
जमशेदपुर: 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग Event के अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की ओर से खासमहल स्थित दुर्गा पूजा मैदान (सदर अस्पताल के निकट) में जिला स्तरीय सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई थी, जिसका उद्देश्य लोगों को जीवन के प्रत्येक चरण में योग के महत्व से अवगत कराना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा बलों के जवानों, स्वास्थ्यकर्मियों, योग प्रशिक्षकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सुबह के समय आयोजित इस कार्यक्रम में योग के प्रति लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
उपायुक्त राजीव रंजन मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल
कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री राजीव रंजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ उप विकास आयुक्त सहित जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, केंद्रीय सुरक्षा बल के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए।
उपायुक्त ने कार्यक्रम में भाग लेकर योगाभ्यास किया तथा उपस्थित लोगों को योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है।
सामूहिक योगाभ्यास से दिया गया स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत प्रशिक्षित योग शिक्षकों के मार्गदर्शन में सामूहिक योगाभ्यास से हुई। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया।
सैकड़ों प्रतिभागियों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक सोच के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और ध्यान जैसी विभिन्न योग विधियों का अभ्यास कराया गया।
योग प्रशिक्षकों ने प्रत्येक आसन के महत्व और उससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों की भी जानकारी दी। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ योग सत्र में भाग लिया।
योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर : उपायुक्त
इस अवसर पर अपने संबोधन में उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आज विश्वभर में सम्मान और स्वीकार्यता प्राप्त हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 से संयुक्त राष्ट्र के आह्वान पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन पूरी दुनिया में किया जा रहा है और भारत ने योग के माध्यम से विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाया है।
उपायुक्त ने कहा कि योग व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
वृद्धावस्था में योग की भूमिका पर विशेष जोर
इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर और मन दोनों को स्वस्थ बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में योग एक प्रभावी साधन के रूप में कार्य करता है।
उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की लचीलापन बनी रहती है, हृदय स्वस्थ रहता है, रक्तचाप नियंत्रित रहता है और मानसिक तनाव में कमी आती है। इसके अलावा योग वृद्ध लोगों को आत्मनिर्भर और सक्रिय जीवन जीने में भी सहायता करता है।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार के बुजुर्ग सदस्यों को भी योग के लिए प्रेरित करें ताकि वे स्वस्थ और खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकें।

तनावमुक्त और संतुलित जीवन के लिए योग आवश्यक
उपायुक्त ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। योग इन समस्याओं से निपटने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है।
योग और ध्यान के नियमित अभ्यास से मानसिक संतुलन बेहतर होता है, एकाग्रता बढ़ती है और व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक तरीके से सामना कर पाता है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाता है और जीवन में अनुशासन तथा सकारात्मकता लाने में मदद करता है।
आयुष विभाग ने दी स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां
कार्यक्रम के दौरान आयुष विभाग द्वारा योग और स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न जानकारियों का प्रसार किया गया। विभाग के अधिकारियों ने लोगों को योग के विभिन्न आयामों, आयुर्वेद आधारित जीवनशैली और स्वास्थ्य संरक्षण के उपायों के बारे में बताया।
प्रतिभागियों को नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, व्यायाम और योग के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही स्वस्थ जीवन के लिए अपनाई जाने वाली अच्छी आदतों पर भी प्रकाश डाला गया।
आयुष विभाग द्वारा लगाए गए जागरूकता स्टॉल और सूचना सामग्री ने लोगों को योग और स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विभिन्न वर्गों की रही सक्रिय भागीदारी
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला समूह, वरिष्ठ नागरिक और आम नागरिक सभी ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
प्रतिभागियों ने कहा कि इस तरह के सामूहिक कार्यक्रम लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का प्रभावी माध्यम हैं। कई लोगों ने नियमित योगाभ्यास करने का संकल्प भी लिया।
जिला प्रशासन और आयुष समिति की रही महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला प्रशासन, जिला आयुष समिति, स्वास्थ्य विभाग तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आयोजन स्थल पर प्रतिभागियों की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया गया, जिससे सभी प्रतिभागी आराम से योगाभ्यास कर सके।
जिला प्रशासन ने बताया कि योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
योग को जन आंदोलन बनाने की जरूरत
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे जन आंदोलन का रूप देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग और ध्यान के लिए निकाले तो अनेक बीमारियों से बचाव संभव है और स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च को भी कम किया जा सकता है।
योग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि एक स्वस्थ, सशक्त और जागरूक समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
खासमहल दुर्गा पूजा मैदान में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग Event का जिला स्तरीय कार्यक्रम स्वास्थ्य, जागरूकता और सामूहिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बना। “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” थीम पर आधारित इस आयोजन ने लोगों को यह संदेश दिया कि योग स्वस्थ और संतुलित जीवन की कुंजी है।
उपायुक्त राजीव रंजन सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति और बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाया। यह आयोजन न केवल योग के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि समाज को स्वस्थ, सकारात्मक और जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।










































