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श्री श्री Dakshineswari काली मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़ विधि-विधान से हुई पूजा

On: August 13, 2026 11:22 AM
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जमशेदपुर: बर्मामाइन्स स्थित इस्ट प्लांट बस्ती के श्री श्री Dakshineswari काली मंदिर में बुधवार को श्रावण मास की अमावस्या के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही और भक्तों ने मां काली के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।

श्रावण अमावस्या पर विशेष पूजा का आयोजन

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श्रावण मास की अमावस्या के अवसर पर मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न कराई गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया।

मां काली का किया गया स्नान और भव्य श्रृंगार

विशेष पूजा के अवसर पर मां काली का विधिवत स्नान कराया गया। इसके बाद माता का भव्य श्रृंगार किया गया। आकर्षक श्रृंगार के बाद मां काली का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। भक्तों ने कतार में लगकर मां के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।

पुरोहित विश्वजीत ने संपन्न कराई पूजा

मंदिर में आयोजित विशेष पूजा-अर्चना को पुरोहित विश्वजीत ने पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराया। पूजा के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां काली की आराधना कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

श्रद्धालुओं के बीच बांटा गया भोग प्रसाद

पूजा संपन्न होने के बाद मंदिर कमिटी की ओर से श्रद्धालुओं के बीच भोग प्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखने को मिली।

श्रावण मास का सनातन धर्म में विशेष महत्व

मंदिर कमिटी के अध्यक्ष गलविंदर सिंह ग्वाले ने कहा कि सनातन धर्म में श्रावण मास का विशेष महत्व है। पूरे श्रावण मास में बड़ी संख्या में लोग भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हैं और धार्मिक नियमों का पालन करते हैं।

श्रावण में मांसाहारी भोजन का करते हैं त्याग

गलविंदर सिंह ग्वाले ने कहा कि श्रावण मास के दौरान कई श्रद्धालु मांसाहारी भोजन का त्याग करते हैं और भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन रहते हैं। इस महीने में मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

मां काली और भगवान शिव का विशेष संबंध

मंदिर कमिटी के अध्यक्ष ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जहां मां काली विराजमान होती हैं, वहां भगवान भोले भंडारी शिव का भी विशेष स्थान माना जाता है। ऐसे में श्रावण मास की अमावस्या के दिन मां काली की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

भक्तों में दिखा उत्साह

विशेष पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही भक्त मंदिर पहुंचने लगे थे। पूजा के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां काली के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

मंदिर कमिटी के सदस्यों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

आयोजन को सफल बनाने में मंदिर कमिटी के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कमिटी के सदस्यों ने पूजा की व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण तक की जिम्मेदारी संभाली।

श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा मंदिर परिसर

श्रावण अमावस्या के अवसर पर आयोजित विशेष पूजा के कारण पूरा मंदिर परिसर श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा। मां काली के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा में हिस्सा लिया और परिवार की खुशहाली की कामना की।

श्री श्री Dakshineswari काली मंदिर में श्रावण अमावस्या के अवसर पर आयोजित विशेष पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मां काली के स्नान और भव्य श्रृंगार के बाद विधि-विधान से पूजा संपन्न हुई। पूजा के बाद भक्तों के बीच भोग प्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर कमिटी के सदस्यों के सहयोग से पूरा आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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