
जमशेदपुर: Jugsalai थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई फायरिंग, रंगदारी, मारपीट और तोड़फोड़ की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार, जिंदा गोली, स्कूटी तथा कई मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई को पूर्वी सिंहभूम पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों में भय का माहौल व्याप्त हो गया था। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार 31 मई 2026 की शाम Jugsalai थाना क्षेत्र के मिल्लत नगर स्थित महतो पाड़ा रोड में इमतियाज जनरल स्टोर के समीप कुछ अपराधियों ने दुकान मालिक मो. इमतियाज के साथ मारपीट की। आरोपियों ने दुकान में रखी वेट मशीन सहित अन्य सामानों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
इतना ही नहीं, क्षेत्र में आतंक और दहशत फैलाने के उद्देश्य से अपराधियों ने फायरिंग भी की। अचानक हुई गोलीबारी की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भयभीत हो गए। घटना के बाद पीड़ित द्वारा जुगसलाई थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत के आधार पर Jugsalai थाना कांड संख्या 43/26 दर्ज किया गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच प्रारंभ कर दी गई।
एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पूर्वी सिंहभूम ने तत्काल विशेष जांच के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक (नगर) के नेतृत्व में तथा पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) सुमीत कुमार के निर्देशन में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया।
जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तकनीकी साक्ष्य जुटाए तथा स्थानीय स्रोतों से जानकारी एकत्र की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए अपराधियों की पहचान सुनिश्चित की।
गहन जांच के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि घटना में कुल पांच अपराधी शामिल थे, जिन्होंने एक राय होकर रंगदारी वसूलने और इलाके में भय का माहौल बनाने के उद्देश्य से दो राउंड हवाई फायरिंग की थी।
गिरफ्तार किए गए पांच आरोपी
विशेष अभियान चलाकर पुलिस ने निम्नलिखित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
- मो. अरमानुद्दीन उर्फ पलटन
- मो. अरमान उर्फ राज बच्चा
- जफर अली उर्फ मुर्गा राजू
- मो. आसिफ अंसारी
- अमनदीप सिंह
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी मो. अरमानुद्दीन उर्फ पलटन को 2 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसकी निशानदेही और पूछताछ के आधार पर अन्य चार आरोपियों को 3 जून की रात जुगसलाई थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की हैं, जिनके आधार पर मामले की आगे की जांच जारी है।
मुख्य आरोपी ने स्वीकार की फायरिंग की बात
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी मो. अरमानुद्दीन उर्फ पलटन ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि घटना के दौरान उसने दो राउंड हवाई फायरिंग की थी।
आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध देशी पिस्तौल और एक जिंदा गोली बरामद की। पुलिस का मानना है कि इस हथियार का उपयोग इलाके में दहशत फैलाने और व्यापारियों पर दबाव बनाने के लिए किया गया था।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि अवैध हथियार आरोपी तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद?
जांच और छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं। इनमें शामिल हैं—
- एक अवैध देशी पिस्तौल
- एक जिंदा गोली
- घटनास्थल से बरामद एक खोखा
- एक पिलेट
- एक स्कूटी
- चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन
पुलिस द्वारा बरामद मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है। आशंका है कि इन मोबाइलों में घटना से संबंधित बातचीत, संपर्क सूत्र और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मौजूद हो सकते हैं।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी आया सामने
पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
इनके खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
पुलिस अब आरोपियों के पूरे आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

व्यापारियों में बढ़ी सुरक्षा की भावना
Jugsalai क्षेत्र व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। फायरिंग और रंगदारी जैसी घटनाओं से स्थानीय व्यापारियों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो जाती है।
हालांकि पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर अपराधियों के मनोबल को तोड़ने का काम किया है।
क्षेत्र के नागरिकों ने भी पुलिस प्रशासन की सक्रियता की सराहना की है।
छापेमारी अभियान में शामिल रहे ये अधिकारी
इस पूरे अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) सुमीत कुमार ने किया।
छापेमारी दल में शामिल प्रमुख अधिकारियों और पुलिसकर्मियों में—
- जुगसलाई थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी खाँ
- धनंजय कुमार सिंह
- आलोक कुमार
- संतोष कुमार
- विवेक कुमार पंडित
- सुमित लकड़ा
- गौतम कुमार
- दिलीप कुमार यादव
- चालक बिहारी कुमार मिश्रा
- अन्य पुलिस बल के जवान
सभी अधिकारियों और जवानों ने समन्वित तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की।
Jugsalai में अपराध पर पुलिस की सख्ती जारी
पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। रंगदारी, फायरिंग, हथियारबाजी और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Jugsalai के मिल्लत नगर में हुई फायरिंग, रंगदारी और तोड़फोड़ की घटना का खुलासा कर पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पांच आरोपियों की गिरफ्तारी, अवैध हथियार की बरामदगी और तकनीकी जांच के माध्यम से अपराधियों तक पहुंचना पुलिस की प्रभावी कार्यशैली को दर्शाता है।
इस कार्रवाई से न केवल क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है, बल्कि अपराधियों को भी स्पष्ट संदेश मिला है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई निश्चित है। पुलिस की जांच आगे भी जारी है और उम्मीद की जा रही है कि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का भी जल्द खुलासा होगा।








