जमशेदपुर: Netaji सुभाष विश्वविद्यालय के परिसर में शनिवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के लिए इंडक्शन प्रोग्राम ‘नव-आगमन 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं से परिचित कराना और उनके नए शैक्षणिक सफर की सकारात्मक शुरुआत करना था। उत्साह और उमंग से भरे इस कार्यक्रम में करीब 5000 विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुए।
पारंपरिक लोक नृत्य से हुआ अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत परिसर में आमंत्रित अतिथियों के आगमन के साथ हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अतिथियों का स्वागत झारखंड की पारंपरिक लोक संस्कृति और लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति के साथ किया गया। इसके बाद सभागार में सभी गणमान्य अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर औपचारिक रूप से स्वागत किया गया।
समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को उत्साह, उमंग और ऊर्जा से भर दिया।
शिक्षा, प्रशासन, मीडिया और कॉरपोरेट जगत की प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
‘नव-आगमन 2026’ समारोह में शिक्षा, प्रशासन, मीडिया और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह, मुख्य अतिथि इंद्रजीत महथा, डीआईजी, एसटीएफ, विशिष्ट अतिथि कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि, रजिस्ट्रार नागेंद्र कुमार, दैनिक जागरण के संपादक प्रदीप कुमार सिंह और फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के ईसी सदस्य धर्मेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
इसके अलावा कॉरपोरेट जगत से पंकज गुप्ता, हेड एचआर, जमुना ऑटो लिमिटेड, गदाधर दास, एचआर एग्जीक्यूटिव, जमुना ऑटो लिमिटेड, दैनिक जागरण के जनरल मैनेजर दिलावर साहू और सितवन्तो देवी महिला कल्याण संस्थान के चेयरमैन मृत्युंजय झा समेत अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
एआई के दौर में तकनीक से सक्षम बनें युवा इंद्रजीत महथा
मुख्य अतिथि और डीआईजी एसटीएफ इंद्रजीत महथा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक का युग है। ऐसे दौर में युवाओं को खुद को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना होगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विद्यार्थी जीवन संभावनाओं के साथ-साथ चुनौतियों से भी भरा होता है। ऐसे में युवाओं को सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज के लिए उदाहरण बनने और अपनी शिक्षा व प्रतिभा का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
सिर्फ डिग्री नहीं ज्ञान और संस्कार भी जरूरी
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना या डिग्री प्रदान करना नहीं है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल, संस्कार और जिम्मेदार नागरिकता से समृद्ध करना विश्वविद्यालय का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण पर भी ध्यान देने की अपील की।
कुलाधिपति ने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय में केवल अपने करियर की नींव रखने के लिए नहीं आते, बल्कि यहां से वे समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना भी सीखते हैं।
अनुशासन और रचनात्मकता से सफलता हासिल करें
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध और नवाचार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि निरंतर अध्ययन, रचनात्मक सोच और व्यावहारिक कौशल विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
कुलपति ने विद्यार्थियों से कहा कि केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि नई चीजें सीखने, प्रयोग करने और अपने कौशल को विकसित करने पर भी ध्यान दें।
सफलता के लिए जिज्ञासा और सीखने की ललक जरूरी प्रदीप कुमार सिंह
दैनिक जागरण के संपादक प्रदीप कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मीडिया और समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रेस और मीडिया केवल समाचार देने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने और जन-जागरूकता पैदा करने का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का कोई छोटा रास्ता नहीं होता। विद्यार्थी जीवन में जिज्ञासा और लगातार कुछ नया सीखने की इच्छा ही युवाओं को दूसरों से अलग पहचान दिलाती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों में स्पष्टता, बातों में सत्यता और कर्मों में निष्ठा रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सूचनाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन उनमें से सही और सकारात्मक ज्ञान को चुनना ही वास्तविक समझदारी है।
उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें अपनी शिक्षा व प्रतिभा का उपयोग सिर्फ व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए भी करना चाहिए।
विद्यार्थियों को दिलाई गई अनुशासन और जिम्मेदारी की शपथ
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के मूल्यों, नियमों, अनुशासन और शैक्षणिक जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया। समारोह के एक महत्वपूर्ण चरण में कुलसचिव नागेंद्र सिंह ने सभी नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के नियमों और मूल्यों के प्रति निष्ठावान रहने की शपथ दिलाई।

विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने, अनुशासन का पालन करने और अपने शैक्षणिक दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाने का संकल्प लिया।
विद्यार्थियों को बांटी गई इंडक्शन किट
नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत के प्रतीक के रूप में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को इंडक्शन बैग/किट का वितरण भी किया गया। किट मिलने के बाद विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को उनके नए शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक प्रक्रियाओं से भी परिचित कराया गया, ताकि उन्हें विश्वविद्यालय में पढ़ाई शुरू करने में किसी तरह की परेशानी न हो।

कॉरपोरेट जगत के विशेषज्ञों ने बताए रोजगार के गुर
कार्यक्रम में शामिल कॉरपोरेट और मीडिया क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बदलते रोजगार बाजार और कॉरपोरेट क्षेत्र की जरूरतों के बारे में जानकारी दी।
अतिथियों ने विद्यार्थियों को कम्युनिकेशन स्किल, लीडरशिप क्वालिटी, टीम वर्क और रोजगारपरक दक्षता विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री होना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप अपने तकनीकी और व्यवहारिक कौशल को भी मजबूत करना होगा।
नए विद्यार्थियों में दिखा उत्साह और उमंग
‘नव-आगमन 2026’ में शामिल नए विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखने को मिला। विश्वविद्यालय परिसर में अपने नए साथियों और शिक्षकों से मिलने के साथ विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद भी लिया।
अभिभावकों ने भी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की। करीब 5000 विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
अतिथियों को भेंट किया गया विश्वविद्यालय का प्रतीक चिह्न
कार्यक्रम के समापन से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से समारोह में शामिल सभी सम्मानित अतिथियों को विश्वविद्यालय का प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए उनके योगदान की सराहना की।
मृत्युंजय झा ने किया धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में मृत्युंजय झा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के वातावरण से जोड़ने के साथ-साथ उनके अंदर आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सिर्फ स्वागत समारोह नहीं, भविष्य की मजबूत शुरुआत
Netaji सुभाष विश्वविद्यालय का ‘नव-आगमन 2026’ कार्यक्रम नए विद्यार्थियों के लिए केवल स्वागत समारोह तक सीमित नहीं रहा। यह उनके शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक शुरुआत के रूप में सामने आया।
कार्यक्रम में AI और तकनीक, शिक्षा, अनुशासन, कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता, संस्कार और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन मिला। करीब 5000 विद्यार्थियों की भागीदारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उम्मीद जताई गई कि नए विद्यार्थी शिक्षा के साथ अपने कौशल और व्यक्तित्व का विकास करेंगे तथा भविष्य में समाज और देश के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




















