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Jamshedpur के स्कूलों में डाक विभाग का विशेष अभियान नन्हे हाथों से सजे स्नेह के धागे सरहद के प्रहरियों और प्रधानमंत्री को भेजीं राखियां

On: August 22, 2026 9:16 PM
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जमशेदपुर: Jamshedpur रक्षाबंधन के पावन पर्व को विशेष बनाने और बच्चों को भाई-बहन के स्नेह के साथ-साथ देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी तथा पारंपरिक डाक संस्कृति से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय डाक विभाग, सिंहभूम डाक प्रमंडल की ओर से विशेष अभियान ‘राखी बनाओ और भेजो’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जमशेदपुर के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों में राखी मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

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टेल्को और कदमा स्थित वैली व्यू स्कूल, गुलमोहर हाई स्कूल, डीबीएमएस करियर एकेडमी और डीबीएमएस कदमा हाई स्कूल में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक राखियां तैयार कीं और उनमें अपने स्नेह, शुभकामनाओं तथा राष्ट्रप्रेम की भावना को पिरोया।

इन आयोजनों की विशेष बात यह रही कि बच्चों ने अपनी बनाई राखियों को केवल परिवार तक सीमित नहीं रखा, बल्कि देश की सीमाओं पर तैनात जवानों और कर्मयोगियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें भी राखियां भेजीं। कुछ विद्यार्थियों ने देश के प्रधानमंत्री के नाम भी राखियां भेजकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

राखी के धागों में दिखा राष्ट्रप्रेम

रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है, लेकिन जमशेदपुर के इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इसे देशसेवा और राष्ट्रप्रेम से जोड़कर एक विशेष संदेश दिया।

बच्चों ने अपने हाथों से तैयार राखियों में रंग-बिरंगे धागों, मोतियों, पर्यावरण-अनुकूल सामग्री और विभिन्न पारंपरिक प्रतीकों का प्रयोग किया। हर राखी के पीछे बच्चों की कल्पना, मेहनत और भावनाएं दिखाई दीं।

इन राखियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने उन लोगों के प्रति सम्मान प्रकट किया, जो देश की सुरक्षा, व्यवस्था और सेवा में दिन-रात अपना योगदान दे रहे हैं।

वैली व्यू स्कूल, टेल्को में राष्ट्रप्रेम और संस्कृति का संगम

टेल्को स्थित वैली व्यू स्कूल में राखी मेकिंग कार्यक्रम का शुभारंभ डाक विभाग के अधिकारी श्री उज्जवल दास गुप्ता और श्री निशांत कुमार तथा विद्यालय की प्राचार्या मिसेज मिक्की सिंह और उप-प्राचार्य श्री जे. रमेश ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। बच्चों ने पारंपरिक धागों, मोतियों, इको-फ्रेंडली सामग्रियों और सनातन प्रतीकों का इस्तेमाल कर सुंदर और आकर्षक राखियां तैयार कीं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में रक्षाबंधन की भावना के साथ देशभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों का सुंदर संगम देखने को मिला।

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जवानों और कर्मयोगियों को समर्पित की गईं राखियां

वैली व्यू स्कूल की प्राचार्या मिसेज मिक्की सिंह ने कहा कि बच्चों द्वारा बनाई गई राखियां सरहद पर 24 घंटे देश की रक्षा में तैनात वीर जवानों, पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मयोगियों तक पहुंचाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि इन राखियों के माध्यम से बच्चे देश के उन लोगों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं, जो अपने परिवारों से दूर रहकर देश और समाज की सेवा में लगे हुए हैं।

उन्होंने इस पहल को बच्चों के भीतर संवेदना, सम्मान और राष्ट्रप्रेम विकसित करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश

वैली व्यू स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। डाक विभाग के अधिकारियों को विद्यालय की ओर से पौधे (सैपलिंग) भेंट किए गए।

इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की खुशी मनाने के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है।

गुलमोहर हाई स्कूल में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

गुलमोहर हाई स्कूल, टेल्को में भी राखी मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

विद्यार्थियों ने ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ और पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों का उपयोग करते हुए सुंदर एवं रचनात्मक राखियां तैयार कीं। बच्चों की बनाई राखियों में उनकी कल्पनाशीलता और सामाजिक संदेश दोनों दिखाई दिए।

प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी कला प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने का भी अवसर प्रदान किया।

प्रधानमंत्री और सेना के जवानों को समर्पित की राखियां

गुलमोहर हाई स्कूल के कार्यक्रम का सबसे विशेष और गौरवपूर्ण पहलू यह रहा कि विद्यार्थियों ने अपनी बनाई राखियों को अपने भाइयों के साथ-साथ देश के माननीय प्रधानमंत्री और सीमाओं पर तैनात सेना के जवानों के नाम भी समर्पित किया।

बच्चों ने राखियों के साथ अपने संदेश भी तैयार किए। उनके संदेशों में देश के प्रति प्रेम, सैनिकों के प्रति सम्मान और शुभकामनाओं की भावना दिखाई दी।

इस पहल ने रक्षाबंधन के त्योहार को व्यापक सामाजिक और राष्ट्रीय भावना से जोड़ने का काम किया।

स्कूल परिसर में डाक विभाग ने उपलब्ध कराई विशेष सुविधा

विद्यार्थियों की सुविधा के लिए डाक विभाग की ओर से स्कूल परिसर में ही विशेष लिफाफे और स्पीड पोस्ट की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।

इस सुविधा के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी बनाई राखियों और संदेशों को संबंधित लोगों तक भेजने की प्रक्रिया को स्वयं समझा और उसमें भाग लिया।

इससे बच्चों को पारंपरिक डाक व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त हुई और उन्हें यह अनुभव भी मिला कि पत्र एवं डाक के माध्यम से भावनाओं को किस तरह दूर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।

डीबीएमएस करियर एकेडमी में 50 विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह

कदमा स्थित डीबीएमएस करियर एकेडमी में भी राखी मेकिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परीक्षाओं के व्यस्त समय के बावजूद करीब 50 विद्यार्थियों ने इस पहल में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

विद्यार्थियों ने देश के प्रहरियों के लिए आकर्षक और सुंदर राखियां तैयार कीं। उन्होंने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से जवानों के प्रति सम्मान और आभार की भावना को व्यक्त किया।

कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह यह दर्शाता रहा कि पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों में भी विद्यार्थियों की रुचि बनी हुई है।

डिजिटल युग में पत्र संस्कृति को जीवंत करने का प्रयास

डीबीएमएस करियर एकेडमी की प्राचार्या श्रीमती सोमा बनर्जी ने डाक विभाग की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज का समय डिजिटल संचार का है, जहां बच्चे संदेश भेजने के लिए मोबाइल और इंटरनेट पर अधिक निर्भर हैं।

ऐसे समय में बच्चों को लिफाफा लिखने, पत्र भेजने और पारंपरिक डाक व्यवस्था से जोड़ना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को अपनी पारंपरिक जड़ों, मानवीय संवेदनाओं और पत्र संस्कृति से दोबारा जोड़ने का सराहनीय प्रयास है।

उन्होंने कहा कि हाथ से लिखे संदेश में भावनाओं की एक अलग गहराई होती है और इस तरह के आयोजन बच्चों को उस भावना का अनुभव कराते हैं।

डीबीएमएस कदमा हाई स्कूल में भी आयोजित हुई प्रतियोगिता

डीबीएमएस कदमा हाई स्कूल में भी ‘राखी बनाओ और राखी भेजो’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 50 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति का इस्तेमाल करते हुए सुंदर राखियां बनाईं और उन्हें देश के जवानों के प्रति सम्मान की भावना के साथ समर्पित किया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को रक्षाबंधन के धार्मिक एवं सामाजिक महत्व के साथ-साथ देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के योगदान के बारे में भी बताया गया।

पारिवारिक मूल्यों और देशभक्ति का संदेश

डीबीएमएस कदमा हाई स्कूल की प्राचार्या गुरप्रीत भामरा और आर्ट टीचर निशा राज ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और जिम्मेदारी की भावना का प्रतीक भी है। जब बच्चे जवानों के लिए राखियां बनाते हैं, तो उनके मन में देश की सुरक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना और मजबूत होती है।

डाक विभाग ने स्कूल प्रबंधन को किया सम्मानित

कार्यक्रम के समापन अवसर पर डाक विभाग के अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन को सम्मानित किया। साथ ही राखी मेकिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया।

इस अवसर पर बच्चों को उनके रचनात्मक प्रयास के लिए प्रोत्साहित किया गया। इससे विद्यार्थियों में आगे भी सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की भावना मजबूत हुई।

बच्चों की रचनात्मकता को मिला मंच

‘राखी बनाओ और भेजो’ अभियान ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने का एक बेहतर मंच प्रदान किया। बच्चों ने साधारण सामग्री से बेहद आकर्षक राखियां बनाकर यह साबित किया कि रचनात्मकता के लिए महंगे संसाधनों की नहीं, बल्कि कल्पना और मेहनत की जरूरत होती है।

‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह भी संदेश मिला कि अनुपयोगी वस्तुओं को रचनात्मक तरीके से उपयोग में लाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।

पारंपरिक डाक संस्कृति से जुड़ी नई पीढ़ी

डिजिटल युग में जहां संदेश कुछ ही सेकंड में मोबाइल के माध्यम से पहुंच जाता है, वहीं इस अभियान ने बच्चों को पत्र और डाक व्यवस्था की पुरानी परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया।

लिफाफा तैयार करना, संदेश लिखना, राखी पैक करना और उसे डाक के माध्यम से भेजना बच्चों के लिए एक नया अनुभव रहा। इससे उन्हें पारंपरिक डाक संस्कृति की उपयोगिता और भावनात्मक महत्व को समझने का अवसर मिला।

जवानों के प्रति सम्मान की भावना हुई मजबूत

देश की सीमाओं पर तैनात जवान अपने परिवारों से दूर रहकर राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान देते हैं। विद्यार्थियों द्वारा उनके लिए राखियां तैयार करना इस बात का प्रतीक है कि देश की नई पीढ़ी भी उनके त्याग और सेवा को समझती है।

बच्चों की ओर से भेजी गई राखियां केवल एक धागा नहीं, बल्कि देश के प्रहरियों के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता का संदेश हैं।

सामाजिक जुड़ाव और राष्ट्रप्रेम का अनूठा प्रयास

सिंहभूम डाक प्रमंडल का यह अभियान बच्चों की रचनात्मकता को राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जुड़ाव के साथ जोड़ने की अनूठी पहल साबित हुआ। विभिन्न स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को कला, पर्यावरण, पारंपरिक डाक व्यवस्था और देशभक्ति जैसे विषयों से एक साथ जोड़ा गया।

यह पहल इस मायने में भी महत्वपूर्ण रही कि इसमें बच्चों ने केवल प्रतियोगिता के लिए राखियां नहीं बनाईं, बल्कि अपनी भावनाओं को उन लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जो समाज और देश की सेवा में समर्पित हैं।

Jamshedpur के विभिन्न विद्यालयों में भारतीय डाक विभाग, सिंहभूम डाक प्रमंडल द्वारा चलाया जा रहा ‘राखी बनाओ और भेजो’ अभियान रक्षाबंधन के पर्व को एक व्यापक सामाजिक और राष्ट्रीय भावना से जोड़ने में सफल रहा।

वैली व्यू स्कूल, गुलमोहर हाई स्कूल, डीबीएमएस करियर एकेडमी और डीबीएमएस कदमा हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, संवेदनशीलता और राष्ट्रप्रेम का परिचय दिया।

नन्हे हाथों से तैयार राखियों ने यह संदेश दिया कि देश के जवानों और कर्मयोगियों के प्रति सम्मान की भावना उम्र की मोहताज नहीं होती। वहीं, डाक विभाग की इस पहल ने डिजिटल दौर में पत्र संस्कृति को भी नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास किया।

राखी के इन स्नेहभरे धागों में भाई-बहन के प्रेम के साथ-साथ देशभक्ति, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक संवेदना और राष्ट्र के प्रहरियों के प्रति सम्मान की भावना भी मजबूती से दिखाई दी।

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