चित्रकूट: उत्तर प्रदेश के Chitrakoot जिले में सामने आए गैंगरेप मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। 22 जुलाई 2026 को देवांगना एयरपोर्ट घाटी क्षेत्र में एक 20 वर्षीय छात्रा और उसके दोस्त के साथ हुई इस वारदात में आरोपियों ने खुद को वनकर्मी बताकर दोनों को अपने झांसे में लिया। इसके बाद छात्र को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की गई और छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीमों का गठन किया। मुख्य आरोपी को बाद में पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को एक 20 वर्षीय छात्रा अपने दोस्त के साथ चित्रकूट के देवांगना एयरपोर्ट घाटी क्षेत्र घूमने गई थी। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताते हुए दोनों को रोक लिया।
आरोपियों ने कथित रूप से उन्हें नियमों का हवाला देकर डराना-धमकाना शुरू किया। पहले दोनों से पूछताछ की गई और फिर उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद घटनाक्रम ने बेहद भयावह रूप ले लिया।
नकली वनकर्मी बनकर दिया वारदात को अंजाम
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने अपनी पहचान वनकर्मी के रूप में बताई ताकि छात्र और छात्रा उन पर विश्वास कर लें।
उन्होंने दोनों को यह कहकर डराया कि वे प्रतिबंधित क्षेत्र में मौजूद हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी बहाने आरोपियों ने उन्हें सुनसान स्थान पर रोक लिया और अपने कब्जे में कर लिया।
पुलिस का मानना है कि यह पूरी घटना पूर्व नियोजित हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
छात्र को बंधक बनाकर की गई मारपीट
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले छात्र को निशाना बनाया। उसके साथ कथित रूप से बेल्ट से मारपीट की गई और उसके हाथ-पैर गमछे से बांध दिए गए।
इतना ही नहीं, उसे पहाड़ी से नीचे फेंकने की धमकी देकर डराया गया ताकि वह किसी प्रकार का विरोध न कर सके। युवक के असहाय हो जाने के बाद आरोपी छात्रा को वहां से अलग ले गए।
छात्रा के साथ हुई दरिंदगी
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने छात्रा को झाड़ियों की ओर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
जांच में दर्ज बयान के अनुसार, छात्रा ने आरोपियों से खुद को छोड़ देने की गुहार लगाई और लगातार विरोध करती रही। लेकिन आरोप है कि आरोपियों ने उसकी किसी भी अपील पर ध्यान नहीं दिया और अपराध को अंजाम दिया।
यह घटना सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
पुलिस ने बनाई कई विशेष टीमें
घटना की सूचना मिलते ही चित्रकूट पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कई विशेष जांच टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, पीड़ितों के बयान दर्ज किए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई।
मुख्य आरोपी पर था 50 हजार रुपये का इनाम
जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ भोला की पहचान की।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके खिलाफ 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। इसके बाद कई पुलिस टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी रहीं।
मुठभेड़ के बाद आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की संयुक्त टीम के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ भोला के पैर में गोली लगी।
इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया और बाद में कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
जांच एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
पुलिस जुटी साक्ष्य जुटाने में
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े सभी भौतिक और डिजिटल साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट, मेडिकल जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर केस को मजबूत बनाया जा रहा है ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ प्रभावी ढंग से मुकदमा चलाया जा सके।
कानून के तहत होगी सख्त कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच पूरी होने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ लागू कानूनों के तहत आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
Chitrakoot गैंगरेप मामला प्रदेश के हाल के सबसे गंभीर आपराधिक मामलों में से एक माना जा रहा है। आरोप है कि अपराधियों ने नकली वनकर्मी बनकर छात्रा और उसके साथी को धोखे से अपने कब्जे में लिया और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया तथा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।















