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Tata पावर के रूफटॉप सोलर बिजनेस ने तय किया 2030 तक ₹30,000 करोड़ सालाना राजस्व का लक्ष्य

On: August 14, 2026 6:13 PM
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मुंबई: Tata पावर का रूफटॉप सोलर बिजनेस आने वाले वर्षों में विस्तार के बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। कंपनी ने वर्ष 2030 तक रूफटॉप सोलर बिजनेस से ₹30,000 करोड़ का वार्षिक राजस्व हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। भारत में घरों, हाउसिंग सोसायटियों, दुकानों और औद्योगिक इकाइयों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अपने रूफटॉप सोलर कारोबार को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रही है।

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कंपनी का मानना है कि सरकारी नीतियों का समर्थन, सोलर टेक्नोलॉजी की घटती लागत, बिजली की बढ़ती मांग और लोगों में स्वच्छ ऊर्जा को लेकर बढ़ती जागरूकता इस सेक्टर के विकास को गति दे रही है।

5 लाख से अधिक ग्राहकों को दे चुकी है सेवा

टाटा पावर के रूफटॉप सोलर बिजनेस ने देशभर में 5 लाख से अधिक ग्राहकों को अपनी सेवाएं दी हैं। कंपनी अब इस संख्या को तेजी से बढ़ाने की योजना बना रही है।

कंपनी ने वर्ष 2029 तक अपने रूफटॉप सोलर ग्राहकों की संख्या 30 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी देश के अलग-अलग हिस्सों में अपने नेटवर्क और सेवाओं का विस्तार करने पर ध्यान दे रही है।

25 फीसदी बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य

रूफटॉप सोलर के तेजी से बढ़ते भारतीय बाजार में टाटा पावर ने 25 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। कंपनी को उम्मीद है कि उसका मजबूत ब्रांड, देशव्यापी नेटवर्क और ग्राहकों के बीच भरोसा इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।

रूफटॉप सोलर की बढ़ती मांग के बीच कंपनी आवासीय और कमर्शियल दोनों क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

चार वर्षों में कारोबार में मजबूत वृद्धि

कंपनी के रूफटॉप सोलर बिजनेस ने पिछले कुछ वर्षों में राजस्व और मुनाफे के स्तर पर मजबूत वृद्धि दर्ज की है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में ₹342 करोड़ का राजस्व दर्ज किया गया था, जो वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बढ़कर लगभग ₹1,350 करोड़ हो गया।

इस दौरान राजस्व में लगभग 58 प्रतिशत की CAGR दर्ज की गई। यह वृद्धि बताती है कि रूफटॉप सोलर कारोबार में कंपनी की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं।

EBITDA में भी तेज बढ़ोतरी

रूफटॉप सोलर बिजनेस के EBITDA में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में EBITDA करीब ₹38 करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बढ़कर ₹197 करोड़ तक पहुंच गया।

इस अवधि में EBITDA की CAGR लगभग 74 प्रतिशत रही। कंपनी के लिए यह वृद्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कारोबार के साथ-साथ ऑपरेशनल प्रदर्शन में सुधार का संकेत मिलता है।

शुद्ध मुनाफे में 84 फीसदी CAGR

कंपनी के रूफटॉप सोलर कारोबार में टैक्स के बाद शुद्ध मुनाफे में भी तेज वृद्धि देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में करीब ₹23 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया गया था, जो वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बढ़कर ₹145 करोड़ हो गया।

इस अवधि में शुद्ध मुनाफे की CAGR करीब 84 प्रतिशत रही। राजस्व, EBITDA और मुनाफे में एक साथ वृद्धि कंपनी के इस कारोबार के विस्तार की संभावनाओं को दर्शाती है।

सिर्फ सोलर पैनल तक सीमित नहीं रहेगा बिजनेस

टाटा पावर अब अपने रूफटॉप सोलर बिजनेस को केवल सोलर पैनल लगाने तक सीमित नहीं रखना चाहती। कंपनी अपने उत्पादों और सेवाओं का विस्तार करते हुए ग्राहकों को एक व्यापक होम एनर्जी सॉल्यूशन उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

इसके तहत कंपनी सोलर पैनल के साथ Battery Energy Storage Solutions (BESS) को भी जोड़ रही है। इससे ग्राहकों को सौर ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल करने और ऊर्जा की जरूरतों को अधिक प्रभावी तरीके से पूरा करने में मदद मिल सकती है।

बैटरी स्टोरेज से मिलेगा अतिरिक्त लाभ

सोलर पैनल दिन के समय बिजली का उत्पादन करते हैं, जबकि बैटरी स्टोरेज सिस्टम अतिरिक्त ऊर्जा को स्टोर करने में मदद करता है। जरूरत के समय इस स्टोर की गई ऊर्जा का उपयोग किया जा सकता है।

टाटा पावर का मानना है कि सोलर और बैटरी स्टोरेज का संयोजन ग्राहकों को अधिक प्रभावी ऊर्जा समाधान उपलब्ध करा सकता है। इससे बिजली की उपलब्धता को बेहतर बनाने और घरों को ऊर्जा के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल सकती है।

घरेलू ऊर्जा प्लेटफॉर्म बनाने की तैयारी

कंपनी अपने रूफटॉप सोलर बिजनेस को एक Integrated Home Energy Platform के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को केवल सोलर पैनल उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनके घर की ऊर्जा जरूरतों के लिए एक व्यापक समाधान देना है।

बढ़ती बिजली की कीमतों और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच ऐसे समाधान लोगों के लिए आकर्षक हो सकते हैं। कंपनी को उम्मीद है कि इस बदलाव से उसके लिए बाजार का दायरा और बड़ा होगा।

ग्राहकों की बदलती जरूरतों पर नजर

कंपनी के अनुसार, आज के समय में ग्राहक केवल सोलर पैनल लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहते। वे अपने घर के लिए ऐसा ऊर्जा समाधान चाहते हैं जो भरोसेमंद, टिकाऊ और जरूरत के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने में सक्षम हो।

इसी बदलती ग्राहक जरूरत को देखते हुए टाटा पावर सोलर, बैटरी स्टोरेज और डिजिटल टेक्नोलॉजी को एक साथ जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

भारत में तेजी से बढ़ रहा रूफटॉप सोलर बाजार

भारत में स्वच्छ ऊर्जा को लेकर लगातार रुचि बढ़ रही है। घरों और व्यवसायों में बिजली की बढ़ती मांग के साथ लोग सौर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक स्रोतों की ओर भी देख रहे हैं।

रूफटॉप सोलर के विस्तार के पीछे कई प्रमुख कारण हैं, जिनमें अनुकूल सरकारी नीतियां, घटती तकनीकी लागत, बढ़ती बिजली की मांग, शहरीकरण और ग्राहकों में बढ़ती जागरूकता शामिल हैं।

सरकारी नीतियों से मिल रहा समर्थन

आवासीय रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयास भी इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सब्सिडी और प्रोत्साहन जैसी योजनाओं के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के बीच सोलर सिस्टम को लेकर रुचि बढ़ सकती है।

टाटा पावर को उम्मीद है कि आवासीय रूफटॉप सोलर के लिए सरकार का निरंतर सहयोग इस कारोबार के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बिजली की बढ़ती मांग से बढ़ेगा अवसर

भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आर्थिक गतिविधियों के साथ बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। घरों के अलावा छोटे व्यवसाय, संस्थान और औद्योगिक इकाइयां भी अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर विचार कर रही हैं।

ऐसे वातावरण में रूफटॉप सोलर कंपनियों के लिए विकास की बड़ी संभावनाएं बन सकती हैं। टाटा पावर इसी अवसर का लाभ उठाने की तैयारी कर रही है।

मजबूत नेटवर्क और ब्रांड पर कंपनी का भरोसा

टाटा पावर का मानना है कि उसका देशव्यापी नेटवर्क, मजबूत ब्रांड, ग्राहक सेवा और तकनीकी क्षमता रूफटॉप सोलर बिजनेस को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कंपनी अपने मौजूदा ग्राहक आधार और नेटवर्क का उपयोग करते हुए नए ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। साथ ही डिजिटल तकनीकों के माध्यम से ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

टिकाऊ और डिजिटल ऊर्जा समाधान पर फोकस

भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में ऐसे समाधानों की मांग बढ़ने की संभावना है जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ स्मार्ट और डिजिटल भी हों। टाटा पावर अपने रूफटॉप सोलर कारोबार में इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।

सोलर पैनल, बैटरी स्टोरेज और डिजिटल तकनीक को एक साथ जोड़कर कंपनी ग्राहकों को अधिक आधुनिक और टिकाऊ ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है।

2030 का लक्ष्य कितना महत्वपूर्ण

वर्ष 2030 तक ₹30,000 करोड़ सालाना राजस्व का लक्ष्य टाटा पावर के रूफटॉप सोलर बिजनेस के लिए काफी महत्वाकांक्षी है। इसके साथ 2029 तक 30 लाख ग्राहकों और भारतीय रूफटॉप सोलर बाजार में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का लक्ष्य भी कंपनी की विस्तार रणनीति को दर्शाता है।

यदि बाजार की मौजूदा वृद्धि जारी रहती है और सोलर टेक्नोलॉजी की लागत में कमी तथा सरकारी समर्थन बना रहता है, तो कंपनी के लिए अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर बने रह सकते हैं।

Tata पावर ने भारत के तेजी से बढ़ते रूफटॉप सोलर बाजार को देखते हुए बड़े विस्तार की योजना तैयार की है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक ₹30,000 करोड़ का वार्षिक राजस्व, 2029 तक 30 लाख ग्राहक और बाजार में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना है।

राजस्व, EBITDA और शुद्ध मुनाफे में दर्ज मजबूत वृद्धि के साथ कंपनी अब सोलर पैनल से आगे बढ़कर बैटरी स्टोरेज और डिजिटल तकनीक आधारित एकीकृत ऊर्जा समाधान पर फोकस कर रही है। भारत में स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग, सरकारी नीतियों का समर्थन, घटती लागत और उपभोक्ताओं की बढ़ती जागरूकता रूफटॉप सोलर सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर रही है। टाटा पावर अपने मजबूत नेटवर्क और ब्रांड के सहारे इस बढ़ते बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने की तैयारी में है।

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