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करन सिंह को खुन्नस में, जबरिया जेल भेजा गया : सरयू राय का बड़ा आरोप

On: May 29, 2025 9:40 PM
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  • लोकतंत्र की हत्या है करन सिंह की गिरफ्तारी : सरयू राय

📍 जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिमी के निर्दलीय विधायक सरयू राय ने घाटशिला के जिला परिषद सदस्य करन सिंह की गिरफ्तारी को पुलिसिया खुन्नस और लोकतंत्र की हत्या बताया है। उन्होंने इस मामले में पुलिस प्रशासन के रवैये को गैर जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि इससे आम जनता और जनप्रतिनिधियों के मन में भय उत्पन्न होगा।

📌 शिकायतकर्ता ने खुद मांगी माफी, फिर भी जेल क्यों?

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सरयू राय ने प्रेस बयान में बताया कि करन सिंह के खिलाफ मारपीट और रंगदारी की शिकायत करने वाले व्यक्ति गुरुवार सुबह खुद उनके पास आए और कहा कि करन सिंह उनके परिचित हैं और उनसे गलतफहमी हो गई थी। उन्होंने शिकायत वापस लेने की इच्छा जताई।

लेकिन जब वे शिकायतकर्ता घाटशिला थाना गए, तो वहां का थानेदार उनके साथ अजीब व्यवहार करने लगा।

“शिकायतकर्ता को एक सिपाही लगाकर बाहर भेज दिया गया और उनका मोबाइल भी बंद करवा दिया गया।” – सरयू राय

करन सिंह - फाइल फोटो
करन सिंह – फाइल फोटो

📞 परिवार परेशान, पुलिस कर रही अनदेखी

शिकायतकर्ता के परिवार के सदस्य दोपहर से ही बार-बार फोन कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि वे कहां हैं। लेकिन पुलिस की ओर से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।

सरयू राय ने इस पूरे प्रकरण में पूर्वी सिंहभूम के सीनियर एसपी और ग्रामीण एसपी से कई बार बात की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

Read More : घाटशिला FIR मामले में रोशन लाल गुप्ता ‘लापता’, पुलिस पर गंभीर आरोप – सरयू राय

⚠️ “पुलिस बढ़ा रही मुकदमेबाजी” : राय

“जब शिकायतकर्ता खुद समझौता करना चाहता है, तो पुलिस को उसकी बात माननी चाहिए थी। लेकिन पुलिस ने जानबूझकर करन सिंह को जेल भेज दिया। ये पुलिस मैनुअल के खिलाफ है।” – सरयू राय

उन्होंने कहा कि पुलिस का काम निपटारा करना है, न कि लोगों को जबरन फंसाना

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😟 डर का माहौल बना रही पुलिस

सरयू राय ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के रवैये से जनप्रतिनिधि डरे और सहमे रहेंगे। आम जनता को भी लगने लगेगा कि पुलिस से न्याय नहीं बल्कि परेशानी ही मिलेगी

“अगर पुलिस इसी तरह बर्ताव करती रही, तो बड़ा हंगामा खड़ा हो सकता है।” – सरयू राय

🔚 निष्कर्ष : क्या यह केवल कानूनी मामला है या प्रशासनिक प्रतिशोध?

इस पूरे घटनाक्रम से कई सवाल उठते हैं:

  • क्या करन सिंह को जानबूझकर टारगेट किया गया?
  • जब शिकायतकर्ता शिकायत वापस लेना चाहता था, तो पुलिस ने ऐसा क्यों नहीं किया?
  • क्या यह प्रशासन की साख पर सवाल नहीं है?

सरयू राय का यह बयान निश्चित रूप से पूर्वी सिंहभूम पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब देखना यह है कि राज्य सरकार और आला अधिकारी इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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