मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

एलबीएसएम कॉलेज में डाक विभाग ने कराई “ढाई आखर” पत्र लेखन प्रतियोगिता

On: January 29, 2026 10:19 PM
Follow Us:
  • पत्र लेखन केवल संवाद नहीं, संवेदनाओं की अभिव्यक्ति है : आर.के. दास
  • विद्यार्थियों ने अपने-अपने रोल मॉडल को लिखा भावनात्मक पत्र

जमशेदपुर | डिजिटल युग में जहां संवाद तेजी से बदल रहा है, वहीं भारतीय डाक विभाग ने पारंपरिक पत्र लेखन की संस्कृति को जीवित रखने की दिशा में सराहनीय पहल की है। इसी कड़ी में आज एलबीएसएम कॉलेज के हिन्दी विभाग में भारत सरकार के डाक विभाग द्वारा “ढाई आखर : पत्र लेखन प्रतियोगिता” का आयोजन किया गया।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

प्रतियोगिता का विषय था — “Letter to My Role Model”। इसमें विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने जीवन के आदर्श व्यक्तित्व को संबोधित करते हुए भावनात्मक व प्रेरणादायक पत्र लिखे।


“पत्र भावनाओं, सम्मान और आत्मीयता की अभिव्यक्ति है” — आर.के. दास

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए असिस्टेंट सुपरिन्टेन्डेन्ट श्री राजकिशोर (आर.के.) दास ने कहा —

“पत्र लेखन केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदनाओं, सम्मान और आत्मीयता की सच्ची अभिव्यक्ति है। ‘ढाई आखर’ प्रेम, आदर और सच्चे भावों का प्रतीक है, जो आज के डिजिटल युग में भी अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए है।”

उन्होंने आगे कहा कि अपने आदर्श को पत्र लिखना आत्मचिंतन की प्रक्रिया है, जो व्यक्ति के चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह अभियान नई पीढ़ी को भाषा, लेखन और भारतीय मूल्यों से जोड़ने में कारगर सिद्ध होगा तथा डाक विभाग की सामाजिक-सांस्कृतिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा।

THE NEWS FRAME


शिक्षकों ने भी किया विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन

वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विजय प्रकाश ने कहा कि छात्र-छात्राओं को ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। इससे उनकी व्यक्तित्व क्षमता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल का विकास होता है।

वहीं हिन्दी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुधीर कुमार ने पत्र लेखन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा —

“पत्र लेखन संप्रेषण और सृजन का अत्यंत सुंदर रूप है। अपनी भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करने का यह प्राचीन और विश्वसनीय माध्यम है। अपने रोल मॉडल को पत्र लिखना एक रोमांचक और प्रेरक अनुभव होता है।”

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा —

“जिस तरह एक दीया दूसरे दीये को रोशन करता है, उसी तरह हमारे रोल मॉडल के प्रकाश में हमारा व्यक्तित्व विकसित होता है। और धीरे-धीरे हम स्वयं भी किसी के लिए रोल मॉडल बन जाते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया और टीवी चैनलों के दौर में भारतीय डाक विभाग द्वारा पत्र लेखन को बढ़ावा देना मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।


आयोजन को सफल बनाने में इनकी रही भूमिका

इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में कई शिक्षकों और डाक विभाग के कर्मियों ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया, जिनमें शामिल हैं —

  • पोस्टल असिस्टेंट पुष्पेन्द्र
  • डाक अधिदर्शक विनय केसरी
  • एबीपीएम बापी मंडल
  • बीपीएम हर्ष शुक्ला
  • बीपीएम मोहन बाबू
  • मनोविज्ञान विभाग के डॉ. प्रशांत
  • इतिहास विभाग के डॉ. के.के. कमलेंदु
  • वाणिज्य विभाग की डॉ. रानी

विशेष बात

यह प्रतियोगिता केवल लेखन अभ्यास नहीं थी, बल्कि विद्यार्थियों को अपने जीवन के आदर्श व्यक्तित्व से भावनात्मक रूप से जुड़ने और आत्ममंथन करने का अवसर भी प्रदान कर गई।


विश्लेषण

आज की तेज़-रफ्तार डिजिटल दुनिया में जहां संवाद संक्षिप्त और यांत्रिक होता जा रहा है, वहां ऐसे आयोजन युवाओं को संवेदनशीलता, आत्मीयता और गहराई से जोड़ते हैं। पत्र लेखन केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि भावनाओं का सजीव दस्तावेज होता है।

भारतीय डाक विभाग की यह पहल शिक्षा संस्थानों के माध्यम से मानवीय मूल्यों और भाषा संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की प्रभावी कोशिश कही जा सकती है।


एलबीएसएम कॉलेज में आयोजित यह प्रतियोगिता केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवेदनाओं को शब्द देने और आदर्शों से जुड़ने की प्रेरक यात्रा साबित हुई। ऐसे आयोजन भविष्य में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में मील का पत्थर बन सकते हैं।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

और पढ़ें

नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में 1600 से अधिक विद्यार्थियों को मिली उपाधि, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया सम्मानित

PM-YASASVI स्कॉलरशिप ने झारखंड के विश्वजीत मंडल का एमबीए का सपना किया साकार, IIM रायपुर तक पहुंचने वाले समुदाय के पहले छात्र बने

केरला पब्लिक स्कूल, मानगो में वरिष्ठ छात्र परिषद (सीनियर स्कूल कैबिनेट) का शपथ ग्रहण एवं पदभार ग्रहण समारोह आयोजित

श्रीनाथ विश्वविद्यालय के ‘शंखनाद 2026’ में उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं का ऐलान

श्रीनाथ विश्वविद्यालय में ‘शंखनाद-2026’ का आयोजन, नए शैक्षणिक सत्र का हुआ भव्य स्वागत – डॉ. रश्मि

Jharkhand साहित्य संस्कृति परिषद की साहित्य प्रतियोगिता का परिणाम घोषित 11 अक्टूबर को होगा पुरस्कार वितरण

Leave a Comment