
- उपायुक्त के निर्देश पर एनएच-33 में ओवरलोडिंग के खिलाफ सघन वाहन जांच अभियान
- चालकों व नागरिकों से यातायात नियमों के पालन की अपील, रोजाना औचक निरीक्षण जारी रहेगा
जमशेदपुर/बहरागोड़ा (पूर्वी सिंहभूम), 19 जनवरी: जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार एनएच-33 पर बहरागोड़ा से जमशेदपुर के बीच सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान में परिवहन विभाग ने विशेष रूप से पैसेंजर वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी (ओवरलोडिंग) को लेकर सख्ती दिखाई।

अभियान का नेतृत्व जिला मोटरयान निरीक्षक (MVI) श्री सूरज हेंब्रम ने किया। सड़क सुरक्षा टीम ने इस दौरान 40 से अधिक बसों, मैजिक वैन और अन्य व्यावसायिक वाहनों को रोककर दस्तावेजों की जांच की।
15 ओवरलोड वाहन पकड़े गए, 2.45 लाख का जुर्माना
जांच के क्रम में कुल 15 वाहन ऐसे पाए गए, जो नियमों की अनदेखी करते हुए ओवरलोडिंग कर रहे थे। परिवहन विभाग ने इन वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 2 लाख 45 हजार रुपये का जुर्माना वसूला।
फिटनेस, इंश्योरेंस, PUC और परमिट की भी हुई जांच
परिवहन विभाग ने केवल ओवरलोडिंग तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि—
- वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र
- इंश्योरेंस
- प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC)
- परमिट
की भी बारीकी से जांच की गई।
MVI श्री सूरज हेंब्रम ने मौके पर वाहन चालकों को जागरूक करते हुए कहा कि ओवरलोडिंग केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सड़क पर चलने वाली जिंदगियों के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और जिले के विभिन्न इलाकों में प्रतिदिन औचक निरीक्षण जारी रहेगा।
परिवहन विभाग की अपील: नियम मानें, दुर्घटना और जुर्माने से बचें
परिवहन विभाग ने सड़क दुर्घटनाओं से बचाव और भारी जुर्माने से बचने के लिए आम लोगों व वाहन चालकों को दिशा-निर्देश जारी किए—
जरूरी दिशा-निर्देश
🔸 ओवरलोडिंग से बचें – पैसेंजर वाहनों में परमिट के अनुसार निर्धारित सीटों से अधिक सवारी न बैठाएं, इससे वाहन का संतुलन बिगड़ता है।
🔸 वाहन चलाते समय हमेशा साथ रखें—
- वैध ड्राइविंग लाइसेंस (DL)
- इंश्योरेंस
- फिटनेस प्रमाण पत्र
- PUC (प्रदूषण प्रमाण पत्र)
🔸 चार पहिया में सीट बेल्ट अनिवार्य और दुपहिया में चालक व पीछे बैठे व्यक्ति दोनों के लिए हेलमेट जरूरी।
🔸 स्पीड लिमिट का उल्लंघन न करें – नेशनल हाईवे व शहर की सड़कों पर तेज रफ्तार जानलेवा हो सकती है।
🔸 शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर अपराध – इसमें जेल, लाइसेंस रद्द और कठोर दंड का प्रावधान है।
एनएच-33 पर यह सघन जांच अभियान यह संकेत देता है कि जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर है। परिवहन विभाग की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, जिससे ओवरलोडिंग, अवैध संचालन और नियम उल्लंघन पर नियंत्रण हो और जिले में सड़कें सुरक्षित बनें।
— रिपोर्ट: The News Frame









































