
जमशेदपुर: जमशेदपुर में आज कायस्थ एकता मंच के बैनर तले मृतक संजय श्रीवास्तव के परिवार की सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन हुआ। उपायुक्त कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में चित्रांश समाज के लोग एकत्रित हुए और उपायुक्त व वरीय एसएसपी को लिखित ज्ञापन सौंपा।

15 दिन बाद भी कार्रवाई अधूरी
आंदोलनकारियों ने बताया कि पिछले 15 दिन पहले भी इसी मुद्दे पर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब भी 5 आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जबकि उनके इलाके में खुलेआम देखे जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
हत्या की पृष्ठभूमि
- 17 मार्च 2025 को जमीन विवाद को लेकर 14–15 लोगों ने मिलकर संजय श्रीवास्तव की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
- इस मामले में अब तक 9 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं, लेकिन 5 अपराधी फरार हैं।
- मृतक परिवार पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि फरार आरोपी चार बेटियों को जान से मारने और केस खत्म करने की धमकी तक दे रहे हैं।
समाज की एकजुटता और प्रशासन से मांग
कायस्थ एकता मंच का कहना है कि परसुडीह थाना की लापरवाही के कारण फरार अपराधियों का मनोबल बढ़ा है। मंच ने प्रशासन से स्पष्ट कहा कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख लोग
इस मौके पर बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। इनमें प्रमुख नाम हैं –
शुभम सिन्हा (युवा नेता), अजय सिन्हा, अशोक सिन्हा, निलरंजन सिन्हा, अमरीक श्रीवास्तव, अंकिता श्रीवास्तव, सुप्रिया श्रीवास्तव, सुशीला देवी, आलोक सिन्हा, मनोरंजन सिन्हा, मनोज गौशाल, उर्मिला देवी, सुष्मिता कुमारी, प्रदीप रंजन, कृष्णा श्रीवास्तव, अमरेश श्रीवास्तव, संगीता श्रीवास्तव, मुरली प्रसाद वर्मा, कुलबास्कर सिन्हा, प्रदीप सिन्हा इत्यादि।
साफ है कि संजय श्रीवास्तव हत्याकांड पर अब समाज की आवाज और बुलंद हो रही है। सवाल यही है कि क्या प्रशासन इन फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिला पाएगा या नहीं?









































