
Students is in danger: आज दिनांक 24 जून को भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष श्री एस एन पाल की ओर से उपायुक्त महोदय को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें चाकुलिया प्रखंड में शिक्षा विभाग से संबंधित गंभीर अनियमितताओं पर संज्ञान लेने की मांग की गई।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि झारखंड सरकार की ओर से छात्रों को निशु:ल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित करने के लिए भेजी गई किताबें निर्धारित स्कूलों में न जाकर, चाकुलिया के कबाड्डी क्षेत्र में पाई गई हैं, जो शिक्षा व्यवस्था में भारी लापरवाही का संकेत देती है। इस विषय में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
साथ ही कुछ महीनों पूर्व चाकुलिया ब्लॉक से 3000 से अधिक जाली जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का मामला सामने आया है, जिसे गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए तत्काल जांच और संबंधित कर्मियों पर कड़ी सजा की मांग की गई।
इसके अतिरिक्त, झारखंड सरकार द्वारा लिए गए उस निर्णय का भी विरोध किया गया, जिसके तहत सभी कॉलेजों में इंटरमीडिएट (11वीं-12वीं) की पढ़ाई बंद कर उसे स्कूलों में स्थानांतरित किया गया है। इस फैसले के विरोध में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने बताया कि अधिकांश सरकारी स्कूलों में न तो पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था है, न ही बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
सरकार के इस निर्णय से लगभग 8,000 से 10,000 छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में आ गया है। अतः मानवाधिकार संगठन ने राज्य सरकार से इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की अपील की है, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके।












































