जमशेदपुर: Sawan माह की प्रथम सोमवारी के पावन अवसर पर सोमवार को मानगो के दाइगुटू स्थित प्राचीन शिव मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे। इसी क्रम में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता एवं मानगो की महापौर श्रीमती सुधा गुप्ता ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की और राज्य तथा देश की सुख-समृद्धि, शांति एवं सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। प्रथम सोमवारी होने के कारण मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” तथा “बोल बम” के जयघोष से भक्तिमय बना रहा।
वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुई पूजा-अर्चना
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता और महापौर सुधा गुप्ता ने मंदिर में पहुंचकर वैदिक परंपराओं के अनुसार भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। उन्होंने बेलपत्र, पुष्प, धतूरा, अक्षत एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर विधिवत पूजा की।

पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार गूंजता रहा। धार्मिक वातावरण के बीच दोनों जनप्रतिनिधियों ने भगवान शिव से राज्य में शांति, समृद्धि और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की प्रार्थना की।
राज्य और देश की सुख-समृद्धि की कामना
पूजा के उपरांत पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी विश्वास की भावना निरंतर बनी रहे। उन्होंने राज्य और देश की उन्नति, किसानों की खुशहाली, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य तथा सभी नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।
उन्होंने कहा कि सावन का महीना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज को एकता, सेवा और सद्भाव का संदेश देने का भी अवसर है।

महापौर सुधा गुप्ता ने की समाज में सद्भाव की प्रार्थना
मानगो की महापौर श्रीमती सुधा गुप्ता ने भी भगवान शिव की आराधना करते हुए नगरवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि समाज में प्रेम, शांति और आपसी सद्भाव का वातावरण हमेशा बना रहे तथा सभी लोग स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध जीवन व्यतीत करें।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सेवा की भावना का विस्तार होता है। सावन का पावन महीना हमें आध्यात्मिकता के साथ मानवता और सहयोग का संदेश भी देता है।
प्रथम सोमवारी पर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सावन की पहली सोमवारी होने के कारण सुबह से ही दाइगुटू स्थित प्राचीन शिव मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
श्रद्धालुओं ने पवित्र जल, दूध, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर भगवान भोलेनाथ से परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में सुख-शांति की कामना की। मंदिर परिसर में भक्तिमय भजन और शिव मंत्रों के उच्चारण से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक बना रहा।
सावन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
हिंदू धर्म में सावन माह को भगवान शिव की उपासना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। विशेष रूप से सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।
मान्यता है कि सावन की सोमवारी पर सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि इस अवसर पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

श्रद्धालुओं को दी सावन की प्रथम सोमवारी की शुभकामनाएँ
पूजा-अर्चना के बाद पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता एवं महापौर सुधा गुप्ता ने सभी श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों को सावन की प्रथम सोमवारी की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
उन्होंने लोगों से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और एक-दूसरे के प्रति सहयोग एवं सम्मान की भावना विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने भगवान शिव से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।
धार्मिक आयोजनों से मजबूत होती है सामाजिक एकता
सावन के अवसर पर आयोजित ऐसे धार्मिक कार्यक्रम केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करते हैं। मंदिरों में एक साथ पूजा करने से लोगों के बीच आपसी मेल-जोल बढ़ता है और सामाजिक समरसता का संदेश प्रसारित होता है।
दाइगुटू स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित यह पूजा-अर्चना भी इसी भावना का प्रतीक रही, जहां जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने मिलकर भगवान शिव की आराधना की तथा समाज और राष्ट्र की खुशहाली की कामना की।
आस्था सेवा और सद्भाव का दिया संदेश
Sawan की प्रथम सोमवारी पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि भगवान शिव की आराधना केवल व्यक्तिगत आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, शांति, सेवा और सद्भाव को बढ़ावा देने का माध्यम भी है।
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता एवं मानगो महापौर सुधा गुप्ता की मंदिर में उपस्थिति और पूजा-अर्चना ने श्रद्धालुओं के बीच सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से राज्य और देश के विकास, नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य, सामाजिक सौहार्द और सर्वजन कल्याण की कामना करते हुए सभी को सावन की प्रथम सोमवारी की शुभकामनाएँ दीं।













