जामनगर: उत्तर प्रदेश के चर्चित मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड के बाद अब गुजरात के Jamnagar से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। पुलिस के अनुसार, जामनगर के दरेड इलाके में एक महिला पर अपने पति की कथित हत्या करने और शव को कारखाने के फर्श के नीचे दफनाने का आरोप है। जांच एजेंसियों का कहना है कि महिला ने अपने पुराने प्रेमी के साथ मिलकर इस कथित साजिश को अंजाम दिया। मामला लगभग दो वर्ष तक छिपा रहा और परिवार को यह विश्वास दिलाया जाता रहा कि मृतक ऑस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहा है। हालांकि, रिश्तेदारों के संदेह के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच में कई अहम तथ्य सामने आए। पुलिस की जांच अभी जारी है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह मामला गुजरात के जामनगर जिले के दरेड क्षेत्र स्थित शिवम पार्क का है। मृतक की पहचान जिग्नेश मावडिया के रूप में हुई है।
प्रारंभिक जांच में आरोप है कि जिग्नेश की पत्नी पृथ्वी ने अपने पुराने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद शव को कारखाने के भीतर ही जमीन में दफना दिया गया, ताकि किसी को घटना की भनक न लगे।

पार्टी के बहाने बुलाया गया कारखाने में
जांच के दौरान पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, वारदात वाले दिन आरोपी महिला और उसके कथित प्रेमी ने जिग्नेश को पार्टी करने के बहाने अपने कारखाने में बुलाया।
पुलिस का आरोप है कि वहां उसे शराब पिलाई गई। जब वह पूरी तरह नशे की हालत में पहुंच गया, तब कथित रूप से उसकी शराब में साइनाइड मिला दिया गया। जहरीला पदार्थ पीने के बाद उसकी मौत हो गई।
हालांकि, साइनाइड के उपयोग और मृत्यु के कारण की अंतिम पुष्टि फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
शव को 10 फीट गहरे गड्ढे में दफनाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।
जांच एजेंसियों का कहना है कि कारखाने के अंदर लगभग 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर शव को उसमें दफना दिया गया और ऊपर से फर्श को इस तरह बंद कर दिया गया कि किसी को कोई शक न हो।
पुलिस का मानना है कि यह पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी।
दो साल तक परिवार को बताया- पति ऑस्ट्रेलिया में है
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि पुलिस के अनुसार, घटना के बाद लगभग दो वर्षों तक मृतक के परिवार को यह बताया जाता रहा कि जिग्नेश ऑस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहा है।
जब भी परिवार के सदस्य उससे संपर्क करने की कोशिश करते, तो विभिन्न बहाने बनाए जाते। आरोप है कि कहा जाता था कि कंपनी के नियमों के कारण वह फोन पर बात नहीं कर सकता।
इसी वजह से परिवार लंबे समय तक किसी अनहोनी की आशंका नहीं जता पाया।

एक सवाल ने खोल दिया पूरा राज
पुलिस के अनुसार, हाल ही में परिवार का एक सदस्य काम के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया जाने वाला था।
उसने जिग्नेश का पता और संपर्क नंबर मांगा ताकि वहां जाकर उससे मुलाकात कर सके। लेकिन जब आरोपी महिला लगातार टालमटोल करती रही, तो परिवार को संदेह हुआ।
इसके बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान पूछताछ में मामला धीरे-धीरे खुलना शुरू हुआ।
पूछताछ में सामने आए कई अहम तथ्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी महिला से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं।
इसके बाद पुलिस ने कारखाने की तलाशी ली और वहां खुदाई कराने का निर्णय लिया। अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी और अन्य मशीनों की सहायता से खुदाई की गई।
खुदाई में मिले कंकाल के अवशेष
पुलिस की कार्रवाई के दौरान कारखाने के भीतर जमीन की खुदाई की गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, लगभग 10 फीट नीचे से मानव कंकाल के अवशेष बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक रूप से इन्हें मृतक जिग्नेश मावडिया के अवशेष माना जा रहा है।
हालांकि, अंतिम पुष्टि के लिए सभी अवशेषों को फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा गया है।
तीसरे संदिग्ध की भूमिका की भी जांच
पुलिस ने बताया कि इस मामले में केवल दो ही नहीं बल्कि एक अन्य संदिग्ध व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की योजना, शव छिपाने और साक्ष्य मिटाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
Jamnagar पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम से जुड़े साक्ष्य, घटनास्थल से मिले सबूत, डिजिटल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान के आधार पर केस को मजबूत किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।
विशेषज्ञों की नजर में महत्वपूर्ण मामला
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में परिस्थितिजन्य साक्ष्य, फॉरेंसिक जांच और डिजिटल प्रमाण काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऐसे मामलों में केवल स्वीकारोक्ति ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि अदालत में वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराध सिद्ध करना आवश्यक होता है।
Jamnagar में सामने आया यह कथित हत्याकांड अपनी योजना, लंबे समय तक घटना को छिपाने के प्रयास और जांच में सामने आए तथ्यों के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का आरोप है कि पति की हत्या कर शव को कारखाने के फर्श के नीचे दफना दिया गया और दो वर्षों तक परिवार को ऑस्ट्रेलिया में नौकरी की कहानी सुनाई जाती रही। फिलहाल मामले की जांच जारी है, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और पुलिस सभी संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। अंतिम सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
















