
जमशेदपुर: भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (MoE) के निर्देशों के अनुरूप नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी NIT जमशेदपुर में पांच दिवसीय फैकल्टी अपग्रेडेशन प्रोग्राम का सफल आयोजन किया जा रहा है। संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की पेशेवर दक्षता को बढ़ाना, छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित करना तथा आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुरूप संस्थान की शैक्षणिक क्षमता को और अधिक सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम के तीसरे दिन गुरुवार, 11 जून 2026 को ऑनलाइन सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें सकारात्मक कैंपस वातावरण, छात्र कल्याण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डिजिटल शिक्षण पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने फैकल्टी सदस्यों को नई तकनीकों और नवाचार आधारित शिक्षण प्रणाली से अवगत कराया।
छात्र हित और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर
फैकल्टी अपग्रेडेशन प्रोग्राम का प्रमुख उद्देश्य केवल शिक्षण गुणवत्ता में सुधार करना नहीं है, बल्कि छात्रों के समग्र विकास के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना भी है। कार्यक्रम के तहत स्टूडेंट मेंटरिंग, साइकोसोशल वेल-बीइंग (मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य), काउंसलिंग सपोर्ट सिस्टम, परिणाम-आधारित शिक्षण पद्धति तथा समावेशी शिक्षा प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
संस्थान का मानना है कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन का विशेष महत्व है। ऐसे में शिक्षकों की भूमिका केवल विषय ज्ञान देने तक सीमित नहीं रह जाती, बल्कि वे छात्रों के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी बनते हैं।
सकारात्मक कैंपस वातावरण बनाने पर विशेषज्ञ का व्याख्यान
कार्यक्रम के पहले सत्र “पॉज़िटिव कैंपस एनवायरनमेंट” का संचालन सुश्री सोनल बावडेकर ने किया। उन्होंने अपने व्याख्यान में कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सफलता केवल उत्कृष्ट पाठ्यक्रमों से नहीं, बल्कि वहां के सकारात्मक और सहयोगी वातावरण से भी तय होती है।
उन्होंने फैकल्टी सदस्यों को बताया कि समावेशी, सुरक्षित और छात्र-अनुकूल परिसर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ संवाद बढ़ाने, उनकी समस्याओं को समझने तथा सहयोगात्मक शिक्षण संस्कृति विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
AI आधारित डिजिटल पेडागोजी पर हुआ विस्तृत प्रदर्शन
कार्यक्रम के दूसरे सत्र “डिजिटल पेडागोजी – AI का उपयोग” का संचालन सुश्री कल्याणी गोखले ने किया। उन्होंने शिक्षण और अनुसंधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि AI आधारित डिजिटल टूल्स शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, इंटरैक्टिव और परिणामोन्मुख बना सकते हैं। व्याख्यान के दौरान उन्होंने विभिन्न AI टूल्स का लाइव प्रदर्शन करते हुए बताया कि किस प्रकार शिक्षक पाठ योजना तैयार करने, अध्ययन सामग्री विकसित करने, शोध कार्यों में सहायता लेने तथा छात्रों के मूल्यांकन को अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में AI तकनीक उच्च शिक्षा प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनने जा रही है, इसलिए शिक्षकों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार रहना चाहिए।
शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हो रहा आयोजन
NIT जमशेदपुर द्वारा आयोजित यह फैकल्टी अपग्रेडेशन प्रोग्राम शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल नवाचार और छात्र-केंद्रित शिक्षा प्रणाली के लिए प्रशिक्षित करना है, ताकि उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता और उत्कृष्टता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।
इस कार्यक्रम के माध्यम से फैकल्टी सदस्यों को बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप नई चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार किया जा रहा है।
नवाचार और पेशेवर विकास को मिल रहा बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने शिक्षकों को नवाचार आधारित शिक्षण, अनुसंधान गतिविधियों के विस्तार तथा आधुनिक डिजिटल संसाधनों के उपयोग के लिए प्रेरित किया। इससे शिक्षकों की पेशेवर दक्षता बढ़ने के साथ-साथ विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
संस्थान का मानना है कि तकनीक आधारित शिक्षण और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण भविष्य की शिक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और इसी दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
वरिष्ठ शिक्षाविदों के नेतृत्व में हुआ आयोजन
इस पांच दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन प्रो. सरोज कुमार सारंगी, डीन (छात्र कल्याण) एवं रजिस्ट्रार (प्रभारी) तथा प्रो. दिलीप कुमार यादव, डीन (फैकल्टी कल्याण) की अध्यक्षता में किया जा रहा है।
दोनों वरिष्ठ शिक्षाविदों ने कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को नई शिक्षा नीति, छात्र कल्याण और तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट रखने का संदेश दिया।
प्रतिभागियों और विशेषज्ञों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संस्थान प्रशासन ने सभी रिसोर्स पर्सन्स, वक्ताओं तथा प्रतिभागी फैकल्टी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे संस्थान में नवाचार, शैक्षणिक उत्कृष्टता और पेशेवर विकास की संस्कृति को और अधिक मजबूती मिलेगी।
NIT जमशेदपुर की यह पहल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार और छात्र-केंद्रित शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


































