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बिना पूर्व सूचना वार्डों से सफाई Workers हटाना जनहित के विरुद्ध वार्ड 32 की पार्षद मालती देवी

On: August 7, 2026 4:41 PM
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आदित्यपुर: आदित्यपुर नगर निगम द्वारा विशेष Workers अभियान के नाम पर सभी वार्डों से नियमित सफाई मजदूरों को अचानक हटाकर अभियान में लगाए जाने के फैसले पर वार्ड संख्या-32 की पार्षद श्रीमती मालती देवी ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्षद का कहना है कि नगर निगम के इस निर्णय से वार्डों में नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है और इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है।

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उन्होंने कहा कि विशेष सफाई अभियान चलाना नगर निगम की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके लिए नियमित वार्डों में तैनात सफाई मजदूरों को अचानक हटाना उचित नहीं है। इससे नाली, लेट्रिन, सीवर और अन्य जरूरी सफाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

व्हाट्सएप संदेश के जरिए दी गई सूचना

पार्षद मालती देवी के अनुसार, 06 अगस्त 2026 की शाम करीब 5 बजे नगर निगम की ओर से केवल व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश भेजकर अगले दिन सभी सफाई मजदूरों को विशेष सफाई अभियान में लगाने की जानकारी दी गई।

उन्होंने कहा कि इतनी कम समय की सूचना में वार्ड स्तर पर नियमित सफाई व्यवस्था को बनाए रखना मुश्किल है। 07 अगस्त की सुबह वार्डों में जब सफाई मजदूर नहीं पहुंचे तो नियमित सफाई कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा।

पार्षद का कहना है कि सफाई जैसी आवश्यक नागरिक सेवा में अचानक बदलाव करने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था, ताकि वे अपने-अपने वार्डों में वैकल्पिक व्यवस्था और जरूरी सफाई कार्यों की प्राथमिकता तय कर सकें।

दो दिन पहले लिखित सूचना देने की मांग

श्रीमती मालती देवी ने कहा कि विशेष सफाई अभियान से संबंधित किसी भी निर्णय से पहले संबंधित वार्ड पार्षदों को पत्रांक और दिनांक के साथ कम से कम दो दिन पूर्व विधिवत लिखित सूचना दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश भेजकर अगले दिन से व्यवस्था बदल देना उचित प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं कही जा सकती। स्थानीय जनप्रतिनिधि अपने वार्ड की समस्याओं और नागरिकों की आवश्यकताओं से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए किसी भी बड़े प्रशासनिक निर्णय में उन्हें विश्वास में लेना जरूरी है।

जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेने की जरूरत

पार्षद ने कहा कि नगर निगम और वार्ड पार्षदों के बीच बेहतर समन्वय से ही शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सकता है। यदि बिना किसी पूर्व चर्चा के नियमित सफाई व्यवस्था में बदलाव किया जाता है तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में सफाई व्यवस्था जैसे सीधे जनहित से जुड़े विषय पर निर्णय लेते समय पार्षदों को जानकारी देना और उनकी राय लेना आवश्यक है।

विशेष अभियान के लिए अतिरिक्त मजदूरों का इस्तेमाल क्यों नहीं?

मालती देवी ने नगर निगम प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि विशेष सफाई अभियान के लिए नगर निगम द्वारा लगभग 100 अतिरिक्त सफाई मजदूरों की नियुक्ति की गई है, तो अभियान उन्हीं अतिरिक्त मजदूरों के माध्यम से चलाया जाना चाहिए।

उनका कहना है कि नियमित वार्डों में पहले से कार्यरत सफाई मजदूरों को हटाकर विशेष अभियान में लगाने से एक समस्या का समाधान करने के बजाय दूसरी समस्या पैदा हो रही है।

विशेष अभियान वाले क्षेत्रों में सफाई कराने के साथ-साथ शहर के अन्य वार्डों में भी रोजाना की सफाई व्यवस्था जारी रहनी चाहिए।

नियमित सफाई व्यवस्था हुई प्रभावित

पार्षद के अनुसार, 07 अगस्त की सुबह वार्ड संख्या-32 सहित कई वार्डों में नियमित सफाई कार्य प्रभावित रहा। नियमित रूप से जिन स्थानों पर सफाई मजदूर पहुंचते हैं, वहां मजदूरों की अनुपस्थिति के कारण सफाई व्यवस्था बाधित हुई।

उन्होंने कहा कि शहर में सफाई केवल सड़क और मुख्य स्थानों तक सीमित नहीं है। वार्डों में नालियों की सफाई, लेट्रिन की समस्या, सीवर जाम और अन्य आवश्यक सफाई कार्य लगातार चलते रहते हैं।

इन कार्यों में थोड़ी भी देरी होने पर नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार नाली या सीवर जाम जैसी समस्या तत्काल समाधान की मांग करती है।

नाली और सीवर जाम से बढ़ सकती है परेशानी

मालती देवी ने कहा कि नियमित सफाई मजदूरों के नहीं रहने से नाली जाम, लेट्रिन जाम और सीवर जाम जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान करना मुश्किल हो सकता है।

बरसात के मौसम में नालियों की नियमित सफाई और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि नालियां जाम रहती हैं तो जल निकासी प्रभावित हो सकती है और स्थानीय नागरिकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आम नागरिक सबसे पहले अपने वार्ड पार्षद से संपर्क करते हैं। इसलिए पार्षदों को भी सफाई व्यवस्था से संबंधित बदलावों की पूर्व जानकारी मिलनी चाहिए।

वार्ड 32 में रोस्टर के अनुसार होती है सफाई

वार्ड संख्या-32 की पार्षद ने बताया कि उनके वार्ड में सफाई व्यवस्था निर्धारित रोस्टर के अनुसार संचालित होती है। नियमित सफाई मजदूर अपने तय क्षेत्रों में जाकर सफाई का काम करते हैं।

ऐसे में अचानक मजदूरों को दूसरे अभियान में भेज देने से पूरे रोस्टर पर असर पड़ता है। यदि एक दिन की सफाई भी छूटती है तो कई स्थानों पर गंदगी जमा हो सकती है और बाद में अतिरिक्त सफाई की आवश्यकता पड़ सकती है।

उन्होंने कहा कि वार्ड में सफाई व्यवस्था बनाए रखना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और सुविधा से भी जुड़ा विषय है।

जनता को कई दिनों तक करना पड़ सकता है इंतजार

पार्षद ने आशंका जताई कि यदि नियमित सफाई व्यवस्था लगातार प्रभावित होती रही तो नागरिकों को आवश्यक सफाई सेवाओं के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि आम लोगों को यह पता नहीं होता कि सफाई मजदूरों को किस अभियान में लगाया गया है। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनके मोहल्ले, गली और नाली की नियमित सफाई हो।

यदि सफाई नहीं होती है तो नागरिक अपनी समस्या लेकर पार्षद के पास पहुंचते हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को पहले से जानकारी नहीं होने पर उनके लिए भी नागरिकों को उचित जवाब देना मुश्किल हो जाता है।

भविष्य में लिखित सूचना देने की मांग

श्रीमती मालती देवी ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में किसी भी विशेष सफाई अभियान से पहले सभी संबंधित पार्षदों को समय पर लिखित सूचना उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि विशेष अभियान के लिए आवश्यक अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था पहले से की जानी चाहिए, ताकि नियमित वार्डों की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।

साथ ही उन्होंने नाली जाम, लेट्रिन जाम और सीवर जाम जैसी अत्यावश्यक समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त संख्या में सफाई मजदूर उपलब्ध कराने की मांग की।

नियमित वार्डों की सफाई व्यवस्था बाधित न हो

पार्षद ने कहा कि विशेष सफाई अभियान अपनी जगह जरूरी है, लेकिन उसके कारण नियमित सफाई व्यवस्था को पूरी तरह रोकना उचित नहीं है। नगर निगम को ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए, जिसमें विशेष अभियान और नियमित सफाई दोनों एक साथ संचालित हो सकें।

उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संसाधनों का बेहतर प्रबंधन जरूरी है। यदि अतिरिक्त मजदूर उपलब्ध हैं तो उनका इस्तेमाल विशेष अभियान के लिए किया जाना चाहिए और नियमित वार्डों में तैनात मजदूरों को अपने निर्धारित कार्य पर रहने दिया जाना चाहिए।

पार्षदों के साथ समन्वय से बने बेहतर व्यवस्था

मालती देवी ने नगर निगम प्रशासन से पार्षदों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अपने वार्ड की जमीनी समस्याओं की जानकारी होती है। इसलिए उनके सुझावों को प्रशासनिक योजनाओं में शामिल करने से सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम, अधिकारी और पार्षद मिलकर काम करेंगे तो नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और सफाई व्यवस्था में आने वाली समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा सकेगा।

जनहित में पारदर्शी व्यवस्था की मांग

पार्षद मालती देवी ने स्पष्ट कहा कि जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा कर लिए गए ऐसे निर्णय जनहित में नहीं हैं। नगर निगम प्रशासन को सभी पार्षदों को समय पर सूचना देते हुए पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी विशेष अभियान की योजना बनाते समय नियमित नागरिक सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। सफाई अभियान ऐसा हो, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था मजबूत हो, न कि एक क्षेत्र में सफाई के लिए दूसरे वार्डों की नियमित व्यवस्था बाधित हो।

उन्होंने नगर निगम प्रशासन से अपील की कि भविष्य में ऐसे निर्णय लेने से पहले पार्षदों के साथ आवश्यक विचार-विमर्श किया जाए और वार्डों की नियमित सफाई व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखा जाए। इससे एक ओर विशेष सफाई अभियान प्रभावी ढंग से संचालित होगा, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरी सफाई सेवाओं के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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