
चाईबासा ( जय कुमार ) : 18 जून : बिरसिंह बिरुली भाजपा -आर. एस.एस. की भाषा बोल जनता को गुमराह कर रही है। श्री बिरुली ने भारतीय संविधान में दिए गए अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकार विरोधी भाषा बोल रहे हैं। यह बातें आज झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने गत दिनों अनुसूचित/जनजाति संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ पश्चिमी सिंहभूम के सचिव बिरसिंह बिरुली द्वारा झामुमो धर्मांतरित आदिवासियों के साथ दोहरा नीति अपनाने जैसे आरोप के विरुद्ध प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है।

श्री लागुरी ने कहा कि झामुमो एक राजनीतिक पार्टी है और राज्य के सभी जाति/ धर्म व लिंग के लोगों को एक साथ विकास के पथ पर लेकर आगे बढ़ रही है।
बिरसिंह बिरुली भाजपा-आर. एस. एस. की भाषा बोल जनता को गुमराह कर रही है : बुधराम लागुरी
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वैसे में श्री बिरुली द्वारा झामुमो पर एक विशेष समुदाय को लेकर किए टिप्पणी हास्यास्पद है। श्री लागुरी ने कहा कि भारतीय संविधान में भाषा तथा धर्म के के आधार पर अल्पसंख्यकों को स्वीकार करते हुए अनुच्छेद 29 और 30 में उनके संरक्षण के प्रावधान किए गए हैं।
अल्पसंख्यक सामान्य व्यक्तिगत अधिकार हैं जो नस्लीय, जातीय, वर्गीय, धार्मिक, भाषाई या लैंगिक और लैंगिक अल्पसंख्यकों के सदस्यों पर लागू होते हैं और साथ ही किसी भी अल्पसंख्यक समूह को दिए गए सामूहिक अधिकार भी है। इसलिए झारखंड मुक्ति मोर्चा राज्य में जाति या धर्म पर राजनीति नहीं करती है बल्कि पार्टी का सोच ही है कि सभी जाति और धर्म को एक साथ विकास के पथ पर ले जाना ही अपना मूलमंत्र है। इसलिए झामुमो ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में वर्ग संगठनों के विस्तार में सभी जाति और धर्म के लोगों को स्थान देने का कार्य किया है।











































