
जमशेदपुर: जिला समाहरणालय, जमशेदपुर में आज कोल्हान क्षेत्र के पूर्व सैनिकों के कल्याण और सुविधाओं को लेकर जिला प्रशासन और पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधियों के बीच पहली उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता जमशेदपुर के जिला उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी (आईएएस) ने की।

बैठक का आयोजन कोल्हान सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल किशोर सिंह के प्रयासों से किया गया। इसमें स्टेशन हेडक्वार्टर, पूर्व सैनिक प्रतिनिधि, और जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक को पूर्व सैनिकों की समस्याओं और उनके पुनर्वास से जुड़े कई आवश्यक पहलुओं के समाधान के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
बैठक में रखे गए प्रमुख प्रस्ताव:
- सैनिक एकीकृत भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन: जिला सैनिक बोर्ड, सैनिक कैन्टीन और आराम गृह निर्माण के लिए ज़मीन आवंटन की मांग रखी गई, जिससे दूर-दराज़ से आने वाले पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को सुविधा मिल सके।
- राष्ट्रीय पर्वों में पूर्व सैनिकों की गरिमामयी सहभागिता: 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर पूर्व सैनिकों के लिए विशेष गैलरी की व्यवस्था और गैलंट्री अवॉर्ड विजेताओं के सम्मान की प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव।
- रोज़गार में प्राथमिकता: प्रज्ञा केंद्र, दूध केंद्र और स्थानीय दुकान आवंटन में पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता देने का अनुरोध, जिससे उन्हें अपने ही जिले में पुनर्वास में मदद मिले।
- प्रखंड स्तर पर सुविधा: प्रखंड कार्यालयों में पूर्व सैनिकों के कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रणाली लागू करने का सुझाव।
- डोमिसाइल सर्टिफिकेट में विशेष मापदंड: पूर्व सैनिकों के बच्चों को डोमिसाइल प्रमाणपत्र दिलाने की प्रक्रिया को सरल और अलग से तय मानदंड के अनुरूप करने का अनुरोध।
- सिविल डिफेंस से जुड़ाव: सिविल डिफेंस में पूर्व सैनिकों को जोड़ने का प्रस्ताव ताकि उनकी सेवाओं का नागरिक आपदा प्रबंधन में उपयोग हो सके।
- वीर स्मारक की स्थापना: पुलिस लाइन वॉर मेमोरियल में शहीद वीर स्तंभ बनाने का प्रस्ताव, जिससे कारगिल विजय दिवस, 1971 विजय दिवस एवं शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि दी जा सके।
- नि:शुल्क शव वाहन सुविधा: पूर्व सैनिकों के अंतिम संस्कार के लिए अस्पताल से घर और घर से श्मशान तक नि:शुल्क शव वाहन की व्यवस्था करने का प्रस्ताव रखा गया। उपायुक्त ने इसे CSR फंड से कराने का आश्वासन दिया।
- शैक्षणिक सत्र में रिटायरमेंट वाले सैनिकों के बच्चों के लिए कोटा: सत्र के बीच रिटायर होने वाले सैनिकों के बच्चों को विशेष प्रवेश कोटा देने की आवश्यकता जताई गई।
- थानों में सम्मानजनक व्यवहार की मांग: स्थानीय पुलिस थानों में सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने और सेना की प्रक्रियाओं का सम्मान बनाए रखने की प्रणाली लागू करने का अनुरोध किया गया।

जिला उपायुक्त ने दिए आश्वासन:
उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने सभी प्रस्तावों को गंभीरता से सुना और कहा कि एक-एक प्रस्ताव पर गहन विचार कर जरूरी पहल की जाएगी। उन्होंने पूर्व सैनिकों के पार्थिव शरीर के लिए शव वाहन खर्च के वार्षिक आकलन का सुझाव देते हुए उसे CSR निधि से संचालित करने की बात कही।
बैठक में प्रमुख रूप से शामिल लोग:
बैठक में डीडीसी भगीरथ प्रसाद, एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी, सीसीआरडीएसपी मनोज ठाकुर, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
पूर्व सैनिकों की ओर से ब्रिगेडियर प्रदीप कुमार झा, ब्रिगेडियर सीएस वैद्यनाथन (से.नि.), एडम ऑफिसर सुशील कुमार सिंह, राजीव रंजन, बीबी बंसल, मनोज सिंह, जयसवाल, प्रभात कुमार आदि शामिल रहे।
यह बैठक पूर्व सैनिकों के हितों की रक्षा और पुनर्वास के लिए सरकार और सैनिक समुदाय के बीच सहयोगात्मक संबंध की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उम्मीद की जा रही है कि इस पहल से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को समाज में और अधिक सम्मान एवं सुविधाएं मिलेंगी।











































