
नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री 13 से 18 जून 2026 तक France और स्लोवाक गणराज्य की महत्वपूर्ण यात्रा पर रहेंगे। यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति, रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने यात्रा से पहले जारी अपने बयान में कहा कि यह दौरा यूरोप तथा G-7 देशों के साथ भारत की गहन होती साझेदारी को और मजबूत करेगा।

🇫🇷 France के साथ विशेष वैश्विक सामरिक साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सामरिक दृष्टि में France का विशेष स्थान है। इसी वर्ष की शुरुआत में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को “विशेष वैश्विक सामरिक साझेदारी” के स्तर तक उन्नत किया था।
नीस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ होने वाली बैठक में दोनों नेता फरवरी में हुई चर्चाओं के बाद हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य के सहयोग की नई योजनाओं पर विचार करेंगे। इसके साथ ही वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है।
भारत इनोवेट्स कार्यक्रम का होगा उद्घाटन
14 जून को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त रूप से भारत इनोवेट्स कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने का मंच प्रदान करेगा।
सरकार का मानना है कि यह आयोजन भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों से निकल रहे नवाचारों को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊर्जा मिलेगी।
🇸🇰 स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा
नीस से प्रधानमंत्री स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा पर रवाना होंगे। वर्ष 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक यात्रा होगी, जिससे इस दौरे का ऐतिहासिक महत्व और बढ़ जाता है।
ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री की मुलाकात राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से होगी। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
प्रधानमंत्री स्लोवाकिया के प्रमुख उद्योगपतियों और व्यापारिक नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को आगे बढ़ाने में भी मददगार साबित होगी।
G-7 शिखर सम्मेलन में भारत की मजबूत उपस्थिति
स्लोवाकिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री फ्रांस के एवियन शहर पहुंचेंगे, जहां 16 और 17 जून को आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि G-7 में भारत की लगातार आठवीं उपस्थिति वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और साझेदार देशों के विश्वास का प्रमाण है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत केवल अपने राष्ट्रीय हितों की बात नहीं करेगा, बल्कि ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को भी मजबूती से विश्व मंच पर रखेगा।
विवाटेक 2026 में दिखेगा भारत का नवाचार सामर्थ्य
18 जून को प्रधानमंत्री पेरिस में आयोजित यूरोप के सबसे बड़े तकनीकी और नवाचार सम्मेलन ‘विवाटेक 2026’ में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ भाग लेंगे।
इस बार सम्मेलन में भारत का अब तक का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पवेलियन स्थापित किया जाएगा। इसमें भारतीय स्टार्टअप्स, तकनीकी कंपनियों और नवाचार परियोजनाओं का प्रदर्शन होगा। यह भारतीय और यूरोपीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है।
🇮🇳 भारतीय समुदाय से भी करेंगे मुलाकात
पेरिस में प्रधानमंत्री भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने भारतीय प्रवासियों को भारत और France के बीच एक सशक्त एवं जीवंत सेतु बताया।
विशेष महत्व
✔ फ्रांस के साथ रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती
✔ स्लोवाकिया की पहली भारतीय प्रधानमंत्री स्तरीय यात्रा
✔ G-7 में लगातार आठवीं बार भारत की भागीदारी
✔ ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मिलेगा वैश्विक मंच
✔ स्टार्टअप, नवाचार और निवेश सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री की यह बहुस्तरीय यूरोप यात्रा केवल कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का महत्वपूर्ण प्रदर्शन है। फ्रांस और स्लोवाकिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ G-7 और विवाटेक जैसे मंचों पर भारत अपनी आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक शक्ति का परिचय देगा। यह दौरा भारत और यूरोप के बीच सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत साबित हो सकता है।





































