नवादा: बिहार के Nawada जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पूरे राज्य को हैरानी में डाल दिया है। एक गरीब विधवा पेंशनधारी महिला के बैंक खाते में अचानक 740 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई देने लगी। करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रुपये की रकम देखकर महिला और उसका परिवार पूरी तरह घबरा गया। सबसे हैरानी की बात यह रही कि अगले ही दिन खाते से यह पूरी राशि अपने आप गायब हो गई और खाते में केवल पेंशन की सामान्य राशि ही बची।
यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी मान रहे हैं, जबकि पीड़ित महिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।
पेंशन निकालने पहुंची थी महिला, बैलेंस देखकर रह गई दंग
जानकारी के अनुसार, नवादा नगर परिषद के वार्ड संख्या 28 की रहने वाली रेखा देवी पिछले लगभग 10 वर्षों से सरकार की विधवा पेंशन योजना का लाभ ले रही हैं। हर महीने की तरह 10 जुलाई को भी वह अपनी ₹1,100 की मासिक पेंशन निकालने के लिए बैंक पहुंची थीं।
पेंशन की राशि निकालने के बाद उन्होंने बैंक से अपने खाते का बैलेंस चेक कराया। जैसे ही बैंक की रसीद उनके हाथ में आई, उस पर दर्ज राशि देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। रसीद में उनके खाते का कुल बैलेंस ₹740,68,72,895 (सात अरब चालीस करोड़ अड़सठ लाख बहत्तर हजार आठ सौ पचानवे रुपये) दर्ज था।
इतनी बड़ी रकम देखकर महिला कुछ देर तक समझ ही नहीं पाईं कि आखिर यह कैसे संभव हो सकता है।
बैंक की रसीद में दर्ज थे खाते के सही विवरण
रेखा देवी ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि कहीं रसीद किसी दूसरे व्यक्ति की तो नहीं है। लेकिन जब उन्होंने अपने खाते से जुड़े विवरण की जांच की, तो पाया कि रसीद पर उनके बैंक खाते के अंतिम चार अंक 4131 ही अंकित थे, जो उनके खाते से पूरी तरह मेल खाते हैं।
इससे यह स्पष्ट हो गया कि बैंक द्वारा जारी की गई रसीद वास्तव में उनके ही खाते की थी। यही कारण है कि महिला और उनके परिवार की चिंता और अधिक बढ़ गई।
अरबों रुपये देखकर परिवार में मच गया हड़कंप
रेखा देवी ने बताया कि इतनी बड़ी राशि देखने के बाद उनके पूरे परिवार में हड़कंप मच गया। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उनके खाते में इतनी रकम कैसे आ सकती है। परिवार को इस बात का डर सताने लगा कि कहीं यह किसी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी या धोखाधड़ी का मामला तो नहीं है।
महिला ने कहा कि गरीब परिवार होने के कारण उन्होंने कभी सपने में भी इतनी बड़ी रकम नहीं देखी थी। खाते में अरबों रुपये दिखने के बाद वे मानसिक रूप से काफी परेशान हो गईं।
रातभर नहीं आई नींद, बिगड़ गई तबीयत
रेखा देवी के अनुसार, इस अप्रत्याशित घटना के बाद वह पूरी रात सो नहीं सकीं। उन्हें लगातार यह चिंता सताती रही कि कहीं इस पैसे की वजह से उन्हें किसी कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि घबराहट और तनाव के कारण उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। परिवार के अन्य सदस्य भी पूरी रात इसी चिंता में रहे कि आखिर यह रकम उनके खाते में कैसे पहुंची।
अगले ही दिन खाते से गायब हो गई पूरी राशि
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब 11 जुलाई को रेखा देवी दोबारा बैंक पहुंचीं और अपने खाते की जांच कराई। इस बार उनके खाते में अरबों रुपये की पूरी राशि गायब हो चुकी थी।
खाते में केवल उनकी सामान्य पेंशन राशि ही दिखाई दे रही थी। अचानक खाते में भारी-भरकम राशि का आना और फिर अगले ही दिन बिना किसी सूचना के गायब हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
पेंशन बंद होने का सता रहा डर
रेखा देवी ने बताया कि उन्हें अब सबसे अधिक चिंता इस बात की है कि कहीं इस तकनीकी गड़बड़ी का असर उनकी भविष्य की पेंशन पर न पड़े। उनका कहना है कि वह पूरी तरह सरकारी पेंशन पर निर्भर हैं और यदि किसी कारणवश पेंशन रुक जाती है तो उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
उन्होंने बैंक अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित महिला ने जिला प्रशासन और संबंधित बैंक के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आखिर उनके खाते में इतनी बड़ी राशि कैसे दिखाई दी और अगले ही दिन बिना किसी सूचना के कैसे गायब हो गई, इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग की कि इस घटना से उनकी पेंशन या बैंक खाते पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
तकनीकी गड़बड़ी की आशंका जता रहे विशेषज्ञ
बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े जानकारों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यह संभवतः बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS), सर्वर या सॉफ्टवेयर में आई किसी तकनीकी खराबी का परिणाम हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार कई बार बैंकिंग नेटवर्क में सिंक्रोनाइजेशन या डेटा प्रोसेसिंग की समस्या के कारण खातों में गलत बैलेंस दिखाई देने लगता है। हालांकि इस तरह करोड़ों या अरबों रुपये का बैलेंस दिखना बेहद दुर्लभ माना जाता है।
उनका कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं की जांच बैंक की तकनीकी टीम द्वारा की जाती है ताकि वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।
बैंक और प्रशासन की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
अब तक इस पूरे मामले पर संबंधित बैंक प्रबंधन या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बैंक ने भी सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि खाते में इतनी बड़ी राशि दिखने का कारण क्या था और अगले दिन वह राशि क्यों गायब हो गई।
इसी कारण यह मामला लोगों के बीच चर्चा और जिज्ञासा का विषय बना हुआ है।
Nawada की विधवा पेंशनधारी रेखा देवी के खाते में अचानक 740 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई देना और अगले ही दिन उसका पूरी तरह गायब हो जाना एक बेहद असामान्य घटना है। प्रथम दृष्टया इसे बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी माना जा रहा है, लेकिन जब तक बैंक या प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय संबंधित बैंक से संपर्क करना और प्रशासन को सूचना देना सबसे उचित कदम माना जाता है।
















