
पूर्वी सिंहभूम: जिले में प्रशासनिक कार्यों, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा को लेकर DM श्री राजीव रंजन ने चाकुलिया अंचल एवं प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। प्रखंड क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने कार्यालयों में संचालित विभिन्न कार्यों, योजनाओं और जनसेवा से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026, विकास कार्यों, राजस्व एवं भूमि संबंधी मामलों तथा जन शिकायतों के निष्पादन पर जोर दिया गया।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रशासनिक और विकासात्मक कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिले। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कार्यालय स्तर पर लोगों को पारदर्शी व बेहतर सेवाएं मिलें।
SIR-2026 अभियान की समीक्षा, प्रपत्र वितरण और डिजिटाइजेशन में तेजी लाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR)-2026 की प्रगति की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों के वितरण और BLO ऐप के माध्यम से डिजिटाइजेशन कार्य की स्थिति की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि इस कार्य में और अधिक गति लाने की आवश्यकता है।
DM श्री राजीव रंजन ने निर्देश दिया कि SIR-2026 से जुड़े सभी कार्यों को पूरी गंभीरता और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है, क्योंकि इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होती है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए और सभी तक समय पर प्रपत्र पहुंचे। उन्होंने BLOs को सक्रियता बढ़ाने, फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने और डिजिटाइजेशन प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष बल दिया।
विकास योजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर
उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान प्रखंड क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से स्वीकृत योजनाओं की वर्तमान स्थिति, कार्य की प्रगति और क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ वास्तव में ग्रामीणों और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए फील्ड स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग, निरीक्षण और फॉलोअप जरूरी है। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें। विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता न हो और समयसीमा का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। यदि योजनाओं का लाभ समय पर और सही पात्र तक नहीं पहुंचता, तो पूरी व्यवस्था का उद्देश्य अधूरा रह जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में चल रही योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि लाभुकों को समय पर सुविधा मिल सके।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की सफलता केवल बजट खर्च करने से नहीं, बल्कि उसके प्रभावी परिणाम से तय होती है। इसलिए फील्ड विजिट, लाभुकों से संवाद, कार्यस्थल निरीक्षण और प्रगति रिपोर्ट की लगातार समीक्षा जरूरी है। इससे योजनाओं की गुणवत्ता भी बनी रहेगी और जनता का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा।
राजस्व एवं भूमि संबंधी लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने राजस्व एवं भूमि मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने चाकुलिया अंचल क्षेत्र में दाखिल-खारिज, ऑनलाइन म्यूटेशन, भूमि विवाद, अतिक्रमण, परिमार्जन और अन्य लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों का त्वरित और प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि भूमि और राजस्व से जुड़े मामले सीधे तौर पर आम नागरिकों के जीवन और अधिकारों से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी लोगों की परेशानी बढ़ाती है। इसलिए दाखिल-खारिज, म्यूटेशन, भूमि विवाद या अतिक्रमण जैसे मामलों को संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ निपटाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि पुराने लंबित मामलों की अलग से समीक्षा कर उनका जल्द समाधान किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
आम नागरिकों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बरतने की हिदायत
DM श्री राजीव रंजन ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों के निष्पादन में संवेदनशीलता, जवाबदेही और पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने कहा कि प्रखंड और अंचल कार्यालय आम लोगों के लिए प्रशासन का सबसे नजदीकी केंद्र होते हैं। ऐसे में यहां आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिलना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान बिना अनावश्यक विलंब के होना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व, प्रमाण पत्र, म्यूटेशन, शिकायत या योजनाओं से जुड़े मामलों में लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी मामले में तकनीकी या कानूनी अड़चन हो, तो संबंधित व्यक्ति को स्पष्ट जानकारी दी जाए और समाधान की दिशा में मदद की जाए। प्रशासन की जिम्मेदारी केवल फाइल निपटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के विश्वास को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

कार्यालय व्यवस्था, अभिलेख संधारण और जन शिकायतों के निष्पादन की समीक्षा
DM ने चाकुलिया प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में अभिलेखों के संधारण, कार्यालय की व्यवस्था और जन शिकायतों के निष्पादन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने रिकॉर्ड प्रबंधन, दस्तावेजों के रखरखाव, लंबित आवेदन, शिकायत निवारण प्रणाली और कार्यालय के समग्र संचालन पर अधिकारियों से जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि कार्यालय में अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए बेहद जरूरी है। यदि रिकॉर्ड व्यवस्थित होंगे, तो किसी भी मामले का निस्तारण समय पर और सही तरीके से किया जा सकेगा। साथ ही उन्होंने जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी बल दिया और कहा कि शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए, बल्कि उन्हें प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए।
बेहतर नागरिक सेवाएं देने पर विशेष बल
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों और कर्मियों को यह भी निर्देश दिया कि कार्यालय आने वाले लोगों को बेहतर नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी समस्या या जरूरत को लेकर आता है। ऐसे में उसकी बात को गंभीरता से सुना जाए और उसे सम्मानजनक व्यवहार के साथ आवश्यक सेवा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर दिलाना, प्रमाण पत्र या अन्य सेवाओं में देरी न करना, और शिकायतों का समाधान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए कार्यालय स्तर पर कार्य संस्कृति में सुधार, जवाबदेही और समन्वय की आवश्यकता है। यदि अधिकारी और कर्मचारी जनहित को प्राथमिकता देंगे, तो शासन की छवि और जनता का भरोसा दोनों मजबूत होंगे।
कई अधिकारी रहे मौजूद, समन्वित कार्यशैली पर जोर
इस निरीक्षण के दौरान DM के साथ उप विकास आयुक्त, अपर उपायुक्त, एसडीओ घाटशिला, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक टीम की मौजूदगी यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन चाकुलिया क्षेत्र में विकास कार्यों, राजस्व मामलों और जनसेवा से जुड़े विषयों को गंभीरता से ले रहा है। उपायुक्त ने अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर बल दिया, ताकि योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
चाकुलिया अंचल एवं प्रखंड कार्यालय का DM श्री राजीव रंजन द्वारा किया गया निरीक्षण प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इस निरीक्षण के माध्यम से SIR-2026 अभियान, विकास योजनाओं, राजस्व एवं भूमि मामलों, जन शिकायतों और नागरिक सेवाओं की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि हर योजना और हर प्रशासनिक प्रक्रिया का केंद्र आम नागरिक होना चाहिए।

विशेष रूप से मतदाता सूची पुनरीक्षण में तेजी, विकास योजनाओं की गुणवत्तापूर्ण मॉनिटरिंग, भूमि-राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण और बेहतर नागरिक सेवाओं पर दिया गया जोर आने वाले समय में चाकुलिया प्रखंड क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और मजबूत कर सकता है। यह निरीक्षण केवल समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे यह संकेत भी मिला कि जिला प्रशासन जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मामलों को लेकर गंभीर है।


















