
चाईबासा : झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार का पश्चिमी सिंहभूम दौरा विकास और पर्यटन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। चाईबासा परिसदन में उनके आगमन पर प्रशासनिक अधिकारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे जिले में सक्रिय प्रशासनिक माहौल साफ नजर आया।

इस मौके पर सिंहभूम प्रमंडलीय आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम, पुलिस उपमहानिरीक्षक अनुरंजन किस्पोट्टा, उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेनू और सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी अविरुप सिन्हा ने मंत्री का अभिनंदन किया। इस दौरान जिले में विकास योजनाओं को गति देने के स्पष्ट संकेत मिले।
बैठक के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। विशेष रूप से सारंडा क्षेत्र में इको-टूरिज्म के विकास को लेकर उन्होंने गहरी रुचि दिखाई और वन विभाग से भूमि उपलब्धता व परियोजनाओं के विस्तार पर विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों के साथ हुई चर्चा से यह साफ हुआ कि सरकार सारंडा को झारखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।
दौरे के क्रम में मंत्री ने किरीबुरू क्षेत्र में निर्माणाधीन इको-टूरिज्म परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण भी किया। यहां बन रहे गेस्ट हाउस, कैफेटेरिया और अन्य बुनियादी सुविधाओं का उन्होंने बारीकी से जायजा लिया और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार योजनाओं को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि इको-टूरिज्म का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना भी है।
दौरे के दौरान मौसम ने भी दिलचस्प मोड़ लिया। खराब मौसम के कारण मंत्री सेल के मेघालय गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद किरीबुरू का मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली और क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती और निखर कर सामने आई।
प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध सारंडा क्षेत्र में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन अब तक बुनियादी ढांचे की कमी इसके विकास में बाधा बनी रही है। मंत्री का यह दौरा संकेत देता है कि अब सरकार इस दिशा में तेजी से ठोस कदम उठाने के लिए तैयार है।










































