
📚 फादर्स डे पर MS ITI मानगो में राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन निबंध प्रतियोगिता आयोजित, प्रतिभागियों की भावनात्मक अभिव्यक्तियों ने छुआ दिल

जमशेदपुर, मानगो: फादर्स डे के अवसर पर MS ITI, मानगो, जमशेदपुर की ओर से एक ऑनलाइन निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें न सिर्फ जमशेदपुर और झारखंड, बल्कि भारत के बाहर से भी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रतियोगिता ने बच्चों और युवाओं को अपने पिता के प्रति भावनाएं व्यक्त करने का एक सुंदर मंच प्रदान किया।
✍️ जब कलम से छलकीं भावनाएं
प्रतियोगिता में प्राप्त निबंधों की गुणवत्ता इतनी उत्कृष्ट रही कि पांचों निर्णायकों के लिए निर्णय करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। कुछ रचनाएँ ऐसी थीं जो सीधे दिल को छू गईं, और जिनमें पिता के प्रति समर्पण, त्याग, और प्रेम की भावनाएं स्याही से नहीं, आत्मा से लिखी हुई प्रतीत होती थीं। प्रतिभागियों ने साबित किया कि एक पिता की भूमिका सिर्फ परिवार के पालनकर्ता की नहीं, बल्कि एक अदृश्य संरक्षक और प्रेरक शक्ति की होती है।
🏅 प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार से सम्मानित प्रतिभागी:
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- उज्मा बसीर
- जो सैयद सबीहा फातिमा
- शिश्मा
- आरिफा तहसीन
- वरीथा जाहिद
- अलीना हरीम
- मौलाना साकिर खान
- रूबी परवीन
- फातिमा जहरा
- जियाउर रहमान
- खदीजा कौसर
- बसरा इब्राहीम
…और कई अन्य नाम, जिन्होंने भावनात्मक रूप से सशक्त और रचनात्मक लेखन प्रस्तुत किया।

🌸 “फादर्स डे, एक मां का भी दिन है”
इस अवसर पर आयोजकों ने भावुकता से कहा कि —
“सच मायनों में फादर्स डे, एक मां का भी दिन है।
पिता की तरह मां भी अपने बच्चों के लिए हर त्याग करती है।
यह दिन सिर्फ एक तारीख का नहीं, एक सोच का उत्सव होना चाहिए।
हम उनके संघर्ष, प्रेम और समर्पण को शब्दों में नहीं बांध सकते,
लेकिन यह एक विनम्र प्रयास है।”
🤝 कार्यक्रम के पीछे जिनका योगदान रहा:
इस सफल आयोजन में नूरजहाँ, सबा परवीन, मेहर-उल-निसा रूमी और अरीशा फातिमा ने विशेष भूमिका निभाई। उनके समर्पण और सहयोग के बिना यह आयोजन संभव नहीं हो पाता।
🗣️ आयोजकों का संदेश:
आयोजक खालिद इकबाल (मो. 9308652107) ने प्रेस का आभार जताते हुए कहा:
“इंशा अल्लाह, रहमान शिक्षा के क्षेत्र में और पढ़ने-लिखने की दिशा में इस प्रकार के कार्यक्रम लगातार आयोजित करता रहेगा। मीडिया के माध्यम से यह संदेश जब जनता तक पहुंचता है, तो प्रयासों को नया हौसला मिलता है।”
📌 फादर्स डे पर आयोजित यह रचनात्मक प्रतियोगिता सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, भावनाओं की अभिव्यक्ति और पारिवारिक मूल्यों की पुनर्पुष्टि थी। ऐसे आयोजनों से साहित्यिक रुचि के साथ-साथ संवेदनशीलता और संस्कारों का विकास भी होता है।









































