
चाईबासा: जिला समाज कल्याण शाखा, पश्चिमी Singhbhum के तत्वावधान में नशा मुक्त झारखंड अभियान के तहत व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। जिला समाहरणालय परिसर से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सेविकाएं, महिला पर्यवेक्षिकाएं, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान नशामुक्त समाज बनाने का संदेश प्रमुखता से दिया गया।
उपायुक्त मनीष कुमार ने दिलाई नशा मुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने उपस्थित सभी सेविकाओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।
उपायुक्त ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता बल्कि परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र की प्रगति में भी बाधा उत्पन्न करता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
स्कूटी रैली और पैदल मार्च के जरिए दिया गया जागरूकता का संदेश
नशा मुक्त झारखंड अभियान के तहत जिला समाहरणालय परिसर से स्कूटी रैली और पैदल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशे के खिलाफ जागरूकता संबंधी संदेश लिखी तख्तियां और बैनर लेकर लोगों को नशे से दूर रहने की अपील की।
रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। लोगों ने भी इस अभियान का स्वागत करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने का संकल्प लिया।

दो जागरूकता रथों को दिखाई गई हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने नशा मुक्त झारखंड जागरूकता अभियान के दो विशेष रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये जागरूकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों और गांवों में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।
इन रथों के माध्यम से ऑडियो-वीडियो संदेश, पोस्टर और जनसंपर्क कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।
हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लिया गया नशामुक्त समाज का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें उपस्थित अधिकारियों, सेविकाओं, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने हस्ताक्षर कर यह संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करेंगे।
इस अभियान का उद्देश्य लोगों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और नशे के खिलाफ सामूहिक जनआंदोलन तैयार करना है।
युवाओं और महिलाओं को बनाया जाएगा अभियान का मुख्य भागीदार
जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि युवाओं को खेल, शिक्षा और कौशल विकास से जोड़कर नशे की लत से दूर रखने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं महिला समूहों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गांव-गांव तक जागरूकता फैलाने की योजना बनाई गई है, ताकि परिवार स्तर पर भी नशे के खिलाफ सकारात्मक माहौल तैयार हो सके।

जनभागीदारी से ही बनेगा नशामुक्त समाज उपायुक्त
उपायुक्त मनीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी सामाजिक अभियान की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर करती है। यदि समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर नशे के खिलाफ अभियान चलाएं तो निश्चित रूप से नशामुक्त झारखंड का सपना साकार हो सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, कार्यशालाएं और जनसंवाद आयोजित करेगा, ताकि लोगों तक सही जानकारी पहुंच सके और वे नशे के दुष्प्रभावों को समझते हुए इससे दूरी बनाए रखें।
150 से अधिक सेविकाओं और अधिकारियों ने निभाई सक्रिय भूमिका
इस जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 150 सेविकाओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं, बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम के दौरान सभी ने एक स्वर में नशा मुक्त झारखंड के निर्माण का संकल्प दोहराया और समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक इस संदेश को पहुंचाने का निर्णय लिया।
स्वस्थ समाज और बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
नशा मुक्त झारखंड अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से बचाकर स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवाओं को समय पर सही मार्गदर्शन और सकारात्मक अवसर मिलें तो वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
चाईबासा में शुरू हुआ नशा मुक्त झारखंड अभियान समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। स्कूटी रैली, पैदल मार्च, जागरूकता रथ, हस्ताक्षर अभियान और नशा मुक्ति की शपथ जैसे कार्यक्रमों ने लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया। जिला प्रशासन की यह पहल निश्चित रूप से आने वाले दिनों में युवाओं और समाज को नशे से दूर रखने तथा स्वस्थ झारखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।










































