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Adityapur में वार्ड 32 में ईमानदारी की मिसाल राजदेव ठाकुर ने लौटाए 3000 रुपये और जरूरी कागजात

On: August 22, 2026 8:35 PM
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आदित्यपुर: आज के समय में जहां छोटी-सी लापरवाही भी किसी व्यक्ति के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है Adityapur के वार्ड नंबर 32, रोड नंबर 16 निवासी श्री राजदेव ठाकुर ने भी ऐसा ही एक सराहनीय कार्य कर ईमानदारी और मानवता की बेहतरीन मिसाल पेश की है।

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मामला रोड नंबर 16 स्थित भवानी हार्डवेयर से आगे मां दुर्गा मेडिकल के पास का है। यहां किसी अनजान व्यक्ति के महत्वपूर्ण दस्तावेज और नकद रुपये सड़क पर गिर गए थे। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, परिवार के सदस्यों से संबंधित जरूरी कागजात, पोस्ट बैंक का एटीएम कार्ड तथा 3000 रुपये नगद शामिल थे।

इन सामानों पर नजर पड़ने के बाद राजदेव ठाकुर ने उन्हें अपने पास सुरक्षित रख लिया। उन्होंने पैसे और कागजात को अपने पास रखने के बजाय उनके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने की पहल की। यही उनकी ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देता है।

राजदेव ठाकुर ने पार्षद को दी सूचना

कागजात मिलने के बाद राजदेव ठाकुर ने तुरंत इसकी जानकारी वार्ड पार्षद श्रीमती मालती देवी को दी। उन्होंने पार्षद से आग्रह किया कि दस्तावेजों पर दर्ज पता पोटका थाना अंतर्गत कालिकापुर का है, जो आदित्यपुर से काफी दूर है। ऐसे में संबंधित व्यक्ति तक उसके जरूरी कागजात और रुपये पहुंचाने में सहयोग किया जाए।

राजदेव ठाकुर चाहते थे कि किसी भी तरह यह सामान सही व्यक्ति तक सुरक्षित पहुंचाया जाए, ताकि उसके महत्वपूर्ण दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल न हो और गरीब व्यक्ति को अपने रुपये तथा कागजात के लिए परेशान न होना पड़े।

पार्षद मालती देवी ने बेटे विष्णु देव गिरी को दी जिम्मेदारी

राजदेव ठाकुर की सूचना मिलने के बाद वार्ड पार्षद श्रीमती मालती देवी ने पूरे मामले की जानकारी अपने पुत्र श्री विष्णु देव गिरी को दी। इसके बाद विष्णु देव गिरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने स्तर पर दस्तावेजों के वास्तविक मालिक की तलाश शुरू की।

चूंकि दस्तावेजों पर दर्ज पता कालिकापुर का था, इसलिए व्यक्ति तक पहुंचना आसान नहीं था। इसके बावजूद विष्णु देव गिरी ने हार नहीं मानी और स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू की।

कालिकापुर के जनप्रतिनिधि से किया संपर्क

विष्णु देव गिरी ने जानकारी जुटाने के क्रम में कालिकापुर के जनप्रतिनिधि श्री धीरेन भकत से संपर्क किया। उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी गई और दस्तावेजों पर दर्ज नाम-पते के आधार पर संबंधित व्यक्ति की पहचान करने का अनुरोध किया गया।

श्री धीरेन भकत ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने गांव में खोजबीन शुरू की। स्थानीय स्तर पर पूछताछ और जानकारी जुटाने के बाद आखिरकार पता चला कि सड़क पर मिले कागजात और रुपये शंकर मुर्मू के हैं।

शंकर मुर्मू के दस्तावेज होने की हुई पुष्टि

खोजबीन के बाद यह जानकारी सामने आई कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, परिवार के सदस्यों के दस्तावेज, पोस्ट बैंक का एटीएम कार्ड और 3000 रुपये नगद श्री शंकर मुर्मू के हैं।

शंकर मुर्मू एक गरीब मजदूर बताए गए हैं। उनके लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ 3000 रुपये का महत्व काफी अधिक था। दस्तावेज खो जाने की स्थिति में उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता था।

लेकिन राजदेव ठाकुर की ईमानदारी और विष्णु देव गिरी तथा धीरेन भकत के प्रयासों के कारण उनका सामान सुरक्षित वापस मिल सका।

22 अगस्त को सम्मान के साथ लौटाए गए रुपये और कागजात

शनिवार, 22 अगस्त 2026 को प्रातः 11 बजे इस पूरे मामले का सुखद समापन हुआ। वार्ड पार्षद श्रीमती मालती देवी, गणमान्य व्यक्ति श्री श्याम बिहारी सिंह, श्री सतीश कुमार सिन्हा और श्री सचिंद्र झा की उपस्थिति में श्री राजदेव ठाकुर को सम्मानित किया गया।

इसके बाद राजदेव ठाकुर द्वारा सड़क पर मिले शंकर मुर्मू के सभी जरूरी दस्तावेज और 3000 रुपये नगद उन्हें सुरक्षित रूप से वापस कर दिए गए।

इस दौरान मौजूद लोगों ने राजदेव ठाकुर के इस कार्य की सराहना की और उनकी ईमानदारी को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

कागजात और रुपये पाकर भावुक हुए शंकर मुर्मू

अपने खोए हुए जरूरी कागजात और रुपये वापस पाकर शंकर मुर्मू भावुक हो गए। उन्होंने राजदेव ठाकुर सहित सभी सहयोग करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, “आज के समय में इतनी ईमानदारी मिलना मुश्किल है। कोई और होता तो पैसे रख लेता और कागजात फेंक देता। 40 किलोमीटर दूर होने के बावजूद आप लोगों ने मुझे खबर की और मेरा सामान सही-सलामत लौटाया। मैं आप सभी का आभारी हूं।”

शंकर मुर्मू के चेहरे पर अपने जरूरी दस्तावेज और मेहनत की कमाई वापस मिलने की खुशी साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने कहा कि उनके लिए ये कागजात बेहद महत्वपूर्ण थे और इनके खो जाने से उन्हें काफी परेशानी हो सकती थी।

राजदेव ठाकुर की ईमानदारी बनी चर्चा का विषय

राजदेव ठाकुर द्वारा उठाया गया यह कदम आसपास के लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। सड़क पर मिले 3000 रुपये और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने पास रख लेने के बजाय उन्होंने उनके मालिक को तलाशने का प्रयास किया।

आज जब लोगों के बीच व्यक्तिगत स्वार्थ और पैसों को लेकर अनेक तरह की घटनाएं सामने आती हैं, ऐसे समय में राजदेव ठाकुर का यह कार्य समाज को सकारात्मक संदेश देता है।

उनकी ईमानदारी यह बताती है कि इंसानियत और मानवता आज भी समाज में जीवित है। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि हर व्यक्ति दूसरों की परेशानी को अपनी परेशानी समझकर जिम्मेदारी निभाए।

विष्णु देव गिरी की अहम भूमिका

इस पूरे नेक कार्य को अंजाम तक पहुंचाने में श्री विष्णु देव गिरी की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। पार्षद मालती देवी को जानकारी मिलने के बाद उन्होंने स्वयं मामले की खोजबीन शुरू की और कालिकापुर के जनप्रतिनिधि श्री धीरेन भकत से संपर्क किया।

लगातार प्रयास के बाद शंकर मुर्मू की पहचान हो सकी और उन्हें उनके खोए हुए दस्तावेज और रुपये वापस मिल पाए। उनके प्रयासों के कारण आदित्यपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर रहने वाले व्यक्ति तक सूचना पहुंचाना संभव हुआ।

जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने की सराहना

इस पूरे घटनाक्रम में वार्ड पार्षद श्रीमती मालती देवी, विष्णु देव गिरी, कालिकापुर के जनप्रतिनिधि श्री धीरेन भकत तथा स्थानीय गणमान्य लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि सड़क पर मिला सामान उसके वास्तविक मालिक तक सुरक्षित पहुंचे। इस सामूहिक प्रयास ने यह संदेश दिया कि यदि लोग मिलकर किसी अच्छे कार्य के लिए प्रयास करें तो कठिन से कठिन काम भी आसान हो सकता है।

ईमानदारी और मानवता का दिया संदेश

राजदेव ठाकुर की इस पहल ने समाज के सामने ईमानदारी और मानवता का एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने यह साबित किया कि किसी की मजबूरी और परेशानी को समझना ही सच्ची इंसानियत है।

सड़क पर मिले रुपये और दस्तावेज उनके लिए आसानी से अपने पास रखने का अवसर हो सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा न करके सही व्यक्ति तक पहुंचाने का रास्ता चुना। उनके इसी निर्णय ने उन्हें सम्मान का पात्र बनाया।

खुशी-खुशी घर लौटे शंकर मुर्मू

सभी जरूरी दस्तावेज और 3000 रुपये वापस मिलने के बाद शंकर मुर्मू ने खुशी-खुशी राजदेव ठाकुर, वार्ड 32 की जनता, पार्षद श्रीमती मालती देवी और इस नेक कार्य में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने सभी के प्रति धन्यवाद प्रकट किया और संतोष के साथ अपने घर लौट गए। उनके लिए यह सिर्फ रुपये और कागजात वापस मिलने की घटना नहीं थी, बल्कि समाज में इंसानियत और भरोसे के कायम होने का भी उदाहरण था।

समाज के लिए प्रेरणादायक घटना

वार्ड 32 की यह घटना समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश लेकर सामने आई है। राजदेव ठाकुर की ईमानदारी, विष्णु देव गिरी की सक्रियता, पार्षद मालती देवी के सहयोग और धीरेन भकत की खोजबीन ने मिलकर एक गरीब मजदूर को उसके जरूरी दस्तावेज और मेहनत की कमाई वापस दिलाई।

ऐसे कार्य समाज में विश्वास और भाईचारे को मजबूत करते हैं। जरूरत है कि इस तरह की सकारात्मक घटनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि अन्य लोग भी ईमानदारी और मानवता के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित हों।

राजदेव ठाकुर द्वारा 3000 रुपये और महत्वपूर्ण दस्तावेज लौटाने की यह पहल निश्चित रूप से वार्ड 32 ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए ईमानदारी, इंसानियत और जिम्मेदार नागरिकता की एक मिसाल है।

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