
मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान, 2026 की पहली छमाही में हो सकती है लिस्टिंग; निवेशकों में बढ़ा उत्साह
मुंबई, 19 जून 2026। भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार और डिजिटल सेवा कंपनियों में से एक जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) अपने बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक मंडल ने IPO से संबंधित दस्तावेजों को अंतिम मंजूरी दे दी है और कंपनी आज भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करेगी।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जियो का यह IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी सार्वजनिक पेशकशों में शामिल हो सकता है। अनुमान है कि कंपनी की वैल्यूएशन 100 से 120 अरब अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 8.3 लाख करोड़ रुपये से 10 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकती है।
निवेशकों की नजरें जियो IPO पर
पिछले कई वर्षों से निवेशक जियो के IPO का इंतजार कर रहे थे। जियो प्लेटफॉर्म्स ने भारत में डिजिटल क्रांति को नई दिशा दी है और आज यह देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी के 5G नेटवर्क, डिजिटल सेवाओं, क्लाउड टेक्नोलॉजी और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस में लगातार विस्तार ने इसे निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बना दिया है।
कंपनी द्वारा दाखिल किए जाने वाले DRHP में दिसंबर 2025 तक के वित्तीय आंकड़े शामिल होंगे। यह दस्तावेज SEBI की मंजूरी प्रक्रिया का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। मंजूरी मिलने के बाद कंपनी IPO लॉन्च करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
2026 की पहली छमाही में हो सकती है लिस्टिंग
मुकेश अंबानी ने कहा कि कंपनी 2026 की पहली छमाही में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स आने वाले वर्षों में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि IPO अपेक्षित वैल्यूएशन पर आता है, तो यह भारतीय बाजार के सबसे बड़े IPO में शामिल होगा और दूरसंचार क्षेत्र की सबसे बड़ी लिस्टिंग बन सकता है।
रिलायंस समूह की रणनीति का अहम हिस्सा
जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज के सबसे तेजी से बढ़ते व्यवसायों में से एक है। दूरसंचार क्षेत्र के अलावा कंपनी डिजिटल पेमेंट, कंटेंट स्ट्रीमिंग, क्लाउड सेवाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार कर रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि IPO से जुटाई जाने वाली पूंजी का उपयोग कंपनी अपने नेटवर्क विस्तार, नई तकनीकों में निवेश और वैश्विक स्तर पर डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए कर सकती है।
खुदरा निवेशकों के लिए बड़ा अवसर
जियो IPO को लेकर खुदरा निवेशकों में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह IPO आम निवेशकों को भारत की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनियों में हिस्सेदारी लेने का अवसर देगा। वहीं घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण निवेश विकल्प साबित हो सकता है।
इसके अलावा जियो की लिस्टिंग से भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का विश्वास और मजबूत होने की उम्मीद है। इससे दूरसंचार और डिजिटल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तथा नवाचार को भी बढ़ावा मिल सकता है।
भारतीय बाजार के लिए ऐतिहासिक क्षण
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO केवल एक कॉर्पोरेट इवेंट नहीं बल्कि भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में दूरसंचार क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाते हुए करोड़ों लोगों तक सस्ती इंटरनेट सेवाएं पहुंचाई हैं।
अब DRHP दाखिल होने के साथ ही जियो के शेयर बाजार में प्रवेश का रास्ता लगभग साफ हो गया है। निवेशक, बाजार विशेषज्ञ और उद्योग जगत की निगाहें इस ऐतिहासिक IPO पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले समय में भारतीय पूंजी बाजार की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित कर सकता है।













































