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NIT जमशेदपुर दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संबोधन – “शिक्षण संस्थान केवल डिग्री देने वाले केंद्र नहीं, राष्ट्र की बौद्धिक प्रयोगशालाएँ हैं”

On: December 30, 2025 8:05 PM
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जमशेदपुर : भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षण संस्थानों की भूमिका को महज़ डिग्री प्रदान करने तक सीमित न मानते हुए उन्हें देश की अग्रणी अनुसंधान इकाइयों और भविष्य की “बौद्धिक प्रयोगशालाएँ” बताया।

राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक जिस तेज़ी से बदल रही है, वह अभूतपूर्व है। आधुनिक तकनीकों ने शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, संचार, ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला दी है, लेकिन साथ ही साइबर अपराधों और ई-कचरे के खतरे भी बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि एनआईटी जैसे प्रमुख संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे इन चुनौतियों का समाधान खोजें और टिकाऊ तकनीकों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएँ।

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अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मु ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी उच्च शिक्षा संस्थान की प्रतिष्ठा केवल रैंकिंग या प्लेसमेंट के आधार पर नहीं आँकी जा सकती। असली पहचान इस बात से निर्धारित होती है कि संस्थान और उसके विद्यार्थी समाज के कल्याण और राष्ट्र निर्माण में कितना योगदान देते हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग छात्रों से तकनीकी प्रगति का उपयोग मानव कल्याण के साधन के रूप में करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इस दिशा में अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना बेहद अहम है। उन्होंने एनआईटी छात्रों को रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे उभरते और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में नए उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे न केवल अपने लिए, बल्कि समाज के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर सकें।

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राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब समाज के अंतिम व्यक्ति को भी सम्मानजनक जीवन जीने के साधन उपलब्ध हों। उन्होंने जोर देकर कहा —

“ज्ञान तभी सार्थक है, जब उसका लाभ आम लोगों तक पहुँचे।”

उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि मन से किया गया नवाचार समाज के लिए वरदान होता है, जबकि बिना भावना के किया गया आविष्कार सिर्फ एक मशीन बनकर रह जाता है।

समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने भाग लिया और राष्ट्रपति के प्रेरक शब्दों का स्वागत किया।


राष्ट्रपति का भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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