
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के Kowali थाना प्रभारी मुकेश कुमार साह पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को कथित रूप से झूठे मामले में फंसाने, हिरासत में मारपीट करने तथा रिहाई के बदले ₹1 लाख रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। मामले को लेकर हसड़ा निवासी श्यामा प्रसाद बेरा के पुत्र करण बेरा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, 6 जून की रात Kowali थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ श्यामा प्रसाद बेरा के घर पहुंचे और उन पर गांजा कारोबार से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए उन्हें अपने साथ थाने ले गए। परिजनों का आरोप है कि थाने में उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई।
परिवार का कहना है कि हालत बिगड़ने के बाद श्यामा प्रसाद बेरा को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज शुरू हुआ। परिजनों के मुताबिक उस समय उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल काफी बढ़ा हुआ था तथा शुगर का स्तर लगभग 400 तक पहुंच गया था।
अस्पताल से जबरन डिस्चार्ज कराने का आरोप
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि इलाज शुरू होने के कुछ घंटों बाद ही पुलिस उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर पुनः कोवाली थाना ले गई। परिवार का दावा है कि अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में पूरी घटना दर्ज है और इसकी जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ सकती है।
परिजनों का कहना है कि उस समय बुजुर्ग की स्थिति सामान्य नहीं थी और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता थी। इसके बावजूद उन्हें अस्पताल से हटाकर थाने ले जाया गया।
₹1 लाख रिश्वत मांगने का आरोप
करण बेरा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पिता को छोड़ने और मामले को रफा-दफा करने के बदले थाना प्रभारी द्वारा ₹1 लाख की मांग की गई। शिकायत में कहा गया है कि रकम नहीं देने पर श्यामा प्रसाद बेरा को झूठे गांजा मामले में जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी।
झूठे केस में फंसाने का आरोप
परिवार का दावा है कि श्यामा प्रसाद बेरा को बिना पर्याप्त साक्ष्य के एक झूठे मामले में फंसाया गया है। शिकायत के अनुसार पुलिस का कहना था कि किसी तस्कर ने उनके पिता का नाम लिया था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किस मामले में और किस आधार पर उनका नाम सामने आया।
करण बेरा का आरोप है कि बिना पर्याप्त प्रमाण के उनके पिता को हिरासत में लिया गया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।
कई अधिकारियों को भेजी गई शिकायत
मामले की शिकायत केवल एसएसपी को ही नहीं, बल्कि झारखंड के मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), कोल्हान डीआईजी तथा मुसाबनी डीएसपी को भी भेजी गई है। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परिवार की मांग
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि श्यामा प्रसाद बेरा को जल्द न्याय दिलाया जाए, मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।











