जमशेदपुर: के कुख्यात अपराधी Akhilesh सिंह से जुड़े कथित आर्थिक नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने हरियाणा के रोहतक स्थित विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के बियर फैक्ट्री बोतलिंग एवं पैकेजिंग प्लांट में छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू की है। यह कार्रवाई लगभग 150 करोड़ रुपये के कथित हवाला लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की जा रही है। एजेंसी का मानना है कि इस मामले के तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं और जांच के दौरान कई अहम वित्तीय लेन-देन सामने आ सकते हैं।
150 करोड़ रुपये के कथित हवाला नेटवर्क की जांच
सूत्रों के अनुसार ईडी ने इस मामले में पहले ही ईसीआईआर (Enforcement Case Information Report) दर्ज कर ली थी। अब उसी जांच को आगे बढ़ाते हुए रोहतक स्थित प्लांट पर छापेमारी की गई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर हवाला के जरिए करीब 150 करोड़ रुपये का लेन-देन किन माध्यमों से किया गया और इसमें किन व्यक्तियों तथा संस्थाओं की भूमिका रही।
ईडी को संदेह है कि इस पूरे नेटवर्क में कई कंपनियों और वित्तीय चैनलों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। इसी कारण बैंक खातों, कंपनी रिकॉर्ड, डिजिटल डाटा और वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट में जांच
ईडी की टीम ने हरियाणा के रोहतक स्थित विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के बियर फैक्ट्री बोतलिंग और पैकेजिंग प्लांट में पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि कंपनी के वित्तीय लेन-देन का स्वरूप क्या रहा और कहीं इसका इस्तेमाल अवैध धन के लेन-देन या मनी लॉन्ड्रिंग के लिए तो नहीं किया गया।
सूत्रों के मुताबिक कंपनी से जुड़े कई वित्तीय रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल डेटा को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का उद्देश्य यह समझना है कि कंपनी के माध्यम से किसी प्रकार की संदिग्ध आर्थिक गतिविधि संचालित हुई या नहीं।
ईसीआईआर/आरएनजेडओ/07/2026 के तहत दर्ज है मामला
जानकारी के अनुसार ईडी ने इस मामले में ईसीआईआर/आरएनजेडओ/07/2026 दर्ज कर जांच शुरू की है। इस केस का दायरा केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब और छत्तीसगढ़ तक फैला हुआ है।
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी को ऐसे इनपुट मिले हैं जिनसे संकेत मिलता है कि हवाला नेटवर्क के तार पंजाब के लुधियाना और छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित कोल ब्लॉक क्षेत्रों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी आधार पर विभिन्न राज्यों में वित्तीय गतिविधियों की जांच की जा रही है।
संदिग्ध लेन-देन और नोट नंबरों की भी जांच
ईडी कथित रूप से उन सभी वित्तीय चैनलों की जांच कर रही है जिनके माध्यम से बड़ी राशि का स्थानांतरण किया गया। जांच एजेंसी कुछ संदिग्ध नोट नंबरों, बैंक ट्रांजेक्शन, डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का भी मिलान कर रही है।
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि धन का स्रोत क्या था, रकम किन खातों में पहुंची और आखिर इसका उपयोग किन गतिविधियों में किया गया।
विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद पहली बड़ी कार्रवाई
सूत्रों का कहना है कि विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद यह ईडी की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। एजेंसी अब हत्या से जुड़े संभावित आर्थिक पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि अपराध जगत से जुड़े लोगों के आर्थिक नेटवर्क, संपत्ति और धन के स्रोतों की पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके।
हालांकि जांच अभी शुरुआती चरण में है और एजेंसी सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
अखिलेश सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड
अखिलेश सिंह का नाम जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से विभिन्न आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, अवैध वसूली और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े कई मामले दर्ज रहे हैं।
इसी वजह से विभिन्न जांच एजेंसियां समय-समय पर उसके कथित आर्थिक साम्राज्य, संपत्तियों और वित्तीय गतिविधियों की जांच करती रही हैं। ईडी की ताजा कार्रवाई को भी इसी जांच की कड़ी माना जा रहा है।
कोर्ट से राहत मिलने के बाद फिर तेज हुई जांच
सूत्रों के मुताबिक कुछ महीने पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से जुड़े एक मामले में राहत मिलने के बाद अब ईडी ने दोबारा इस नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। हालांकि अभी तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित हवाला नेटवर्क के माध्यम से किन लोगों या संस्थाओं तक धन पहुंचाया गया और इस पूरे मामले में किन-किन व्यक्तियों की भूमिका रही।
कई राज्यों तक फैला जांच का दायरा
ईडी की जांच हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में फैली हुई है। एजेंसी बैंक खातों, कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्तियों, डिजिटल दस्तावेजों और अन्य आर्थिक गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है।
यदि जांच के दौरान अवैध धन के लेन-देन, हवाला या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ठोस प्रमाण सामने आते हैं तो आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड की हो रही जांच
फिलहाल ईडी की टीम संबंधित दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और डिजिटल डेटा की जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एजेंसी को कौन-कौन से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ेगी।
ईडी की इस कार्रवाई पर विभिन्न एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
रोहतक स्थित बियर प्लांट पर ईडी की छापेमारी ने कथित 150 करोड़ रुपये के हवाला नेटवर्क की जांच को नई दिशा दे दी है। मामला कई राज्यों तक फैला होने के कारण एजेंसी बेहद सावधानी से प्रत्येक वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। फिलहाल जांच जारी है और ईडी की ओर से आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।













