
रांची। झारखंड सरकार द्वारा आयोजित झारखंड आदिवासी महोत्सव 2025 की भव्य तैयारियां जोरों पर हैं। 9, 10 और 11 अगस्त को होने वाले इस विशेष आयोजन में इस बार एक अनोखी पहल की गई है—“रील्स/शॉर्ट्स प्रतियोगिता”, जिसके माध्यम से आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपराएं और खानपान को वैश्विक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्रेरणा से आयोजित इस प्रतियोगिता का नारा है:
“जहां बोलना ही संगीत और चलना है नृत्य।”
प्रतियोगिता की मुख्य बातें:
- प्रतिभागी को आदिवासी परंपरा, संस्कृति, रीति-रिवाज, खानपान, वेशभूषा, जीवन दर्शन आदि पर आधारित 45 से 60 सेकेंड की रील या शॉर्ट्स बनानी होगी।
- यह वीडियो प्रतिभागी को अपने हैंडल पर अपलोड करना है।
- बेहतरीन और प्रभावशाली वीडियो को पुरस्कृत किया जाएगा।
नियम और शर्तें तथा गूगल फॉर्म के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने की सुविधा भी दी गई है।

उद्देश्य:
इस प्रतियोगिता के माध्यम से न केवल झारखंड के आदिवासी जीवन के विविध आयामों को प्रमोट किया जाएगा, बल्कि युवा पीढ़ी को भी अपने संस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का सार्थक प्रयास होगा।
कार्यक्रम का आयोजन: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, झारखंड सरकार द्वारा किया जा रहा है।
गौरवशाली आदिवासी संस्कृति, प्रकृति और जीवन दर्शन की झलकियों के लिए तैयार रहें यह महोत्सव अद्वितीय अनुभव लेकर आ रहा है।












































