
अहमदाबाद: गुजरात के Ahmedabad से एक विवाहिता के साथ कथित घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और जबरन शारीरिक संबंध बनाने का गंभीर मामला सामने आया है। शहर के शाहीबाग इलाके की रहने वाली एक महिला ने अपने पति, सास और देवर के खिलाफ महिला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि उसका पति उसे जबरन अश्लील (पोर्न) वीडियो दिखाकर उसी तरह शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि गर्भावस्था के दौरान पति ने उसके पेट में लात मारी, गर्भपात कराने का दबाव बनाया और कई वर्षों तक शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न करता रहा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शादी के 15 दिन बाद ही खुल गया पति की पहली शादी का राज
पीड़िता के अनुसार उसकी शादी वर्ष 2011 में हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद उसे पता चला कि उसके पति की पहले भी शादी हो चुकी थी और उससे एक बच्चा भी है। महिला का आरोप है कि विवाह के समय यह महत्वपूर्ण जानकारी उससे और उसके परिवार से छिपाई गई थी।
महिला का कहना है कि इस सच्चाई के सामने आने के बाद उसने विरोध किया, लेकिन ससुराल वालों ने उसे चुप रहने के लिए कहा। इसके बाद उसके साथ मानसिक प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया।
दहेज को लेकर ताने और घर में लगातार प्रताड़ना
शिकायत में महिला ने बताया कि शादी के बाद से ही सास और देवर दहेज को लेकर ताने मारते थे। छोटी-छोटी बातों पर उसका अपमान किया जाता था और उसे परिवार का सदस्य मानने के बजाय बोझ समझा जाता था।
महिला का आरोप है कि गर्भवती होने के बावजूद उससे घर के सभी भारी-भरकम काम कराए जाते थे। उसे पर्याप्त आराम नहीं दिया गया और उसकी शारीरिक स्थिति की भी अनदेखी की गई।
अश्लील वीडियो दिखाकर बनाता था जबरन संबंध
महिला का सबसे गंभीर आरोप यह है कि उसका पति देर रात घर लौटने के बाद उसे अश्लील वीडियो दिखाता था और उसी तरह शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालता था।
पीड़िता का कहना है कि उसकी इच्छा के विरुद्ध बार-बार संबंध बनाए जाते थे। यदि वह मना करती थी तो उसके साथ मारपीट की जाती और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। महिला के अनुसार यह व्यवहार लंबे समय तक जारी रहा, जिससे वह लगातार भय और तनाव में रहने लगी।
बीमारी में भी नहीं मिली राहत, जबरदस्ती का आरोप
शिकायत के मुताबिक, यदि महिला बीमार होती या उसकी तबीयत ठीक नहीं रहती, तब भी पति उस पर संबंध बनाने का दबाव डालता था। महिला का आरोप है कि उसे उत्तेजना बढ़ाने वाली दवाएं देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की जाती थी।
विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती और उसे अपमानित किया जाता था। महिला ने इसे लगातार शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न बताया है।
गर्भवती होने पर गर्भपात का बनाया दबाव
महिला ने बताया कि दूसरी बार गर्भवती होने पर पति ने उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया। उसका आरोप है कि पति ने कहा कि यदि उसने गर्भपात नहीं कराया तो उसे तलाक दे दिया जाएगा।
पीड़िता के अनुसार उसने गर्भपात से इनकार कर दिया, जिसके बाद पति का व्यवहार और अधिक हिंसक हो गया।
मायके में पहुंचकर गर्भवती पत्नी के पेट में मारी लात
महिला का आरोप है कि अत्याचार से परेशान होकर वह अपने मायके चली गई थी। लेकिन कुछ समय बाद उसका पति वहां पहुंच गया और उसके साथ मारपीट की।
शिकायत के अनुसार, पति ने गर्भवती पत्नी के पेट में लात मारी और जबरन उसे वापस ससुराल ले गया। महिला का कहना है कि इस दौरान सास और देवर ने भी उसका साथ नहीं दिया, बल्कि उसे लगातार अपमानित करते रहे।
विदेशी महिलाओं से वीडियो कॉल और अश्लील सामग्री दिखाने का आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि उसने एक रात अपने पति को विदेशी महिलाओं के साथ वीडियो कॉल पर बात करते हुए देखा था।
उसका कहना है कि पति उसे उन महिलाओं के साथ हुई बातचीत और अश्लील वीडियो दिखाकर उसी प्रकार का व्यवहार करने के लिए मजबूर करता था। विरोध करने पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था।
तीन बेटियों के जन्म के बाद भी नहीं बदला रवैया
पीड़िता के अनुसार उसने तीन बेटियों को जन्म दिया, लेकिन इसके बावजूद ससुराल वालों का व्यवहार नहीं बदला।
महिला का आरोप है कि जब उसने पति के कथित संबंधों की जानकारी अपनी सास को दी तो सास ने उसका साथ देने के बजाय उसी से झगड़ा किया और उसे घर से निकाल दिया।
करीब पांच महीने तक मायके में रहने के बाद जब वह वापस लौटी, तब भी उसके साथ कथित प्रताड़ना जारी रही। बाद में उसे और उसकी तीनों बेटियों को अलग घर में भेज दिया गया, जबकि पति अलग रहने लगा।
शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप
महिला ने आरोप लगाया कि जब उसने कानूनी कार्रवाई की बात कही तो पति ने उसे गंभीर धमकियां दीं।
उसके अनुसार पति ने कहा कि यदि उसने पुलिस या अदालत में शिकायत की तो उसे जान से मार दिया जाएगा। महिला का यह भी आरोप है कि पति ने दावा किया कि उसकी पुलिस में ऊंची पहुंच है और कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
इन धमकियों के बावजूद महिला ने हिम्मत जुटाई और अहमदाबाद महिला पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
महिला की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पति, सास और देवर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घरेलू हिंसा और महिलाओं के अधिकारों पर फिर उठे सवाल
यह मामला एक बार फिर घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचार जैसे गंभीर मुद्दों को सामने लाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी महिला के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाना, मानसिक उत्पीड़न करना या हिंसा करना कानूनन अपराध है।
ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को बिना डर के पुलिस और संबंधित कानूनी संस्थाओं से संपर्क करना चाहिए ताकि उन्हें समय पर न्याय और सुरक्षा मिल सके।
Ahmedabad की इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। पीड़िता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी सत्यता का निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही होगा। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।












































