
चाईबासा: पश्चिमी Singhbhum जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को राजस्व सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराने और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के सभी 18 अंचलों में विशेष राजस्व शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में दाखिल-खारिज, भूमि सीमांकन, पंजी-2 सुधार, आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र, ऑनलाइन लगान रसीद निर्गत करने सहित विभिन्न राजस्व सेवाओं से जुड़े मामलों का निष्पादन किया गया।

शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं आम नागरिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। जिला प्रशासन की ओर से प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निष्पादन किया गया, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
जिले के सभी 18 अंचलों में एक साथ लगाए गए विशेष राजस्व शिविर
जिला प्रशासन की पहल पर पश्चिमी Singhbhum जिले के सभी 18 अंचल कार्यालय क्षेत्रों में एक साथ विशेष राजस्व शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का उद्देश्य आम लोगों को सरकारी सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना था।
शिविरों में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम मौजूद रही, जिन्होंने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर त्वरित कार्रवाई की।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह के शिविरों से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी सुविधा मिलती है, क्योंकि उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए जिला मुख्यालय या अंचल कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
आय जाति और आवासीय प्रमाण पत्र के सबसे अधिक आवेदन
विशेष राजस्व शिविरों के दौरान सबसे अधिक आवेदन आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र से संबंधित प्राप्त हुए।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इन तीनों सेवाओं से जुड़े कुल 656 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 624 आवेदनों का तत्काल निष्पादन कर दिया गया।
मौके पर ही प्रमाण पत्र जारी होने से विद्यार्थियों, नौकरी के अभ्यर्थियों और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली।
दाखिल-खारिज एवं पंजी-2 सुधार मामलों का भी हुआ निष्पादन
शिविरों में भूमि संबंधी मामलों को भी प्राथमिकता दी गई। दाखिल-खारिज से संबंधित 07 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 02 मामलों का मौके पर निष्पादन किया गया।
इसके अलावा पंजी-2 सुधार से जुड़े 10 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 04 मामलों का समाधान किया गया। शेष मामलों में आवश्यक दस्तावेजों की जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
भूमि अभिलेखों में सुधार और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भू-लगान संग्रह में भी मिली सफलता
विशेष राजस्व शिविरों के दौरान केवल आवेदन स्वीकार करने और उनका निष्पादन ही नहीं किया गया, बल्कि 46 मामलों में भू-लगान संग्रह भी किया गया।
ऑनलाइन लगान रसीद निर्गत करने की सुविधा मिलने से किसानों एवं भूमि स्वामियों को काफी सुविधा मिली। प्रशासन ने लोगों को डिजिटल सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया।
745 आवेदनों में 692 का त्वरित निष्पादन
जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार जिले के सभी 18 अंचलों में आयोजित इन विशेष शिविरों के माध्यम से कुल 745 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 692 आवेदनों का तत्काल निष्पादन कर दिया गया।
इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों का मौके पर समाधान प्रशासन की सक्रियता और बेहतर कार्यप्रणाली को दर्शाता है। इससे आम लोगों का समय और आर्थिक संसाधनों की भी बचत हुई।
लोगों को घर के नजदीक मिली सरकारी सेवाएं
राजस्व शिविरों का सबसे बड़ा लाभ यह रहा कि लोगों को अपने क्षेत्र में ही विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिल गया।
पहले जहां प्रमाण पत्र या भूमि संबंधी कार्यों के लिए कई दिनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब शिविरों के माध्यम से अधिकांश कार्य एक ही स्थान पर और कम समय में पूरे किए जा रहे हैं।
इस पहल से विशेष रूप से ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों के लोगों को काफी सुविधा मिली है।
पारदर्शिता और समयबद्ध सेवा पर प्रशासन का जोर
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकार की प्राथमिकता आम नागरिकों को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से नियमित रूप से विशेष राजस्व शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी लंबित मामलों के शीघ्र समाधान और सरकारी सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए ऐसे शिविर लगातार आयोजित किए जाएंगे।
आमजनों से शिविरों का लाभ उठाने की अपील
जिला प्रशासन ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए इन विशेष शिविरों का अधिकाधिक लाभ उठाएं।
प्रशासन ने कहा कि शिविरों के माध्यम से दाखिल-खारिज, भूमि सीमांकन, पंजी-2 सुधार, आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र सहित अन्य राजस्व सेवाओं का लाभ सरल प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराया जा रहा है।
अधिकारियों ने लोगों से आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविरों में पहुंचने और सरकारी योजनाओं व सेवाओं का समय पर लाभ लेने की भी अपील की है।
पश्चिमी Singhbhum जिला प्रशासन द्वारा आयोजित विशेष राजस्व शिविर आम नागरिकों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहे हैं। जिले के सभी 18 अंचलों में लगाए गए शिविरों में कुल 745 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 692 का त्वरित निष्पादन कर लोगों को बड़ी राहत दी गई।
आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र से लेकर भूमि संबंधी मामलों और भू-लगान संग्रह तक, प्रशासन की यह पहल सुशासन और जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि भविष्य में भी इसी प्रकार के शिविर नियमित रूप से आयोजित होते रहे तो ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ और अधिक आसानी से मिल सकेगा।


































