मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

करीम सिटी कॉलेज में सतरंग-15 का रंगारंग दूसरा दिन, ‘बैटल सिम्फनी’ में दिखी संगीत प्रतिभा की झलक

C76c181512a7978bdd2551cb013ba211
On: April 3, 2026 1:08 PM
Follow Us:
WhatsApp Image 2026 04 03 At 1.00.24 PM 1
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1

जमशेदपुर: करीम सिटी कॉलेज में आयोजित बहुप्रतीक्षित सांस्कृतिक महोत्सव “सतरंग-15” के दूसरे दिन संगीत और कला का अद्भुत संगम देखने को मिला। कॉलेज की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था SPArC द्वारा आयोजित इस दिन के कार्यक्रमों ने प्रतिभागियों और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

A 2

बैटल सिम्फनी’ में छाया युवाओं का संगीत जादू

कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे ‘बैटल सिम्फनी’ के प्रारंभिक दौर (Prelims) से हुई।
इस प्रतियोगिता का संचालन अनुषा दास ने किया।

प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने तीन प्रमुख श्रेणियों में अपनी प्रस्तुति दी—

  • बॉलीवुड सोलो
  • बॉलीवुड युगल (Duet)
  • वेस्टर्न सोलो

इन प्रस्तुतियों में आधुनिक संगीत शैली और ऊर्जा का शानदार मिश्रण देखने को मिला, जिसने दर्शकों को बांधे रखा।

निर्णायकों ने किया प्रतिभाओं का मूल्यांकन

‘बैटल सिम्फनी’ में प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन अनुभवी निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें शामिल थे—

  • श्री पंकज झा
  • श्री जितेश सहाय
  • डॉ. साकेत कुमार

निर्णायकों ने प्रतिभागियों की गायन शैली, सुर, ताल और मंच प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए।

सुर संगत’ में गूंजे पारंपरिक संगीत के सुर

दोपहर 2 बजे आयोजित ‘सुर संगत’ कार्यक्रम ने वातावरण को शास्त्रीय और पारंपरिक संगीत की मधुरता से भर दिया।
इस कार्यक्रम का संचालन सरताज फातिमा ने किया।

प्रतियोगिता में निम्नलिखित श्रेणियों में प्रस्तुति दी गई—

  • शास्त्रीय संगीत
  • लोक संगीत
  • सूफी संगीत
  • ग़ज़ल सोलो

इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा का परिचय कराया।

अनुभवी निर्णायकों ने सराहा प्रदर्शन

‘सुर संगत’ प्रतियोगिता का मूल्यांकन—

  • डॉ. अनवर शहाब
  • प्रो. साकेत कुमार

खास बात यह रही कि डॉ. साकेत कुमार ने दोनों कार्यक्रमों में तकनीकी विशेषज्ञ की भूमिका निभाते हुए आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

छात्रों की प्रतिभा से सजा सांस्कृतिक मंच

पूरे दिन चले इन कार्यक्रमों में छात्रों ने अपनी कला, आत्मविश्वास और समर्पण का शानदार प्रदर्शन किया दर्शकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया “सतरंग-15” का दूसरा दिन यह साबित करने में सफल रहा कि युवा पीढ़ी में संगीत और कला के प्रति गहरी रुचि और अपार प्रतिभा मौजूद है ऐसे आयोजनों से न केवल छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है, बल्कि उनकी रचनात्मकता और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयां मिलती हैं।

द न्यूज़ फ्रेम टीम

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM

और पढ़ें

Leave a Comment

Link copied