
पूर्वी सिंहभूम: DM जिले में राजस्व संग्रहण, भू-अर्जन, नीलाम पत्र मामलों और सरकारी एवं डीम्ड लीज भूमि पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को वर्तमान वित्तीय वर्ष में बेहतर कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में राजस्व संग्रहण की स्थिति, भू-अर्जन कार्यों की प्रगति, लंबित मुआवजा भुगतान, सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और नीलाम पत्र मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को गत वर्ष की कमियों से सीख लेते हुए इस वर्ष बेहतर प्रदर्शन करने पर विशेष जोर दिया।
राजस्व संग्रहण में पिछले वर्ष से बेहतर प्रदर्शन का निर्देश
बैठक में DM ने राजस्व संग्रहण से जुड़े सभी विभागों की क्रमवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो विभाग पिछले वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं कर सके, वे अपनी कमियों का विश्लेषण कर बेहतर कार्ययोजना तैयार करें।
DM ने कहा कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही लक्ष्य निर्धारित कर राजस्व संग्रहण की दिशा में सक्रिय प्रयास शुरू किए जाएं ताकि वर्ष के अंत में अतिरिक्त दबाव की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन समर्पित करें, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख हो कि पिछले वर्ष लक्ष्य प्राप्त नहीं होने के पीछे क्या कारण रहे।
होल्डिंग टैक्स और अवैध शराब कारोबार पर कार्रवाई तेज करने का निर्देश
बैठक के दौरान मानगो नगर निगम को होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए विशेष कैंप लगाने और लोगों को कर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा उत्पाद विभाग को अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के साथ-साथ राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।
वहीं निबंधन विभाग को प्रस्तावित नए दरों का प्रारूप तैयार कर राजस्व वसूली की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
नीलाम पत्र मामलों के निष्पादन में तेजी लाने पर जोर
DM ने बैठक में नीलाम पत्र से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को नियमित सुनवाई करते हुए लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक से पहले कम से कम 10 प्रतिशत लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि अन्य विभागीय कार्यों की तरह नीलाम पत्र मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर प्रतिदिन निष्पादित किया जाए।
म्यूटेशन और भूमि संबंधित आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन का निर्देश
बैठक में जमीन की खरीद-बिक्री, म्यूटेशन, भूमि सीमांकन, भूमि अभिलेख परिशोधन और लगान रसीद काटने से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा सेवा की गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों को लगान रसीद कटाने के लिए जागरूक और प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही सभी अंचलों में तहसील कचहरी का नियमित संचालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया ताकि स्थानीय स्तर पर भूमि संबंधित समस्याओं का समाधान किया जा सके।
जन शिकायतों के त्वरित समाधान का निर्देश
बैठक में जन शिकायतों से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागरिकों से प्राप्त शिकायतों पर समयबद्ध और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जनहित और व्यक्तिगत शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग समय पर प्रतिवेदन समर्पित करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता है।
भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में राष्ट्रीय और राजकीय महत्व की सड़क एवं रेलवे परियोजनाओं के लिए भूमि अर्जन कार्यों की समीक्षा भी की गई।
उपायुक्त ने लंबित मुआवजा भुगतान के मामलों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि वास्तविक लाभुकों की पहचान सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांवों में विशेष कैंप आयोजित कर मुआवजा भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की त्रुटियों का निराकरण किया जाए ताकि प्रभावित रैयतों को समय पर भुगतान मिल सके।
इसके लिए निर्माण एजेंसियों, संबंधित अंचलों, भू-अर्जन विभाग और रैयतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
सरकारी और डीम्ड लीज भूमि पर अतिक्रमण हटाने का अभियान
बैठक में सरकारी जमीन और डीम्ड लीज भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण की भी समीक्षा की गई।
DM ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी अभियान चलाया जाए। उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय, रांची द्वारा पारित आदेशों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में निदेशक एनईपी सह अपर उपायुक्त संतोष गर्ग, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम अर्णव मिश्रा, अनुमंडल पदाधिकारी घाटशिला सुनील चंद्र, जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय, उप नगर आयुक्त जेएनएसी कृष्ण कुमार, सभी अंचल अधिकारी, अभियंता, एनएचएआई और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सभी विभागों को राजस्व संग्रहण और प्रशासनिक कार्यों में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।
प्रशासन ने तय की सख्त कार्ययोजना
DM की अध्यक्षता में हुई इस बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला कि प्रशासन इस वर्ष राजस्व संग्रहण, भूमि प्रबंधन और अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीर है।
प्रशासनिक अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य निष्पादन, जन शिकायतों के समाधान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अब आने वाले दिनों में इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव दिखता है, इस पर जिलेवासियों की नजरें टिकी रहेंगी।









