
मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जनक और जादूगर कहा जाता है – आनंद चंद्र प्रधान

चक्रधरपुर (जय कुमार) : पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, पंपरोड, चक्रधरपुर में आज वंदना सभा में भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। सर्वप्रथम प्रधानाचार्य आनंद चंद्र प्रधान एवं आचार्य दीदी जी ने मेजर ध्यानचंद जी के चित्र पर दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर समारोह का शुभारंभ किया।
प्रधानाचार्य आनंद चंद्र प्रधान ने सर्वप्रथम ध्यानचंद जी की जयंती पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद भारत के ऐसे महान खिलाड़ी थे जिन्हें हॉकी जगत में हॉकी का जनक और जादूगर कहा जाता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें प्रतिदिन खेलकूद और व्यायाम की आवश्यकता होती है। कहा जाता है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है।

मेजर ध्यानचंद जी की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सौभिक घटक ने यह भी बताया कि पहले वे ब्रिटिश भारतीय सेना में थे और जब अंग्रेज देश छोड़कर चले गए तो उनका स्थानांतरण भारतीय सेना में हो गया। उन्हें बचपन से ही हॉकी खेलने का शौक था।
जय श्री दास ने भी उनकी जीवनी पर बताया कि मेजर ध्यानचंद ने अपने खेल हॉकी में अपने जीवनकाल में 1000 से अधिक गोल किए। उन्होंने भारत के लिए तीन बार ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। कार्यक्रम का आयोजन मीना कुमारी ने किया था और इसे सफल बनाने में जय श्री दास, शांति देवी मीना कुमारी, स्वास्तिक सोय, भारती कुमारी, सौभिक घटक, चांदनी जोंको, जयंती तांती आदि का योगदान सराहनीय रहा।








































