत बिगड़ गई और शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई।

मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। अहले सुबह क्लिनिक परिसर में काफी हो-हल्ला हुआ, जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने मृत महिला के शव को रांची–दुमका मुख्य मार्ग के बीचोंबीच रखकर सड़क जाम कर दिया।

मुख्य मार्ग घंटों रहा जाम

सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। जाम की सूचना मिलते ही सरिया थाना की पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी पूरे दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

मुआवजे को लेकर अड़े परिजन

काफी समझाने-बुझाने के बावजूद परिजन मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान क्लिनिक के डॉक्टर एस. कुमार ने बातचीत के क्रम में दाह-संस्कार हेतु 10,000 रुपये की सहयोग राशि देने की बात कही, जिस पर परिजनों की सहमति लगभग बनती नजर आई।
हालांकि, इसी बीच चौबे गांव से आए कुछ ग्रामीण इस प्रस्ताव से असंतुष्ट रहे और अधिक मुआवजे की मांग को लेकर अड़े रहे, जिससे विवाद और बढ़ गया।

डॉक्टर पक्ष का बयान

वहीं, क्लिनिक से जुड़े डॉक्टर सोनू कुमार (एस. बर्नवाल) ने आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि—

“इलाज के बाद महिला की हालत में सुधार हुआ था। वह स्वस्थ महसूस कर रही थी और अपने घर चौबे गांव भी चली गई थी। देर रात घर पर ही उनकी तबीयत बिगड़ी और सुबह परिजन मृत शरीर को क्लिनिक के बाहर रखकर जाम करते हुए मुआवजे की मांग करने लगे।”

पोस्टमार्टम की तैयारी, आवेदन देने की बात

काफी मशक्कत के बाद स्थानीय प्रशासन ने सड़क जाम हटवाया और यातायात बहाल कराया। प्रशासन ने मृत महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की बात कही है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।

परिजनों ने घटना को लेकर प्रशासन को लिखित आवेदन देने की बात कही है। उनका आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही और गलत दवा के कारण ही अंजनी देवी की जान गई है।

प्रशासन की स्थिति

खबर लिखे जाने तक स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक या स्पष्ट प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी। मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होने की संभावना है।

निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान महिला की मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि मौत लापरवाही का नतीजा थी या प्राकृतिक कारणों से हुई।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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