
जमशेदपुर: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर नेक्स्ट जेन एनआईटी NGen NIT डाकघर परिसर में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों तथा सिंहभूम डिवीजन के डाक विभाग के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

सुबह आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने उपस्थित होकर योगाभ्यास किया। पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और स्वास्थ्य जागरूकता का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को योग के महत्व से अवगत कराना तथा दैनिक जीवन में योग को शामिल करने के लिए प्रेरित करना था।
योगा फॉर हेल्दी एजिंग थीम पर विशेष चर्चा
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की वैश्विक थीम “योगा फॉर हेल्दी एजिंग” अर्थात “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई थी। कार्यक्रम के दौरान इस विषय पर विशेष चर्चा की गई और बताया गया कि योग कैसे व्यक्ति को जीवन के प्रत्येक चरण में स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में मदद करता है।
वक्ताओं ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर और मन दोनों को स्वस्थ बनाए रखना आवश्यक होता है। योग व्यक्ति को शारीरिक मजबूती, मानसिक संतुलन और भावनात्मक स्थिरता प्रदान करता है। यही कारण है कि आज पूरी दुनिया योग को स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण आधार मान रही है।
प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि नियमित योगाभ्यास से उम्र बढ़ने के साथ होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है।
छात्रों और डाक कर्मियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
योग दिवस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता छात्रों और डाक विभाग के कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। नेक्स्ट जेन एनआईटी के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया, वहीं सिंहभूम डिवीजन के डाक कर्मियों ने भी योग के प्रति अपनी रुचि और जागरूकता का परिचय दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। सभी ने प्रशिक्षकों के निर्देशन में योग की विभिन्न क्रियाओं को सीखा और उनके लाभों को समझा।
छात्रों ने कहा कि योग उन्हें पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है। वहीं डाक कर्मियों ने बताया कि योग उनके कार्य जीवन में ऊर्जा और सकारात्मकता बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है।
विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का कराया गया अभ्यास
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षकों ने सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन सहित अन्य लाभकारी आसनों की जानकारी दी।
इसके अलावा अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी जैसे प्राणायाम का भी अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित प्राणायाम करने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
ध्यान (मेडिटेशन) के माध्यम से प्रतिभागियों को मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का अनुभव कराया गया। योग विशेषज्ञों ने बताया कि ध्यान व्यक्ति की एकाग्रता बढ़ाने और जीवन में सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
योग के शारीरिक लाभों पर डाला गया प्रकाश
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने योग के शारीरिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर लचीला बनता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
योग रक्त संचार को बेहतर बनाता है तथा हृदय, फेफड़ों और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में सहायता करता है। इसके अलावा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में भी योग अत्यंत उपयोगी माना जाता है।
विशेषज्ञों ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए योग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है।

मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है योग
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
योग और ध्यान का नियमित अभ्यास तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होता है। इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह जीवन की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर पाता है।
विशेषज्ञों ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी और व्यस्त जीवन में मानसिक संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है, जिसे योग के माध्यम से काफी हद तक आसान बनाया जा सकता है।
स्वस्थ और सक्रिय जीवन का दिया गया संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि योग स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। यह व्यक्ति को शारीरिक रूप से फिट, मानसिक रूप से मजबूत और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखता है।
उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि प्रतिदिन कुछ समय योग और ध्यान के लिए निकाला जाए, तो जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि योग किसी विशेष आयु वर्ग तक सीमित नहीं है। बच्चे, युवा, वयस्क और बुजुर्ग सभी इसके लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की ली शपथ
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का नियमित हिस्सा बनाएंगे।
प्रतिभागियों ने यह भी शपथ ली कि वे अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी योग के प्रति जागरूक करेंगे। इस सामूहिक संकल्प ने कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया।
आयोजकों ने कहा कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए ताकि समाज में स्वास्थ्य और जागरूकता का स्तर बढ़ सके।

सामाजिक स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
नेक्स्ट जेन NIT और डाक विभाग की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इस आयोजन ने विभिन्न वर्गों के लोगों को एक मंच पर लाकर स्वास्थ्य और योग के महत्व को समझाने का कार्य किया।
ऐसे कार्यक्रम न केवल लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।
नेक्स्ट जेन NIT डाकघर परिसर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का कार्यक्रम स्वास्थ्य, जागरूकता और सामूहिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। छात्रों और डाक कर्मियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
योगा फॉर हेल्दी एजिंग थीम के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सुखी जीवन का आधार है। कार्यक्रम के अंत में लिया गया सामूहिक संकल्प निश्चित रूप से प्रतिभागियों को नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित करेगा और समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।










































