
चाईबासा (जय कुमार): झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के तत्वाधान में आज दिनांक 31-05-25 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर कोचिंग संस्थान ब्राइटवे अकैडमी टुंगरी चाईबासा में पीएलवी हेमराज निषाद एवं पीएलवी रत्ना चक्रवर्ती के द्वारा विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित छात्र-छात्राओं को डालसा का गठन उद्देश्य और इससे मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर छात्रों को जागरुक करते हुए बताया गया कि धूम्रपान और तंबाकू का सेवन स्वस्थ और पर्यावरण के लिए हानिकारक है। इससे गंभीर रोग और बीमारी होती है अंततः लोग कैंसर जैसे गंभीर बीमारी का शिकार हो जाते हैं।
धूम्रपान और तंबाकू का सेवन रोकने के लिए सरकार द्वारा कई कार्यक्रम चलाए जाते हैं। हमें जागरुक होकर अपना बचाव करना है एवं लोगों को भी जागरुक करते हुए इसके दुष्परिणामों से बचा सकते हैं।
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धूम्रपान करने वाला व्यक्ति के साथ उनके संगत में जो रहते हैं उनके स्वास्थ्य पर भी दुष्परिणाम होता है। सी ओ टी पी ए 2003 के अंतर्गत स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के अंदर सिगरेट एवं तंबाकू उत्पादक बेचना दंडनीय अपराध है।
पकड़े जाने पर जुर्माना और सजा का प्रावधान है। फिल्मों में भी धूम्रपान का दृश्य आने पर जागरूकता हेतु इसका सेवन हानिकारक है का स्लोगन आता है। तंबाकू में निकोटिन उत्तेजक पदार्थ रहता है जिससे स्वस्थ में हानि पहुंचती है धूम्रपान छोड़ने के लिए कई तरह के नुस्खे आजमाए जाते हैं। यह एक दिन में नहीं होगा लेकिन एक दिन जरूर होगा।
धूम्रपान छोड़ने की मन में प्रबल इच्छा आत्मविश्वास और व्यायाम, तनाव मुक्त जीवन इसका बचाव है। तंबाकू की खेती करने के लिए वनों की कटाई एवमं कई हेक्टर भूमि में खेती से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है।
तंबाकू में मौजूद 4000 जहरीले तत्व से विभिन्न प्रकार के बीमारियों का लोग शिकार हो जाते हैं बालों का झड़ना, मोतियाबिंद, दांत में सड़न, फेफड़े का कैंसर, दिल की बीमारी, पेट का अल्सर, बजरंग उंगलियां, विकृत शुक्राणु, गैंग्रीन, कैंसर आदि कई गंभीर प्रकार की बीमारियां होती है। इसके अलावे हेल्पलाइन नंबरों के बारे जानकारी देकर उपस्थित छात्रों को जागरूक किया गया।
इस विधिक जागरूकता शिविर में ब्राइट वे अकादमी के संचालक डॉ मुरारी लाल वैध की पत्नी श्रीमती रीना वैध एवं शिक्षिका लक्ष्मी बोदरा के साथ छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।











































