
जमशेदपुर: इस तपती Heat में इंसानों को ही नहीं, हमारे साथ रहने वाले बेजुबान जानवरों, चिड़ियों और छोटे पक्षियों को भी प्यास का सामना करना पड़ रहा है। Heat सिर्फ हमें ही नहीं लगती, बल्कि बेजुबानों को भी – इसलिए अपने आंगन, बालकनी, छत या बगीचे में पानी का बर्तन रखना हर इंसान का फर्ज है। मिट्टी के कटोरे में पानी और दाने रखने से उनका जीवन बचता है, और आपको पुण्य की प्राप्ति होती है। एम एस आई टी आई टीम पिछले 10-12 सालों से ये पुण्य कार्य कर रही है, और इस साल विशेष अभियान चला रही है। फोटो भेजकर आप भी हिस्सा लें और सम्मान पाएं!

Heat का कहर बेजुबानों की व्यथा
भारत में अप्रैल का महीना आते ही तापमान 45 डिग्री को छू लेता है। सड़कों पर कुत्ते, बिल्लियां, गायें और चिड़ियां पानी की तलाश में भटकती हैं। कई तो प्यास से तड़प-तड़प कर मर जाते हैं। Heat सिर्फ हमें ही नहीं लगती, पक्षियों को भी उतनी ही जलन होती है। वे उड़ नहीं पाते, पानी न मिलने से कमजोर पड़ जाते हैं। ग्रामीण इलाकों में तो गौवंश और जानवरों की संख्या ज्यादा है, जहां नदियां सूख जाती हैं। ये दृश्य दिल दहला देने वाले हैं।
मानवता का धर्म है कि हम इन मासूमों की मदद करें। एक छोटा सा कटोरा रखने से कितने जीव बच सकते हैं, सोचिए। धार्मिक ग्रंथों में भी कहा गया है – जीवों को पानी पिलाना महापुण्य है। Heat में ये नेक काम हर घर से शुरू होना चाहिए।
पक्षियों और जानवरों के लिए सही तरीके
मिट्टी का कटोरा सबसे अच्छा है, क्योंकि ये ठंडा रहता है। प्लास्टिक से बचें, गर्म हो जाता है। ऊंचाई पर रखें ताकि कुत्ते न उड़ाएं। सुबह-शाम पानी भरें, कभी खाली न रहने दें। दाने, चावल के दाने या बाजरा डालें। गाय-भैंस के लिए बड़े बर्तन रखें। छत पर तो कोयल, मैना जैसे पक्षी आते ही हैं। ये छोटे प्रयास पर्यावरण संरक्षण का हिस्सा हैं।
एम एस आई टी आई का विशेष अभियान 10 साल की साधना
एम एस आई टी आई टीम Heat में बेजुबान जीवों के लिए पानी का इंतजाम को मिशन बना चुकी है। पिछले दशक से वे गांव-शहर में जागरूकता फैला रहे हैं। इस साल विशेष ड्राइव चल रही है – घर में पानी का बर्तन रखें, फोटो खींचकर WhatsApp पर भेजें: 9308652107। खालिद इकबाल जी नेतृत्व कर रहे हैं।
हमारी टीम सम्मानित करेगी, सर्टिफिकेट या शोहरत देगी। इससे दूसरों को प्रेरणा मिलेगी। कल्पना कीजिए, अगर 1000 लोग हिस्सा लें तो लाखों जीव बचेंगे। सोशल मीडिया पर #BajubanWaterDrive चला सकते हैं। ये चेन रिएक्शन बनेगा।

अन्य अभियानों से प्रेरणा
देशभर में ऐसे कई प्रयास हो रहे हैं। फरीदाबाद में पक्षी बचाओ अभियान ने मिट्टी के घड़े बांटे। बिशप कॉटन स्कूल ने जागरूकता कैंप लगाए। जल जीवन मिशन ने इंसानों के लिए पानी पहुंचाया, अब बेजुबानों की बारी। पशु विशेषज्ञ कहते हैं – गर्मी में पशुओं को 3 बार साफ पानी पिलाएं। ये सामूहिक जिम्मेदारी है।
लाभ पुण्य और सुकून का स्रोत
मासूम और बेजुबान जीवों को पानी पिलाना धर्म का कार्य है। कुरान, गीता, बाइबल सब यही सिखाते हैं। दिल को सुकून मिलता है, घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। बच्चे सीखते हैं करुणा। पर्यावरण संतुलन बना रहता है – चिड़ियां कीट खाती हैं, फसल सुरक्षित। Heat में बीमारियां कम होंगी। सरकार को भी ऐसे अभियान समर्थन देना चाहिए।
अभियान में हिस्सा लें – फोटो भेजें। खालिद इकबाल जी का नंबर सेव करें। इंदौर, जमशेदपुर जैसे शहरों से शुरूआत करें। Heat खत्म होने तक चलाइए।
चुनौतियां और समाधान
शहरीकरण में जगह कम, लेकिन बालकनी काफी। कुत्ते पानी उड़ा देते, ऊंचाई पर रखें। पानी गंदा हो जाता, रोज बदलें। जागरूकता फैलाएं – पड़ोसियों को कहें। स्कूलों में ये सिखाएं। NGOs से जुड़ें।
Heat सिर्फ हमें ही नहीं लगती, बल्कि बेजुबानों को भी – इसलिए आज से पानी का बर्तन रखें। एम एस आई टी आई अभियान में जुड़ें, फोटो भेजें। मासूम जीवों को पानी पिलाना पुण्य है। दिल को सुकून मिलेगा, समाज सुधरेगा। खालिद इकबाल जी को धन्यवाद। चलो, इस गर्मी को करुणा का संदेश बनाएं














