पूर्वी सिंहभूम: जिले में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के बीच बेहतर Coordination सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त राजीव रंजन ने की। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों, विकास योजनाओं की प्रगति और आम जनता से संबंधित महत्वपूर्ण समस्याओं की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को नियमित संवाद और बेहतर समन्वय के माध्यम से समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।
जिला Coordination समिति की बैठक का उद्देश्य
बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को तेजी से लागू करना था। उपायुक्त ने कहा कि यदि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करेंगे तो योजनाओं का लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचेगा और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित करें।
विभिन्न विभागों के लंबित मामलों की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गई। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे—
- विद्युत आपूर्ति
- पेयजल व्यवस्था
- शिक्षा विभाग
- स्वास्थ्य सेवाएं
- सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
- आधारभूत संरचना
- भूमि हस्तांतरण
- वन पट्टा स्वीकृति
- अन्य विकास कार्य
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में विभागीय समन्वय की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए।
वनाधिकार अधिनियम (FRA) के लंबित मामलों पर विशेष निर्देश
बैठक में वनाधिकार अधिनियम (Forest Rights Act – FRA) के तहत लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का अनुमंडल स्तरीय समिति के माध्यम से नियमानुसार शीघ्र निष्पादन कर उन्हें जिला स्तर पर अग्रसारित किया जाए, ताकि पात्र लाभुकों को समय पर अधिकार और लाभ मिल सके।
विद्यालयों में पेयजल समस्या दूर करने के निर्देश
बैठक में जिले के कई विद्यालयों में पेयजल संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि—
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, डुमरिया में जलमीनार के माध्यम से पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- प्राथमिक विद्यालय शिशाखून (चाकुलिया) की पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।
इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय मिठाईझरना (पोटका) में आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने पर कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, जमशेदपुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।
15वें वित्त आयोग की राशि का बेहतर उपयोग करने के निर्देश
उपायुक्त ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के टाइड फंड का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि इस राशि से—
- चापाकल की स्थापना,
- जलमीनार निर्माण,
- पेयजल स्रोतों का विकास,
- आवश्यक मरम्मत कार्य
जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या दूर हो सके।
विद्यार्थियों के बैंक खाते जल्द खुलवाने के निर्देश
बैठक में छात्रहित से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई।
उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) एवं जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को निर्देश दिया कि वे अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) के साथ समन्वय स्थापित कर सभी पात्र विद्यार्थियों के बैंक खाते जल्द खुलवाएं।
इससे छात्रवृत्ति एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे छात्रों तक समय पर पहुंच सकेगा।
जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे
जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही पंचायत सेवकों को यह प्रमाणित करने के लिए कहा गया कि उनके पंचायत क्षेत्र में कोई भी पात्र बच्चा जन्म प्रमाण पत्र से वंचित न रहे।
बिना बिजली वाले विद्यालयों में जल्द कराया जाएगा विद्युत कनेक्शन
जिले के जिन विद्यालयों में अभी तक बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां शीघ्र विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने संबंधित बीईईओ (BEEO) को तत्काल आवेदन कर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
मैन्युअल स्कैवेंजर से जुड़े मामलों पर मांगी रिपोर्ट
बैठक में मैन्युअल स्कैवेंजर से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी बीडीओ और नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराया जाए ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
MGM मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों की समीक्षा
एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमशेदपुर में चल रहे निर्माण कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि—

- निर्माण कार्य समय पर पूरा हो,
- मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई प्रभावित न हो,
- अस्पताल की सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।
जर्जर भवनों और जोखिमपूर्ण पेड़ों को हटाने के निर्देश
विद्यालय परिसरों और सरकारी भवनों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि—
- जोखिमपूर्ण पेड़ों की पहचान कर उन्हें हटाया जाए।
- जर्जर घोषित विद्यालयों और अन्य सरकारी भवनों को नियमानुसार ध्वस्त किया जाए।
इससे भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना कम होगी।
NHAI से जुड़े अतिक्रमण मामलों में कार्रवाई
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से जुड़े अतिक्रमण मामलों पर भी बैठक में चर्चा हुई।
संबंधित अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया गया कि वे समन्वित कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
तालाबों और जल स्रोतों का सत्यापन समय पर पूरा करने के निर्देश
लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि—
- तालाबों की भूमि का सत्यापन,
- वाटर बॉडीज़ सेंसस
का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
इससे जल संरक्षण और सरकारी रिकॉर्ड दोनों को मजबूत बनाया जा सकेगा।
प्रवासी श्रमिकों के परिजनों को अनुग्रह सहायता में तेजी
बैठक में बहरागोड़ा, मुसाबनी और घाटशिला क्षेत्र में प्रवासी श्रमिकों की मृत्यु से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने संबंधित बीडीओ को निर्देश दिया कि आवश्यक दस्तावेजों का शीघ्र सत्यापन कर पात्र परिवारों को अनुग्रह सहायता (मुआवजा) देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
नियमित समन्वय से विकास कार्यों में आएगी तेजी
बैठक के अंत में उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय से विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा। इससे आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर मिलेगा।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की लगातार समीक्षा करें और तय समय सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित करें।
पूर्वी सिंहभूम जिला Coordination समिति की बैठक में पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, वनाधिकार, सामाजिक सुरक्षा और अन्य विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई। उपायुक्त राजीव रंजन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंचाने के स्पष्ट निर्देश दिए। इन निर्देशों के प्रभावी पालन से जिले में विकास कार्यों को नई गति मिलने और नागरिकों को बेहतर सरकारी सेवाएं मिलने की उम्मीद है।




















