AzadNagar आने वाले त्यौहारों, ईद एवं रामनवमी के मद्देनजर AzadNagar थाना शान्ति समिति ने होटल महल इन में एक बैठक आयोजित की । इस बैठक में प्रशासन की ओर से डी एस पी वचनदेव कुजूर, सर्किल ऑफिसर बृजेश श्रीवास्तव और आजाद नगर थाना प्रभारी चंदन कुमार उपस्थित थे।
इस बैठक में उपस्थित लोगों ने त्योहारों को व्यवस्थित रूप से मनाने के कई सुझाव दिए , साथ ही हमेशा की तरह धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की और सभी को पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर आजाद नगर थाना शान्ति समिति के प्रेसिडेंट शेख बदरुद्दीन, सचिव मुख्तार आलम खान, डॉ निधि श्रीवास्तव, जावेद अख्तर अंसारी, अभिनव कुमार सिन्हा, मनोज कुमार, हाजी रजी नौशाद, मुमताज शरिक, राजू गोराई, जमीयत उलेमा हिंद के सेक्रेटरी हाफिज अनवर आलम,मास्टर सिद्दीकी अली के अलावा कई स्थानीय सदस्य शामिल रहे। इनके अलावा सेंट्रल पीस कमिटी के मोहम्मद मोइनुद्दीन अंसारी, सुरेंद्र शर्मा, शेख निजामुद्दीन, आफताब आलम, शाहिद परवेज़, फिरोज आलम, फरहत बेगम तथा फिरोज असलम मौजूद रहे।
AzadNagar शांति समिति बैठक का उद्देश्य
भारत जैसे बहु-सांस्कृतिक देश में त्यौहारों के दौरान शांति बनाए रखना जरूरी है। AzadNagar थाना शान्ति समिति ने ईद (रमजान के अंत में) और रामनवमी (चैत्र नवरात्रि के अंत में) को ध्यान में रखते हुए यह बैठक बुलाई। मुख्य लक्ष्य था जुलूसों, प्रार्थनाओं और उत्सवों को व्यवस्थित रूप से मनाना, ताकि कोई विवाद न हो। बैठक में सभी ने सुझाव दिए कि समुदाय एक-दूसरे का सम्मान करें।
ऐसी बैठकें हर साल होती हैं, खासकर संवेदनशील इलाकों में। यह सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है और अपराध रोकने में मदद करती है।
AzadNagar प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में प्रशासन की मजबूत भागीदारी रही। डीएसपी वचनदेव कुजूर ने शांति बनाए रखने के निर्देश दिए। सर्किल ऑफिसर बृजेश श्रीवास्तव ने जुलूस मार्गों पर चर्चा की। आजाद नगर थाना प्रभारी चंदन कुमार ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस किया।
AzadNagar अधिकारी सुनवाई के बाद आश्वासन दिया कि पुलिस 24×7 मुस्तैद रहेगी। सीसीटीवी, ड्रोन और फोर्स तैनाती जैसे इंतजाम किए जाएंगे।

AzadNagar बैठक में दिए गए सुझाव
- जुलूसों के समय और मार्ग पहले तय हों।
- तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर कम इस्तेमाल हों।
- सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाई जाएं।
- पड़ोसी समुदायों से पहले संपर्क करें।
- बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान।
ये सुझाव लागू होने से त्यौहार शांतिपूर्ण रहेंगे। धार्मिक सौहार्द हमेशा की तरह कायम रहेगा।
ईद और रामनवमी का महत्व
ईद-उल-फित्र: रमजान के 30 दिनों के रोजे के बाद चांद दिखने पर मनाई जाती है। नमाज, दावत और गले मिलना इसका हिस्सा है।
रामनवमी: चैत्र मास की नवमी को भगवान राम का जन्मोत्सव। मंदिरों में भजन-कीर्तन और जुलूस निकलते हैं।
दोनों त्यौहार खुशी के हैं, लेकिन भीड़भाड़ में सावधानी जरूरी। आजाद नगर थाना शान्ति समिति के द्वारा आगामी ईद और रामनवमी के अवसर पर बैठक आयोजित की गई – इससे दोनों समुदायों में विश्वास बढ़ा।
झारखंड में शांति समितियों की भूमिका
झारखंड के शहरों जैसे जमशेदपुर, रांची में शांति समितियां सक्रिय हैं। ये पुलिस और समुदाय के बीच पुल का काम करती हैं। पिछले वर्षों में इनकी वजह से कई विवाद टले। सरकार भी इन्हें प्रोत्साहित करती है।
AzadNagar थाना शान्ति समिति के द्वारा आगामी ईद और रामनवमी के अवसर पर बैठक आयोजित की गई – यह सामाजिक एकता की मिसाल। सभी सुझावों को अमल में लाकर त्यौहार हर्षोल्लास से मनाएं। शांति और प्रेम बरकरार रहे। आजाद नगर थाना शान्ति समिति के द्वारा आगामी ईद और रामनवमी के अवसर पर बैठक आयोजित की गई, ऐसी पहलें भविष्य के लिए प्रेरणा हैं।








