- भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने नागरिकों से की सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और घायलों की सहायता की अपील
जमशेदपुर, 2 जून। भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन, जिला पूर्वी सिंहभूम के जिला अध्यक्ष एस.एन. पाल ने सड़क सुरक्षा, मानवीय दायित्व और दुर्घटना पीड़ितों की सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर आम नागरिकों को जागरूक करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में लोगों को कानून के भय से पीछे नहीं हटना चाहिए, बल्कि मानवता के नाते घायल व्यक्ति की सहायता करनी चाहिए।
आपातकालीन वाहनों को रास्ता देना हर नागरिक की जिम्मेदारी
एस.एन. पाल ने बताया कि भारत में सड़क दुर्घटना होने पर कानून के अनुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाती है। वहीं, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और पुलिस जैसे आपातकालीन सेवा वाहनों को ड्यूटी के दौरान विशेष परिस्थितियों में कुछ यातायात नियमों से छूट प्रदान की जाती है, ताकि वे समय पर घटनास्थल तक पहुंच सकें और लोगों की जान-माल की रक्षा कर सकें।
उन्होंने कहा कि जब भी कोई एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड या पुलिस वाहन सायरन बजाते हुए आपातकालीन ड्यूटी पर हो, तो वाहन चालकों को तत्काल उन्हें रास्ता देना चाहिए। कुछ सेकंड का सहयोग किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकता है।

TMH के पास हुई दुर्घटना पर जताया दुःख
जिला अध्यक्ष ने 1 जून को टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) के निकट हुई सड़क दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जुगसलाई निवासी एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
इस घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में लोगों को घायल व्यक्ति की तत्काल सहायता करनी चाहिए, क्योंकि समय पर अस्पताल पहुंचाने से कई बार किसी की जान बचाई जा सकती है।
“गुड समैरिटन” कानून देता है मददगारों को सुरक्षा
एस.एन. पाल ने बताया कि भारत में लागू “गुड समैरिटन (Good Samaritan) दिशानिर्देश” के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को अनावश्यक कानूनी परेशानियों से संरक्षण प्रदान किया गया है।
उन्होंने कहा कि कई लोग पुलिस कार्रवाई या कानूनी प्रक्रिया के डर से घायलों की मदद करने से बचते हैं, जबकि कानून ऐसे मददगार नागरिकों को सुरक्षा देता है। इसलिए हर व्यक्ति को मानवता का परिचय देते हुए जरूरतमंद की सहायता करनी चाहिए।
सड़क सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी
भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने सभी वाहन चालकों से अपील की कि वे वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतें और यातायात नियमों का पालन करें। लापरवाही से वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि दूसरों के जीवन को भी खतरे में डाल सकता है।
युवाओं को स्टंटबाजी और रेस ड्राइविंग से बचने की सलाह
एस.एन. पाल ने विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया या यूट्यूब पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए सड़क पर रेस ड्राइविंग, स्टंटबाजी और खतरनाक वाहन संचालन से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां न केवल दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं, बल्कि स्वयं और अन्य लोगों के जीवन को भी गंभीर जोखिम में डालती हैं।
जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान
भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने सभी नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि मानवता, संवेदनशीलता और जागरूकता ही सुरक्षित समाज की आधारशिला है।
प्रमुख बातें
🔹 दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को कानून संरक्षण देता है।
🔹 एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस वाहनों को तत्काल रास्ता दें।
🔹 TMH के निकट हुई दुर्घटना पर मानवाधिकार एसोसिएशन ने जताया दुःख।
🔹 युवाओं से रेस ड्राइविंग और स्टंटबाजी से दूर रहने की अपील।
🔹 सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और मानवीय सहयोग का दिया संदेश।
“सड़क पर आपकी जिम्मेदारी और मानवता किसी की जान बचा सकती है।” – एस.एन. पाल














