मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

सवाल 130 करोड़ लोगों की जिंदगी का है। जब कोरोना का अंत ही नहीं तो भीड़ भाड़ पर रोक क्यों नहीं?

On: July 2, 2021 4:47 PM
Follow Us:
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

---Advertisement---
Netaji Advertisement

हमें भविष्य की रणनीति बनानी चाहिए। लेकिन इसकी अनदेखी करना सरकारी तंत्र की अव्यवस्था माने या कुछ और।

Headlines

---Advertisement---
Netaji Advertisement

क्या तीसरा वेब आने वाला है? क्या कोरोना अब खत्म हो चुका है? क्या अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा, लेमडा वेरिएंट के बाद अब कोई और खतरनाक वेरियंट किसी के शरीर में नहीं आएंगे?

इन सभी सवालों के जवाब न ही सरकार के पास है और न ही किसी वैज्ञानिक के पास। और राज्यों के अनलॉक की प्रक्रिया में सभी प्रतिष्ठानों के खोल दिये जाने से एक बार फिर डर पैदा हो गया है।

हमारे समाज का एक साधारण आदमी यह पूछता जरूर आता है कि – “क्या इलेक्शन के वक्त कोरोना छुट्टी पर रहता है?” जिसका जवाब ना ही केंद्र सरकार के पास है और ना ही राज्य सरकारों के पास।

THE NEWS FRAME

Jamshedpur : आज दिनांक 2 जुलाई, 2021 है और झारखंड सरकार का अनलॉक 0.5 चल रहा है।  जैसा कि आप जानते हैं इस अनलॉक में सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान सुबह से लेकर रात 8 बजे तक खुले रहेंगे। वहीं भीड़भाड़ वाले स्थलों / प्रतिष्ठानों / परिवहन सेवाओं के लिए 50% लोगों की उपस्थिति को मान्य रखा गया है। जिनमें धार्मिक स्थल, पार्क, होटल, रेस्टोरेंट, लॉज, मॉल, जिम बैंक्वेट हॉल आदि शामिल है।

अब बात करते हैं आमजनों के मन में उठे सवालों की। यदि तीसरा लहर आने वाला है और जिसकी सूचना सभी राज्यों / सरकारों / पदाधिकारियों को है तो फिर क्या इस अनलॉक का फर्क तीसरे लहर में नहीं पड़ेगा? पहले लहर की छूट का नतीजा दूसरे लहर की भयावह स्थिति ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। प्रतिदिन कोरोना पॉजिटिव की सँख्या मई 2021 को 4.14 लाख के पास थी। लेकिन अच्छी बात यह थी कि रिकवरी रेट बेहतर था। किन्तु इस महामारी की चपेट में आकर हमने अपनों और कई महान शख्शियतों को खो दिया है।

आज की ताजा कोविड – 19 रिपोर्ट के अनुसार विश्व में,

कुल केस – 183, 551,119

मृत्यु – 3, 973, 943

ठीक हुए – 168, 020, 456

वहीं भारत में,

कुल केस – 30, 465,185

मृत्यु – 400, 434

ठीक हुए – 29, 546, 302

इन रिपोर्ट्स को देखते हुए हमें भविष्य की रणनीति बनानी चाहिए। लेकिन इसकी अनदेखी करना सरकारी तंत्र की अव्यवस्था माने या कुछ और। क्योंकि सवाल 130 करोड़ लोगों की जिंदगी का है। जब कोरोना का अंत ही नहीं तो भीड़-भाड़ पर रोक क्यों नहीं लगाया जाता।

इलेक्शन के वक्त कोरोना का भय न ही नेताओं को रहता है न जनता को। इसका ताजा नतीजा बिहार और पश्चिम बंगाल के इलेक्शन को देखकर समझ सकते हैं। वहीं अब अनलॉक के द्वारा भीड़भाड़ वाले स्थानों को भी खोलने की अनुमति मिल गई है। जिससे घरों में कैद जनता बेताब होकर इन जगहों पर खुशी के जश्न मनाएगी। खुशी तो ठीक है, लेकिन कहीं तीसरी लहर मातम में न बदल दे।

यहां एक बात कहना जरूरी हो गया है कि कमाई आधी या नहीं हो पाई है लेकिन टैक्स और ईएमआई सबको चाहिए। होल्डिंग टैक्स, बिजली बिल, स्कूल फीस, सालाना इनकम टैक्स ……. ।

क्या इनकम मिला है या कौन सा रोजगार ही मिला है कोरोना और लॉक डाउन में।

वैसे डर सिर्फ और सिर्फ अपनों के खोने का है। तीसरी लहर की हलचल, डेल्टा और लेमडा का प्रकोप होने के बावजूद धार्मिक स्थल, पार्क, होटल, रेस्टोरेंट, लॉज, मॉल, जिम बैंक्वेट हॉल आदि को ओपन करना क्या दर्शाता है? बस का परिचालन भी एक सवाल है? बस और ट्रेनों की भीड़ भी तीसरी लहर को लाने में सहयोग कर सकती है। इनके बंद होने से भी आवागमन तो रुका नहीं था। थोड़ी ढील देकर सारे रास्ते बंद करना क्या उचित होगा?

यह अनलॉक सरकार की नासमझी या डूबती अर्थव्यवस्था को संभालने का नुस्खा या पर्याप्त टैक्स की वसूली के लिए खोला गया रास्ता है।

खैर मन में सवाल तो अब भी यही है की जब तीसरी लहर आनी है तो इतनी सारी भीड़ को खुला रास्ता देना…. न जाने कौन-सा भयानक रूप लेगी यह कोरोना। 

पढ़ें खास खबर– 

शिक्षक बनाता था नाबालिक लड़कियों की अश्लील फ़ोटो और वीडियो, करता था ब्लैकमेल!

देशवासियों को वैक्सीन की 33.57 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं : कोविड-19 पर ताज़ा जानकारी

अफगानिस्तान के राजदूत ने किया ट्वीट, जिसका जवाब रिट्वीट के जरिये दिया भारतीय प्रधानमंत्री ने।

आज का दिन क्यों है जरूरी, जाने प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के मौके पर डॉक्टरों से क्या कहा? वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक किया गया।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment

💬
TNF AI असिस्टेंट
● ताज़ा खबरों के लिए तैयार
नमस्ते! 👋 मैं आपका TNF AI असिस्टेंट हूँ। आप हमारी वेबसाइट की कोई भी खबर, topic या इंटरनेट का कोई भी सवाल यहाँ पूछ सकते हैं!