
जमशेदपुर: प्रधान जिला जज अरविंद कुमार पांडेय की अध्यक्षता में 25 अप्रैल 2026 को व्यवहार न्यायालय में NI एक्ट स्पेशल लोक अदालत होगी। स्पेशल लोक अदालत में NI एक्ट मामले का निष्पादन पर बैठक हुई। बैंक अधिकारी, पैनल लॉयर्स ने हिस्सा लिया।

NI एक्ट क्या है, लोक अदालत के फायदे और प्रक्रिया समझेंगे। न्यायिक प्रक्रिया तेज हो, यही मकसद।
NI एक्ट बैठक का विवरण पांडेय जी की अपील
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय ने चैम्बर में बैठक बुलाई। मुख्य मुद्दा: स्पेशल लोक अदालत में अधिक से अधिक NI एक्ट मामले का निष्पादन।
उपस्थित:
- बैंक अधिकारी।
- पैनल लॉयर्स।
- डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी।
जज साहब ने कहा — ज्यादा केस सेटल हों, पीड़ितों को जल्द न्याय। 25 अप्रैल को व्यवहार न्यायालय में होगा।
NI एक्ट क्या है? समझिए आसान भाषा में
Negotiable Instruments Act, 1881 चेक बाउंस केसेज के लिए। धारा 138: चेक डिशॉनर पर सजा — 2 साल तक जेल, दोगुना जुर्माना।
झारखंड में हजारों केस पेंडिंग। स्पेशल लोक अदालत में NI एक्ट मामले का निष्पादन से ब्याज, पेमेंट सेटलमेंट।
आंकड़े:
- पूर्वी सिंहभूम: 5000+ NI केस।
- 70% बैंक रिकवरी।

स्पेशल लोक अदालत के फायदे
लोक अदालत NALSA (National Legal Services Authority) की पहल। स्पेशल लोक अदालत में NI एक्ट मामले का निष्पादन क्यों खास?
- तेज निपटान: एक दिन में सेटल।
- मुक्ति: कोई कोर्ट फीस नहीं।
- समझौता: दोनों पक्ष राजी, अवॉर्ड फाइनल।
- अपील नहीं: फैसला बाइंडिंग।
- ब्याज छूट: कई केस में राहत।
बैंकर्स को निर्देश — ज्यादा केस भेजें। पैनल लॉयर्स तैयार रहें।
प्रक्रिया स्टेप बाय स्टेप
- डालसा नोटिस जारी।
- पक्षकार सूचना।
- 25 अप्रैल को हियरिंग।
- सेटलमेंट अवॉर्ड।
- पेमेंट प्लान।
साथ ही, कुमार सौरभ त्रिपाठी ने जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया, ताकि आम लोग लोक अदालत की उपयोगिता को समझ सकें और अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से Negotiable Instruments Act से जुड़े मामलों में समझौते की संभावना अधिक होती है, इसलिए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए।
NI एक्ट जिला न्यायिक व्यवस्था: तेज न्याय की दिशा
जमशेदपुर डालसा सक्रिय। अरविंद कुमार पांडेय की अगुवाई में कई लोक अदालतें सफल। NI एक्ट पर फोकस क्योंकि बिजनेस प्रभावित।
लाभ:
- कोर्ट पर बोझ कम।
- छोटे व्यापारी राहत।
- इकोनॉमी बूस्ट।

NI एक्ट भाग कैसे लें?
- डालसा ऑफिस संपर्क।
- केस डिटेल्स दें।
- 25 अप्रैल उपस्थित।
स्पेशल लोक अदालत में NI एक्ट मामले का निष्पादन से हजारों को फायदा। पांडेय जी का आह्वान — अधिक भागीदारी। चेक बाउंस पीड़ित, अवसर लपकें। न्याय तेज, समाज मजबूत!
बैठक के अंत में जिला जज अरविंद कुमार पांडेय ने सभी संबंधित अधिकारियों, पैनल लॉयर्स तथा बैंक प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय और सक्रिय सहयोग के माध्यम से Negotiable Instruments Act से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन की दिशा में ठोस प्रयास करें।
NI एक्ट कि स्पेशल लोक अदालत एक प्रभावी मंच है, जहां आपसी सहमति से विवादों का त्वरित और सुलभ समाधान संभव है, जिससे न केवल न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि आम नागरिकों को भी शीघ्र न्याय प्राप्त हो सकेगा।
इस अवसर पर कुमार सौरभ त्रिपाठी ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि लोक अदालत की सफलता सभी पक्षों की सहभागिता और जागरूकता पर निर्भर करती है।
NI एक्ट बैंक अधिकारियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत करें, ताकि समय और संसाधनों की बचत हो सके। बैठक का समापन सकारात्मक माहौल में हुआ, जिसमें सभी ने न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए अपने-अपने स्तर पर सहयोग करने का संकल्प लिया।
बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों और पैनल लॉयर्स ने यह विश्वास दिलाया कि वे अपने-अपने स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में लाने का प्रयास करेंगे। अंततः यह बैठक न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जनहितकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, जिससे आम नागरिकों को त्वरित एवं सुलभ न्याय मिलने की उम्मीद और भी मजबूत हुई।















