
जमशेदपुर: Hind आईटीआई ने अपना 17वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, जहां छात्रों, शिक्षकों और अतिथियों ने उत्साह से भाग लिया। यह आयोजन संस्थान के 17 वर्षों के सफल सफर का प्रतीक था और युवाओं को स्किल्स से आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराया।

आज हम इस ब्लॉग में पूरे कार्यक्रम की जानकारी, मुख्य अतिथियों के संदेश और संस्थान की उपलब्धियों पर विस्तार से बात करेंगे। अगर आप जमशेदपुर या आईटीआई शिक्षा में रुचि रखते हैं, तो यह पढ़ना आपके लिए उपयोगी होगा।
Hind आईटीआई का सफर 17 वर्षों की उपलब्धियां
Hind इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (हिंद आईटीआई) जमशेदपुर का एक प्रमुख स्किल डेवलपमेंट संस्थान है, जो आधुनिक तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण देता है। पिछले 17 वर्षों में यहां से प्रशिक्षित हजारों छात्र विभिन्न क्षेत्रों में सफल हुए हैं, जैसे इलेक्ट्रिशियन, वेल्डिंग और मशीनी काम में।
संस्थान का मुख्य लक्ष्य छात्रों को जॉब-ओरिएंटेड ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनाना है। अनुभवी ट्रेनर्स आधुनिक उपकरणों से पढ़ाते हैं, जिससे छात्र नौकरी के लिए तैयार हो जाते हैं। 16वें स्थापना दिवस पर भी भव्य आयोजन हुआ था, जो इसकी परंपरा को दर्शाता है।
निदेशक डॉ. मोहम्मद ताहिर हुसैन ने बताया कि संस्थान नई तकनीकों जैसे डिजिटल स्किल्स और ऑटोमेशन पर फोकस कर रहा है। यह युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देगा।
17वें स्थापना दिवस का आयोजन
17वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गरिमा से मनाया गया। निदेशक डॉ. मोहम्मद ताहिर हुसैन ने अतिथियों का स्वागत किया और संस्थान की उपलब्धियां बताईं। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पुरस्कार वितरण हुआ, जैसा पहले के वर्षों में देखा गया।
यह आयोजन केवल जश्न नहीं, बल्कि छात्रों को प्रेरित करने का मंच था। शिक्षकों ने इसे सफल बनाया और एकता का माहौल बना। संस्थान सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय है, जैसे गर्मी में राहत वितरण।

मुख्य अतिथि डॉ. मोहम्मद रेयाज का प्रेरक संदेश
मुख्य अतिथि डॉ. मोहम्मद रेयाज, करीम सिटी कॉलेज ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “आज के 2-3 साल लगन से मेहनत कर लो, तो जीवन सफल होगा। अनुशासन और ईमानदारी से नींव मजबूत करो।” उनका संदेश युवाओं के लिए मार्गदर्शक बना।
डॉ. रेयाज ने स्किल्स के महत्व पर जोर दिया, जो आज के बाजार में जरूरी है। ऐसे प्रेरक वक्तव्य संस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।
विशिष्ट अतिथि राजू रंजन कमांडो की प्रेरणा
विशिष्ट अतिथि राजू रंजन कमांडो ने अपने अनुभव साझा कर युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “संघर्ष से पीछे न हटो, कठिनाइयों का डटकर मुकाबला करो। सफलता लगातार प्रयास से मिलती है।”
उनकी बातें छात्रों में जोश भर गईं। कमांडो जैसे व्यक्ति का आना आयोजन को खास बनाता है।
अन्य गणमान्य अतिथियों की भूमिका
कार्यक्रम में यूसुफ (तैयबा मस्जिद सचिव), वहीद (तैयबा मस्जिद सदर), संतोष पोद्दार और तारिक (जिम ट्रेनर) उपस्थित रहे। इनकी मौजूदगी ने गरिमा बढ़ाई।
ये अतिथि संस्थान के सामाजिक जुड़ाव को दिखाते हैं। निदेशक डॉ. ताहिर हुसैन को पहले भी सामाजिक सम्मान मिले हैं।
शिक्षकों का योगदान
संस्थान के शिक्षक आफताब सर, सतेंद्र अयूब आलम, एम.डी. शाहिद, मन्नान, राजा, खदीजा मैम, सायमा मैम और अर्शी मैम ने आयोजन सफल बनाया। ये ट्रेनर्स छात्रों को प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाते हैं।
शिक्षकों की मेहनत से संस्थान की पहचान बनी। वे नशा-मुक्ति जैसे अभियानों में भी सक्रिय हैं।
भविष्य की योजनाएं और स्किल डेवलपमेंट
निदेशक डॉ. ताहिर हुसैन ने कहा कि संस्थान आधुनिक स्किल्स पर फोकस करेगा, जैसे इंडस्ट्री 4.0 और डिजिटल टूल्स। उद्देश्य छात्रों को आत्मनिर्भर बनाना है। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में यह जरूरी है।
संस्थान जॉब प्लेसमेंट और सर्टिफिकेशन पर जोर देगा। पहले के छात्र सफल हैं, जो इसका प्रमाण है।
स्थापना दिवस का महत्व
यह आयोजन टेक्नोलॉजी, स्किल्स और मेहनत का संदेश देता है। छात्रों में उत्साह और एकता का माहौल बना। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करते हैं
जमशेदपुर Hind आईटीआई का 17वां स्थापना दिवस सफल रहा, जो स्किल्स और मेहनत का प्रतीक है। डॉ. ताहिर हुसैन के नेतृत्व में संस्थान युवाओं को उज्ज्वल भविष्य देगा। आइए हम सब मिलकर ऐसे संस्थानों का समर्थन करें। छात्रों को शुभकामनाएं!















