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खबर का असर तो होता ही है। लोग जागरुक हो रहे हैं, बच रही है जिंदगी

On: July 28, 2025 11:03 PM
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Jamshedpur: आज से ठीक 5 दिन पहले सौरभ कुमार के द्वारा एक खबर प्रकाशित किया था कि जादूगोड़ा क्षेत्र में अगर किसी को सांप काट ले तो क्या करे? पहला घंटा होता है निर्णायक।

ठीक उसी का उदाहरण आज देखने को मिला। लोगों के जागरूक के कारण नन्ही सी जान बच गई।

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यह घटना है जादूगोड़ा के तिलाईटांड गांव की जहां अभी कुछ ही दिन पहले एक बच्ची को सांप काट लिया था। लोगों और गांव वालों की जागरूकता के कारण आनंद-फ़ानन में बच्ची को केंदाडीह सदर अस्पताल लेकर गया और बच्ची की जान बच पाई।

आपने सुना होगा बहुत लोगों को सांप काटने के कारण लोगों की मौत हो जाती है। हम में से कई लोग साँप देखकर डर जाते हैं और अनजाने में उसे मारने की कोशिश करते हैं।

THE NEWS FRAME

क्या साँप वाकई खतरनाक होते हैं?

सांप काटने से मौत होना अक्सर लापरवाही, सही समय पर डॉक्टर के यहाँ नहीं पहुँचने और झाड़- फूंक, जड़ी- बूटी या देशी इलाज के चक्कर में पड़ने की वजह से होती है।

आईए जानते हैं कि अगर सांप काट ले तो हमें तुरंत क्या करना चाहिए?

सापों के जहर तीन तरह के होते हैं।

  • पहला न्यूरोटॉक्सिन,
  • दूसरा हेमोटॉक्सिन और
  • तीसरा साइटोटॉक्सिन।

ये किस तरह काम करते है चलिए समझते है।

साइटोटॉक्सिन यह शरीर में जाकर मांसपेशियों को गलाना शुरू कर देता है, जिससे नाक, कान, मुँह व आंतों से खून बहना शुरू हो जाता है और ज्यादा खून बहने से व्यक्ति की मौत हो जाती है।

न्यूरोटॉक्सिन या व्यक्ति की तंत्रिका तंत्र। यानी न्यूरोसिस्टम को प्रभावित करता है और व्यक्ति का दिमाग और नर्वस काम करना बंद कर देती है। उसे नींद आने लगती है और वह बेहोश हो जाता है। उसे लकवा हो जाता है और उसकी मौत हो जाती है।

हीमोटॉक्सिन यह व्यक्ति के ब्लड को प्रभावित करता है। खून के साथ मिलकर यह ब्लड सेल को समाप्त कर देता है और दिमाग में खून ना पहुंचने से व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।

लोगों में जागरुकता बढाकर इन मौतों को आसानी से रोका जा सकता है। जहरीले सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति की जान तभी बचाई जा सकती है, जब आप सही समय पर सही डिसीजन लेकर उसे अस्पताल पहुंचा दें।

व्यक्ति को कोई दवा ना दे, जहर को बाहर चूसने का प्रयास ना करे, घाव पर ठंडी चीज़ो जैसे बर्फ़ का प्रयोग ना करे, व्यक्ति को अल्कोहल ना दे चलने ना दे, साँप को मारने या पकड़ने का प्रयास ना करे यदि संभव हो। मरीज को सोने भी नहीं देना है। ऐसे मरीज के लिए हर मिनट कीमती होती है।

पहला घंटा सबसे ज्यादा कीमती

हमारे जादूगोड़ा के व्यक्तियों को सबसे पहले तुरंत जादूगोड़ा यूसीआईएल अस्पताल जाना चाहिए। अगर रोगी के स्थान से केंदाडीह सदर अस्पताल नजदीक हो रहा हो तो आप वहां भी तुरंत ले जा सकते हैं। केंदाडीह सदर अस्पताल में एन्टी वेनम रोगी को देने की चिकित्सा उपलब्ध है। संभव हो तो सांप की तस्वीर ले लें।

मरे या जीवित सांप का साफ़ फोटो खींच लें, जिससे उसकी पहचान की जा सके। अस्पताल में डॉक्टर तय करेगा कि रोगी को किसी जहरीले सांप ने काटा है या विषधर सांप ने, यूसीआईएल अस्पताल के सीएमओ डॉक्टर देवाशीष भट्टाचार्य से बातचीत के दौरान यह पता चला कि जादूगोड़ा अस्पताल में एन्टी वेनम अभी उपलब्ध है।

ऐसी स्थिति में हम लोग मरीज का तुरंत इलाज चालू कर देते हैं। शरीर के जिस भाग में सांप ने काटा है उसे तुरंत सेनीटाइज करके मरीजों की प्राइमरी चिकित्सा के उपरांत मरीजों की स्थिति को देखकर उन्हें जल्द से जल्द जमशेदपुर रेफर कर दिया जाता है।

प्रारंभिक चिकित्सा के दौरान रक्त का एक मामूली सा टेस्ट किया जाता है। सांप काटने का इलाज एन्टी वेनम अगर किसी ऐसे व्यक्ति को भी चढ़ जाता है, जिसे विषैले सांप ने नहीं काटा है, तो इससे मरीज की मौत नहीं होती है। बहुत सारे मामले में ऐसा भी देखा गया है कि मरीज को एंटी वेनम देने के बाद भी मरीज की मौत हो जाती है।

यह सारे मामले जहर पर निर्धारित करता है कि सांप ने शरीर के किस हिस्से में काटा है और जहर कितना फैल चुका है?

इसे आप डॉक्टर पर छोड़ दें कि वो क्या करेगा .. कैसे करेगा ?

बात अगर हम जादूगोड़ा क्षेत्र की करें तो लगभग तीन से चार प्रजातियों के ही ज़हरीले सांप पाए जाते हैं। हमारे लोकल क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र में साँपों को लेकर आम जनमानस में जागरुकता का स्तर शून्य है। हमारे आप-पास ऐसा मामला आता है तो हमें उन्हें ओझा, वैध, के पास ना भेज कर तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह देनी चाहिए।

सांप काटे हुए स्थान पर दो या सिंगल डॉट के अलावा वो जगह सूज जाता है। काटे स्थान पर त्वचा का रंग नीला, काला या गुलाबी हो सकता है, जो बाकि त्वचा के रंग से अलग दिखाई देगा। उस स्थान पर तेज़ दर्द और झुनझुनी हो सकती है।

मरीज को पेट में दर्द, उलटी, वुमेटिंग टेंडेसी, सर में तेज़ चक्कर और आँखों की पलके बंद होने लगती है, साँप हमारे पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये मुख्य रूप से कीड़ों और अन्य छोटे जानवरों को खाकर खेतों और मानव घरों की रक्षा करते हैं। हम सभी को साँपों के प्रति जागरूक होना चाहिए, हमें सांप को मारने से बचना चाहिए।

  • सौरभ कुमार, जादूगोड़ा
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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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