जमशेदपुर: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार Dalsa जमशेदपुर द्वारा चलाए जा रहे 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को डालसा का मोबाइल वैन गोविंदपुर पंचायत पहुंचा। इस दौरान पंचायत भवन में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को विभिन्न कानूनों, उनके अधिकारों तथा सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना, निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देना तथा समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करना था। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपने कानूनी अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
पंचायत भवन में आयोजित हुआ विधिक जागरूकता शिविर
गोविंदपुर पंचायत भवन में आयोजित शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारियों एवं सदस्यों ने लोगों को कानून से संबंधित विभिन्न विषयों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना डालसा का प्रमुख उद्देश्य है।
ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है या उसे कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर बिना किसी शुल्क के सहायता प्राप्त कर सकता है।
Dalsa के कार्य एवं उद्देश्य की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के सदस्य गौतम घोष एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सदस्य रंजना पांडेय ने उपस्थित लोगों को डालसा की भूमिका और उसके कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से गरीब, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांगजन और अन्य जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है।
घरेलू हिंसा और लोक अदालत की प्रक्रिया समझाई
शिविर के दौरान घरेलू हिंसा से जुड़े कानूनों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। महिलाओं को बताया गया कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न होता है, तो वे कानूनी सहायता लेकर न्याय प्राप्त कर सकती हैं।
इसके अलावा लोक अदालत के माध्यम से विवादों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान की प्रक्रिया भी समझाई गई। अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत में आपसी समझौते और मध्यस्थता के जरिए मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।

सरकारी योजनाओं की भी दी गई जानकारी
विधिक जागरूकता शिविर में उपस्थित लोगों को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ अवश्य लेना चाहिए और यदि किसी योजना का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो रही हो तो संबंधित विभाग अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क किया जा सकता है।

स्कूल में बच्चों को कानून के प्रति किया गया जागरूक
पंचायत भवन में कार्यक्रम के बाद डालसा की टीम गोविंदपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल स्मारक उच्च विद्यालय पहुंची, जहां स्कूली विद्यार्थियों के लिए विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही कानून, उनके अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना था। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
बच्चों को बताए गए मौलिक अधिकार और कर्तव्य
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भारतीय संविधान में दिए गए मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्तव्यों की जानकारी दी गई।
उन्हें बताया गया कि एक जागरूक नागरिक के रूप में प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह संविधान का सम्मान करे, कानून का पालन करे तथा समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाए।
पॉक्सो एक्ट बाल विवाह और बाल श्रम पर दी गई जानकारी
डालसा की टीम ने बच्चों को पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), बाल विवाह निषेध कानून, बाल श्रम, चाइल्ड प्रोटेक्शन, गुड टच-बैड टच, चाइल्ड ट्रैफिकिंग तथा नशा उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
विशेष रूप से बच्चों को गुड टच और बैड टच की पहचान करना सिखाया गया तथा किसी भी प्रकार की अनुचित घटना होने पर तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई।
नशा उन्मूलन और बाल विवाह रोकने का दिलाया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को नशापान से दूर रहने तथा बाल विवाह का विरोध करने का संकल्प दिलाया गया।
अधिकारियों ने कहा कि समाज को जागरूक बनाकर ही नशे और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने सभी से अपने आसपास के लोगों को भी इन विषयों पर जागरूक करने की अपील की।
कई पदाधिकारी और पीएलवी रहे मौजूद
कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के सदस्य गौतम घोष, डालसा पीएलवी दिलीप जायसवाल, नागेंद्र कुमार, सुनीता कुमारी, प्रसिस मरांडी, रीना तिवारी, सुनीता झा, प्रियंका कुमारी, अनिल कुमार, दीपक महतो एवं सुशांतो महतो सहित कई विधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
सभी ने अपने-अपने विषयों पर लोगों और विद्यार्थियों को कानूनी जानकारी देकर जागरूक किया तथा समाज में विधिक साक्षरता बढ़ाने का संदेश दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DALSA), जमशेदपुर द्वारा चलाया जा रहा 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को कानून, अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। गोविंदपुर पंचायत और सरदार वल्लभभाई पटेल स्मारक उच्च विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और विद्यार्थियों को न केवल कानूनी जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों, बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा और नशा उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति भी जागरूक किया गया। इस तरह के जागरूकता अभियान समाज में न्याय, समानता और कानून के प्रति विश्वास को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।













